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UPI Train Ticket Booking : सामान्य रिटेल स्टोर्स या अन्य मर्चेंट पेमेंट्स में ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर 0.4% तक का MDR लागू होगा. लेकिन, रेलवे टिकट बुकिंग पर केवल पांच रुपये फीस ही लगेगी. यह फीस कौन क्या आपको चुकानी होगी, जानिए..
यूपीआई फीस 15 अक्टूबर से लागू होगी.
नई दिल्ली. डिजिटल पेमेंट की दुनिया में 15 अक्टूबर से एक बड़ा बदलाव होगा. यूपीआई (UPI) के जरिए 2000 से ज्यादा के भुगतानों पर 0.40 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा. रेलवे टिकट पर भी फीस लगाई गई है, लेकिन इसे आम मर्चेंट कैटेगरी से अलग रखा गया है. नए नियमों में रेलवे को यूटिलिटी, फ्यूल, टेलीकॉम और इंश्योरेंस जैसे आवश्यक क्षेत्रों की विशेष कैटेगरी में शामिल किया गया है. इसलिए यूपीआई से 2000 रुपये से ज्यादा कीमत की ट्रेन टिकट बुक करने पर फ्लेट 5 रुपये फीस लगेगी. बहुत से लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या यह फीस यात्रियों से वसूली जाएगी. या फिर इसे आईआरसीटीसी को देना होगा?
इस सवाल का सीधा और राहत भरा जवाब यह है कि यात्रियों को अपनी जेब से एक भी अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा. सरकारी नियमों के मुताबिक, एमडीआर हमेशा मर्चेंट यानी विक्रेता या सेवा प्रदाता से लिया जाता है और मर्चेंट इसे ग्राहकों पर नहीं डाल सकते. इसका सीधा अर्थ यह है कि अगर आप IRCTC ऐप या वेबसाइट से ₹3,000 का ट्रेन टिकट यूपीआई के जरिए बुक करते हैं, तो आपके बैंक खाते से ठीक ₹3,000 ही कटेंगे, ₹3,005 नहीं. यह पूरा खर्च मर्चेंट यानी रेलवे/IRCTC और बैंकों द्वारा ही वहन किया जाएगा.
रेल टिकट पर 0.4% एमडीआर नहीं लगेगा
सामान्य रिटेल स्टोर्स या अन्य मर्चेंट पेमेंट्स में ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर 0.4% तक का MDR लागू होगा. उदाहरण के लिए, किसी सामान्य दुकान पर ₹10,000 के भुगतान पर 0.4% के हिसाब से ₹40 का शुल्क बनता है. लेकिन रेलवे को यूटिलिटी, फ्यूल, टेलीकॉम और इंश्योरेंस जैसे आवश्यक क्षेत्रों की विशेष कैटेगरी में शामिल किया गया है. इस व्यवस्था के तहत, टिकट की कीमत चाहे जितनी भी हो, ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर मर्चेंट के लिए केवल फ्लैट ₹5 का MDR तय किया गया है.
रेलवे पर ₹18 करोड़ का बोझ
एक सामान्य यात्री के नजरिए से ₹5 की रकम मामूली दिख सकती है, लेकिन जब बात भारतीय रेलवे जैसे विशाल नेटवर्क की हो, तो यह आंकड़ा करोड़ों में पहुंच जाता है. रेलवे के अनुमानों के मुताबिक, यदि प्रतिदिन ₹2,000 से अधिक राशि वाले लगभग 1 लाख टिकट UPI से बुक होते हैं, तो रोजाना ₹5 लाख का एमडीआर जनरेट होगा. 365 दिनों के हिसाब से यह राशि एक साल में करीब ₹18.25 करोड़ तक पहुंच जाएगी.