संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी ट्रेडमार्क अंदाज में दुनिया भर के मामले सुलझाने का क्रेडिट खुद को दे दिया है. यूएन मुख्यालय में पोडियम संभालते ही ट्रंप ने दावा किया कि ‘अमेरिका इज बैक और आज हमारा देश इतिहास में सबसे ज्यादा मजबूत स्थिति में है’. अपने भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने बखान करना शुरू कर दिया कि अमेरिका कितनी तरक्की कर रहा है. उन्होंने ईरान और यूरोप को जमकर धोया है. ट्रंप ने ईरान पर गुस्सा तो दिखाया लेकिन ये भी बता दिया है कि मिडटर्म चुनावों के ठीक बाद ईरान के साथ पीस डील हो सकती है.
Trump Live On Iran : मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान के साथ डील?
ईरान के भविष्य को लेकर ट्रंप ने एक बड़ा सवाल उठाया. उन्होंने पूछा, ‘क्या ईरान के साथ कोई ऐसा समझौता होगा जिससे वो अपने देश का दोबारा निर्माण कर सकें, या फिर मुझे उस इस्लामिक गणराज्य को पूरी तरह तबाह कर देना चाहिए?’ उन्होंने आगे कहा कि वो ईरान को ऐसी तबाही की तरफ धकेल सकते हैं जहां से उसके बचने की कोई उम्मीद न रहे.
हालांकि, ट्रंप ने उम्मीद जताई कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के ठीक बाद ईरान के साथ एक समझौता हो सकता है. ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा कि ईरान शायद नवंबर चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है, लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि वो खुद इस चुनाव में उम्मीदवार ही नहीं हैं क्योंकि वो पहले ही भारी बहुमत से राष्ट्रपति का चुनाव जीत चुके हैं.
अमेरिका वापस आ गया है’, सीमाओं और अर्थव्यवस्था पर बड़ा दावा
न्यू यॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के पोडियम पर पहुंचते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और ताकतवर हो चुका है. ट्रंप ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जब उन्होंने पद संभाला था, तब अमेरिका की सीमाएं दुनिया में सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती थीं, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. उनकी सरकार ने इमिग्रेशन के नियमों को बेहद सख्त कर दिया है. ट्रंप का दावा है कि अब अमेरिका के पास अपने इतिहास की सबसे सुरक्षित सीमा है. उन्होंने कहा कि लगभग सभी अवैध रूप से रह रहे लोगों को देश से बाहर निकाल दिया गया है और अब बिना न्योते के कोई भी अमेरिका की सीमा में दाखिल नहीं हो सकता.
‘बाकियों ने सिर्फ बातें कीं, मैंने शांति बनाई’ 8 युद्ध खत्म कराने का दावा
संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप ने अपनी विदेश नीति और कूटनीति की सफलताओं का बखान किया. उन्होंने कहा कि दुनिया के बाकी नेता सिर्फ शांति की बातें करते रहे, लेकिन उन्होंने हकीकत में शांति कायम करके दिखाई. ट्रंप ने दावा किया कि दोबारा राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से अब तक उन्होंने 8 अलग-अलग युद्धों और विवादों को सुलझाने का महान काम किया है. हालांकि, अपनी इस शांति की कोशिशों के बीच उन्होंने ये भी याद दिलाया कि आतंकवाद को खत्म करने के नाम पर उनकी सरकार ने ईरान और वोनेजुएला की सरकारों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं, साथ ही अफ्रीका और मिडिल ईस्ट में आतंकी ठिकानों पर अमेरिकी हमलों को तेज किया है ताकि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो.
ईरान को साफ चेतावनी: परमाणु हथियार किसी हाल में नहीं बनने देंगे
ईरान के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप का रुख बेहद सख्त और आक्रामक नजर आया. उन्होंने कहा कि पिछले 51 सालों से ईरानी शासन ने खून-खराबे और कत्लेआम के जरिए पूरे मिडिल ईस्ट में तबाही और अराजकता फैलाई है. वो मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े गुंडे बने हुए थे, लेकिन अब उनका ये दौर खत्म हो चुका है. ट्रंप ने साफ किया कि वो ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे. उन्होंने खुलासा किया कि पिछले साल पद संभालते ही उन्होंने ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम और आतंकवाद का समर्थन बंद करने के बदले पूरी तरह से आर्थिक सहयोग देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. ट्रंप ने इसे ईरान की सबसे बड़ी भूल बताया.
दुनिया भर से ईरान के पूरे आर्थिक बहिष्कार की अपील
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में मौजूद सभी देशों से एकजुट होकर ईरान का पूरी तरह से आर्थिक बहिष्कार करने की अपील की. उन्होंने कहा कि जब तक ईरान व्यावसायिक जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नहीं छोड़ता और आतंकी संगठनों को मदद देना बंद नहीं करता, तब तक उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू रहने चाहिए. ट्रंप ने कहा कि ईरानी शासन आज कोई अपनी ताकत की वजह से हमलावर नहीं है, बल्कि वह अपनी कमजोरी और लाचारी की वजह से ऐसा कर रहा है. अगर दुनिया के सभी देश एकजुट हो जाएं, तो पिछले 51 सालों से चले आ रहे ईरानी आतंक के इस साए को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है.
वेनेजुएला के साथ इतिहास का सबसे बड़ा तेल समझौता
ऊर्जा बाजार को लेकर ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ 65 अरब बैरल तेल से जुड़ा इतिहास का सबसे बड़ा समझौता किया है.
- कच्चे तेल के दाम घटेंगे: ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते से पूरी दुनिया में ऊर्जा और तेल की कीमतें काफी नीचे आएंगी.
- बड़ी तेल कंपनियों की एंट्री: दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियां अब वेनेजुएला में निवेश कर रही हैं.
- 60% से ज्यादा तेल पर नियंत्रण: ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और वेनेजुएला को मिलाकर अब उनके पास दुनिया के कुल तेल भंडार का 60% से ज्यादा हिस्सा है.
क्यूबा के पर हमला, डेलीगेशन का वॉकआउट
क्यूबा का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां का कम्युनिस्ट शासन पूरी तरह नाकाम हो चुका है और वो बहुत जल्द गिर जाएगा.
- ट्रंप की तीखी टिप्पणी: उन्होंने कहा, ‘कम्युनिज्म कभी अमेरिका में नहीं आएगा, लेकिन क्यूबा में आजादी जरूर आएगी’.
- सदन से बाहर निकले प्रतिनिधि: जैसे ही ट्रंप ने ये बयान दिया, यूएन हॉल में मौजूद क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल ने विरोध जताते हुए भाषण का बहिष्कार किया और बाहर चले गए.
ग्रीनलैंड में बनेंगे दो बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डे
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ एक ‘बेहतरीन समझौता’ किया है. नॉर्थ अमेरिकी महाद्वीप के इस बेहद अहम रणनीतिक इलाके में अमेरिका अपनी बड़ी सैन्य मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है.
इस समझौते के तहत अमेरिका ग्रीनलैंड में दो बड़े सैन्य अड्डे बनाएगा.
ट्रंप के अनुसार, इससे अमेरिकी महाद्वीप और यूरोप दोनों की सुरक्षा मजबूत होगी और NATO को भी नई ताकत मिलेगी.
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत (ICC) पर कड़ा हमला बोलते हुए उसे ‘नियंत्रण से बाहर’ और एक ‘अपराधी संस्था’ करार दिया.
उन्होंने साफ किया कि अमेरिका अपने सैनिकों या किसी भी नागरिक पर ऐसे किसी भी ट्रिब्यूनल में मुकदमा नहीं चलने देगा, जिसका अमेरिका पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है.
ट्रंप ने ICC के सदस्य देशों से तुरंत इस संस्था से बाहर निकलने की अपील
संयुक्त राष्ट्र (UN) में सुधारों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने इतिहास में पहली बार यूएन के बजट में 15% की बड़ी कटौती की है.
- 4,000 से ज्यादा पद खत्म: बजट में इस कटौती की वजह से यूएन की नौकरशाही से 4,000 से ज्यादा पद खत्म कर दिए गए हैं.
- ग्लोबल टैक्स पर रोक: ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) द्वारा समुद्री शिपिंग पर 10 से 20% का ‘ग्लोबल कार्बन टैक्स’ लगाने की कोशिश को रोकने का दावा किया.
- ट्रंप का दोटूक बयान: उन्होंने कहा, ‘दुनिया की कोई एक सरकार नहीं है, और जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, तब तक कोई ग्लोबल टैक्स लागू नहीं होगा’.