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IRCTC share Target Price : एनालिस्ट्स के बुलिश रुख के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर कंपनी का कारोबारी बदलाव है. IRCTC एक एकीकृत सुपर ऐप विकसित कर रहा है, जहां रेल टिकट के साथ फ्लाइट, होटल, बस, कैटरिंग और हॉलिडे टूर पैकेज की एंड-टू-एंड बुकिंग एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी.
इस रेलवे शेयर में तेजी आने की भविष्यवाणी ब्रोकरेज ने की है.
नई दिल्ली. शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आईआरसीटीसी का शेयर एनालिस्ट्स की नजर में चढ़ गया है. पिछले एक साल में करीब 36 फीसदी गिर चुके इस शेयर में अब जोरदार तेजी आने की भविष्यवाणी ब्रोकिंग फर्म चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने की है. ब्रोकरेज का अनुमान हे कि वर्तमान स्तर से आईआरसीटीसी शेयर 20 फीसदी तक उछल सकता है. इसलिए ब्रोकरेज ने इस शेयर पर दांव लगाने की सलाह निवेशकों को दी है.
आईआरसीटीसी शेयर पिछले कुछ समय से सुस्त है. सोमवार को यह 471 रुपये पर बंद हुआ था. पिछले एक महीने में इस शेयर की कीमत 2 फीसदी गिरी है. छह महीने में यह रेलवे शेयर 8 फीसदी लुढ़का है. साल 2026 में इसका भाव 31 फीसदी गिर चुका है एक साल में यह करीब 36 फीसदी नीचे आ चुका है.
आईआरसीटीसी शेयर टारगेट प्राइस
चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने आईआरसीटीसी शेयर को ‘BUY’ रेटिंग देते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹560 रुपये तय किया है. यह 20% की तेजी की ओर इशारा करता है. बीएसई (BSE) पर करीब ₹37,700 करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी का 52-वीक हाई ₹736.80 है. यानी मौजूदा स्तरों से वैल्यूएशन काफी आकर्षक नजर आ रहा है.
गेम-चेंजर बनेगा सुपर ऐप
एनालिस्ट्स के बुलिश रुख के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर कंपनी का कारोबारी बदलाव (Business Transformation) है. वर्तमान में रेलवे के करीब 89% आरक्षित टिकट पहले से ही ऑनलाइन बुक हो रहे हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि कोर टिकटिंग में नए यूजर जोड़ने की रफ्तार अब सीमित हो रही है. यही वजह है कि कंपनी अब अपने विशाल यूजर बेस से प्रति ग्राहक औसत आय (ARPU – Average Revenue Per User) बढ़ाने पर काम कर रही है. IRCTC एक एकीकृत सुपर ऐप विकसित कर रहा है, जहां रेल टिकट के साथ फ्लाइट, होटल, बस, कैटरिंग और हॉलिडे टूर पैकेज की एंड-टू-एंड बुकिंग एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी. यह क्रॉस-सेलिंग मॉडल कंपनी के नॉन-टिकटिंग रेवेन्यू को मल्टी-फोल्ड रफ्तार दे सकता है.
वंदे भारत से कमाई की जोरदार आस
IRCTC की बैलेंस शीट को सबसे तगड़ा ऑपरेटिंग लीवरेज रेलवे के आधुनिकीकरण से मिल रहा है. कुल आरक्षित टिकटिंग में प्रीमियम एसी कैटेगरी का हिस्सा बढ़कर 51% के पार निकल चुका है. वर्तमान में देश भर में लगभग 164 वंदे भारत ट्रेनें दौड़ रही हैं.
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, इनकी संख्या वर्ष 2030 तक करीब 800 और वर्ष 2047 तक 4,500 तक पहुंचने का अनुमान है. इस नेटवर्क विस्तार से न सिर्फ हाई-मार्जिन टिकटिंग बढ़ेगी, बल्कि ऑन-बोर्ड फूड कैटरिंग और प्रीमियम पैकेजिंग सेगमेंट में भी भारी उछाल आएगा.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)