Shardiya Navratri 2026 Vahan: शारदीय नवरात्रि हिंदू कैलेंडर के सातवें माह आश्विन में आती है. आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होकर महानवमी तक मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है. इस प्रकार से नवरात्रि 9 दिनों की होती है. कभी कभी तिथियों के बढ़ने की वजह से नवरात्रि 10 दिनों की हो जाती है, तो कभी तिथियों के लोप होने से यह 8 दिनों की भी होती है. इस साल शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन गज पर यानि हाथी पर होने वाला है. मां दुर्गा इस पर सवार हो कर कैलाश से अपने मायके धरती पर आती हैं. उनके साथ भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय भी आते हैं. माता की सवारी या वाहन दिन के अनुसार तय होता है, जिस दिन से नवरात्रि का प्रारंभ होता है, उस दिन के निर्धारित वाहन से मां दुर्गा मायके आती हैं.
अक्टूबर 2026 में नवरात्रि कब है?
हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
देवीभागवत पुराण में बताया है कि जब नवरात्रि का शुभारंभ रविवार या फिर सोमवार को होता है, तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आती हैं.
शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे।
गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥
हाथी पर मां दुर्गा का आगमन शुभ है अशुभ?
जब मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होता है, तो वह मातारानी के भक्तों के लिए अत्यंत ही शुभ फलदायी होता है. नवरात्रि के 9 दिनों में मातारानी की कृपा से शुभता, सुख-समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है, वहीं अच्छी वर्षा भी हेती है, जिससे धरती धन और धान्य से परिपूर्ण हो जाती है.
कलश स्थापना मुहूर्त 2026
नवरात्रि के पहले दिन यानि प्रतिपदा को कलश स्थापना करते हैं. दुर्गा पूजा में कलश पूजन नवरात्रि का बड़ा ही महत्वपूर्ण चरण है. शास्त्रों के अनुसार, यदि आप अपने घर में कलश स्थापना कर रहे हैं तो यह साक्षात् देवी मां का ही स्वरूप है. ऐसे में कलश स्थापना के लिए सही मुहूर्त होना बेहद आवश्यक हो जाता है.
11 अक्टूबर को घटस्थापना और कलश पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 से लेकर 10:12 तक है. अलग-अलग स्थानों पर सूर्योदय के समय में अंतर होने की वजह से इस मुहूर्त का समय आगे या पीछे हो सकता है.
दुर्गाष्टमी और दशहरा कब है?
इस नवरात्रि में दुर्गाष्टमी 19 अक्टूबर को है. उस दिन नवरात्रि का हवन किया जाएगा. अगले दिन 20 अक्टूबर को दशहरा है. उस दिन प्रदोष काल में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा. यह असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है.
नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की 9 रात्रि हैं. इसमें जो मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा करता है, उसको मातारानी का अशीर्वाद प्राप्त होता है. उनकी कृपा से सभी शुभ मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. उसका घर धन, धान्य, सुख, समृद्धि से भर जाता है.