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Indore News: अविनाश शास्त्री ने पुलिस को बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर एक रुपये में नई वेब सीरीज देखने का ऑफर मिला था. लिंक पर क्लिक करते ही नई ऐप खुली, जिसे डाउनलोड करते ही उनकी बैंक खाते की डिटेल साइबर ठगों तक पहुंच गई.
इंदौर पुलिस को एक माह में ठगी की 72 शिकायतें मिली हैं. (सांकेतिक तस्वीर)
इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस को पिछले एक माह में दर्जनों शिकायतें ऐसी मिली हैं, जिसमें साइबर ठगों ने लोगों को नए तरीके से ठगा है. वे लोगों को केवल एक रुपये में नई वेब सीरीज दिखाने का लालच दे रहे हैं. जैसे ही कोई उनके जाल में फंस जाता है, तो वे सब्सक्रिप्शन के नाम पर उसे फर्जी लिंक भेजते हैं. इस लिंक पर क्लिक करते ही एक नया पेज खुलता है, जहां उनसे बैंक खाते, UPI, डेबिट कार्ड और अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है. जैसे ही लोग लालच में आकर अपनी जानकारी देते हैं, उनके बैंक अकाउंट से पैसे कट जाते हैं या हर माह ऑटो-पे का प्रोसेस शुरू हो जाता है.
मिली जानकारी के अनुसार, इंदौर क्राइम ब्रांच को पिछले एक महीने में ऐसी 72 शिकायतें मिली हैं. साइबर ठग जानबूझकर ऐसे कंटेट और वेब सीरीज के एपिसोड को चुनते हैं, जिन्हें लोग देखना पसंद करते हैं. पोस्ट पर ‘न्यू एपिसोड आउट नाउ’ और एक रुपये में देखने का लालच देते हुए मैसेज लिखे जाते हैं. इतना ही नहीं, पोस्ट पर चंद सेकंड का वीडियो और जुड़ने का लिंक शेयर किया जाता है.
एक रुपये में वेब सीरीज देखने का मिला था ऑफर
अविनाश शास्त्री ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर एक रुपये में लेटेस्ट वेब सीरीज देखने का ऑफर मिला था. लिंक खोलते ही नई ऐप खुली, जिसे डाउनलोड करते ही उनकी बैंक अकाउंट की डिटेल साइबर ठगों तक पहुंच गई. देखते ही देखते उनके अकाउंट से 10 हजार रुपये कट गए. उन्होंने बैंक जाकर अकाउंट ब्लॉक कराया और फिर क्राइम ब्रांच में शिकायत की. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
गूगल-पे पर शुरू हुआ ऑटो-पे
वहीं MBA के छात्र अनिकेत ने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल पर नए क्राइम पेट्रोल जैसे किसी सीरियल का एक शॉर्ट वीडियो आया था. इसपर ऑफर दिया हुआ था कि एक रुपये में पूरा एपिसोड देख सकते हैं. लिंक पर क्लिक करते ही उसके गूगल-पे पर ऑटो-पे शुरू हो गया. हर महीने खाते से रुपये कटने लगे. इसकी जानकारी उसे बैंक स्टेटमेंट से मिली. जिसके बाद ऑटो-पे बंद कराया.