Saree Styling Ideas: साड़ी पहनते समय पेटीकोट चुनना कभी सबसे सामान्य बात हुआ करती थी. साड़ी के नीचे सही फिटिंग वाला पेटीकोट हो तो ड्रेपिंग आसान लगती है और पूरा लुक भी सधा हुआ नजर आता है. लेकिन फैशन की दुनिया में अब यह पुराना नियम धीरे-धीरे बदलता दिख रहा है. नई पीढ़ी की महिलाएं साड़ी को पारंपरिक तरीके से पहनने के बजाय उसके साथ अलग-अलग लेयर और बेस आउटफिट आजमा रही हैं. कहीं साड़ी के नीचे पैंट नजर आती है तो कहीं स्कर्ट या ड्रेस का इस्तेमाल किया जा रहा है.
खास बात यह है कि ये Experiment सिर्फ रनवे तक सीमित नहीं हैं. पार्टी, फेस्टिवल और शादी के लुक में भी ऐसे ड्रेपिंग आइडिया देखने को मिल रहे हैं.
पेटीकोट की जगह क्या पहन रही हैं महिलाएं?
साड़ी के साथ पेटीकोट का रिश्ता काफी पुराना है. इसका मुख्य काम साड़ी को कमर पर सहारा देना और उसके प्लीट्स को सही आकार देना रहा है. लेकिन बदलते फैशन में अब महिलाएं साड़ी को सिर्फ पारंपरिक परिधान की तरह नहीं देख रहीं. इसे अपने मौजूदा वॉर्डरोब के दूसरे कपड़ों के साथ मिलाकर पहनने के Experiment किए जा रहे हैं. इनमें सबसे ज्यादा ध्यान पैंट के साथ साड़ी पहनने के तरीके ने खींचा है. साड़ी के नीचे स्ट्रेट पैंट, ट्राउजर या वाइड-लेग पैंट रखकर ड्रेप किया जाए तो पूरा लुक इंडियन और मॉडर्न का मिश्रण लगता है. खासकर उन लोगों के लिए यह स्टाइल दिलचस्प हो सकता है जिन्हें पारंपरिक साड़ी थोड़ी असहज लगती है.
पैंट के साथ साड़ी का नया अंदाज
पैंट के ऊपर साड़ी पहनने का फायदा यह है कि पूरा लुक ज्यादा स्ट्रक्चर्ड दिखाई दे सकता है. साड़ी का पल्लू पारंपरिक तरीके से रखा जा सकता है जबकि नीचे का हिस्सा पैंट को थोड़ा एक्सपोज करता है. इससे लुक में एक अलग सिल्हूट बनता है. ब्लैक, व्हाइट या बेज जैसे बेसिक रंग की पैंट के साथ प्रिंटेड या सिल्क साड़ी पहनी जा सकती है. वहीं साड़ी के रंग से मेल खाती पैंट रखने पर आउटफिट ज्यादा कोऑर्डिनेटेड नजर आता है. यह स्टाइल ऑफिस पार्टी से लेकर डिनर या फेस्टिव इवेंट तक के लिए अलग-अलग तरीके से तैयार किया जा सकता है.
स्कर्ट और ड्रेस भी बन रहे हैं बेस
कुछ फैशन लुक्स में साड़ी के नीचे लंबी स्कर्ट का इस्तेमाल भी देखने को मिलता है. फ्लोई स्कर्ट के साथ हल्की साड़ी पहनने पर ड्रेपिंग का अंदाज पारंपरिक पेटीकोट से अलग दिखाई देता है. अगर स्कर्ट का फैब्रिक और साड़ी का फैब्रिक एक-दूसरे से बहुत अलग न हो तो पूरा लुक ज्यादा संतुलित लगता है.
एक और Experiment साड़ी को ड्रेस के ऊपर पहनने का है. खासकर स्लीक या बॉडी-फिटेड ड्रेस के साथ हल्की साड़ी ड्रेप करने से इंडो-वेस्टर्न लुक तैयार किया जा सकता है. हालांकि इसमें साड़ी की लंबाई और ड्रेस की फिटिंग पर ध्यान देना जरूरी है. बहुत ज्यादा लेयरिंग करने पर आउटफिट भारी दिखाई दे सकता है.
हर साड़ी पर काम नहीं करेगा एक जैसा Experiment
यह भी समझना जरूरी है कि हर साड़ी को पेटीकोट के बिना पहनने का तरीका एक जैसा नहीं होगा. साड़ी का फैब्रिक, वजन, लंबाई और ड्रेपिंग स्टाइल काफी फर्क डालता है. हल्की और फ्लोई साड़ियों में ऐसे Experiment करना अपेक्षाकृत आसान लग सकता है. वहीं भारी साड़ी को सही तरह से संभालने के लिए पारंपरिक पेटीकोट या उचित बेस की जरूरत पड़ सकती है.
इसलिए सिर्फ ट्रेंड देखकर बेस आउटफिट बदलना जरूरी नहीं है. असली बात यह है कि साड़ी शरीर पर आराम से टिके और चलने-फिरने में परेशानी न हो. फैशन में Experiment का मकसद पारंपरिक तरीके को गलत साबित करना नहीं बल्कि अपने स्टाइल के हिसाब से नए विकल्प तलाशना है.
साड़ी फैशन में क्यों आ रहा है बदलाव?
आज साड़ी को स्टाइल करने के तरीके पहले की तुलना में काफी ज्यादा प्रयोगात्मक हो गए हैं. ब्लाउज की जगह शर्ट, जैकेट और कोर्सेट स्टाइल टॉप जैसे विकल्प पहले ही लोकप्रिय हो चुके हैं. अब साड़ी के नीचे पहने जाने वाले बेस के साथ भी Experiment इसी बदलाव का हिस्सा है.