शी जिनपिंग के डिनर में ट्रंप ने किसे नहीं बुलाया? एलन मस्क, जेफ बेजोस को मिला न्योता

शी जिनपिंग के डिनर में ट्रंप ने किसे नहीं बुलाया? एलन मस्क, जेफ बेजोस को मिला न्योता


शी जिनपिंग 23 सितंबर को अमेरिका पहुंच रहे हैं और अगले तीन दिन वॉशिंगटन में उनकी हर गतिविधि पर दुनिया की नजर रहेगी. यह उनका दूसरा राजकीय दौरा होगा. लेकिन इस पूरी यात्रा में सबसे ज्यादा चर्चा 24 सितंबर की उस डिनर पार्टी की है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे और अमेरिकी टेक जगत के दिग्गज एक ही टेबल पर नजर आएंगे. दिलचस्प सवाल यह नहीं है कि डिनर में कौन-कौन पहुंच रहा है, बल्कि यह है कि कौन इस खास दावत से बाहर रह गया है? अभी सामने आई रिपोर्टों में कई बड़े अमेरिकी नाम गायब हैं, जबकि जगह इतनी सीमित है कि ट्रंप ने खुद इसे ‘बहुत मुश्किल टिकट’ बताया है.

125 लोगों की जगह, हजारों की नजर

24 सितंबर की शाम व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में स्टेट डिनर होगा. ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन की मेजबानी करेंगे. व्हाइट हाउस के मुताबिक डिनर से पहले दोनों नेताओं के बीच औपचारिक कार्यक्रम और बातचीत होगी. लेकिन इस डिनर की खासियत सिर्फ राजनयिक प्रोटोकॉल नहीं है. इसमें अमेरिका की टेक और कारोबारी दुनिया के ऐसे चेहरे बुलाए गए हैं, जिनकी कंपनियों का चीन से सीधा कारोबारी रिश्ता है और जो AI, चिप, इलेक्ट्रिक कार, क्लाउड और सप्लाई चेन की दुनिया में बेहद अहम हैं. रिपोर्टों के मुताबिक आमंत्रित लोगों में एलन मस्क, जेफ बेजोस, सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन, टिम कुक, जेन्सेन हुआंग और माइकल डेल जैसे नाम शामिल हैं. सत्या नडेला और दूसरे बड़े कारोबारी नेताओं के भी शामिल होने की खबर है.

फेसबुक के मार्क जकरबर्ग नहीं बुलाए गए?

2015 में जब बराक ओबामा ने शी जिनपिंग के सम्मान में स्टेट डिनर दिया था, तब मार्क जकरबर्ग सबसे चर्चित मेहमानों में थे. व्हाइट हाउस की उस समय जारी सूची में टिम कुक, जकरबर्ग, मिस्टी कोपलैंड, मार्क क्यूबन और हॉलीवुड से जुड़े कई बड़े नाम शामिल थे. 2026 के लिए अब तक सामने आई डिनर गेस्ट लिस्ट की रिपोर्टों में मार्क जकरबर्ग का नाम नहीं है. इसका मतलब यह नहीं है कि आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि उन्हें बुलाया ही नहीं गया, क्योंकि अंतिम सूची में बदलाव संभव है. लेकिन रिपोर्टेड लिस्ट में उनका नाम गायब होना जरूर चर्चा का विषय है. एक कारण यह भी माना जा रहा है कि उन्होंने एक समय फेसबुक से ट्रंप को बैन कर दिया था.

हॉलीवुड भी इस बार गायब

2015 के डिनर की तस्वीरें निकालें तो माहौल सिर्फ टेक और कारोबार तक सीमित नहीं था. हॉलीवुड, मनोरंजन, कला और अमेरिकी राजनीति के कई बड़े चेहरे वहां मौजूद थे. ली डेनियल्स, मिस्टी कोपलैंड और मार्क क्यूबन जैसे नामों ने उस शाम को ग्लैमर भी दिया था. इस बार अब तक सामने आई लिस्ट बिल्कुल अलग तस्वीर दिखाती है. AI, चिप और टेक कंपनियों के सीईओ आगे हैं, जबकि हॉलीवुड या मनोरंजन जगत का कोई बड़ा नाम रिपोर्टेड सूची में नजर नहीं आ रहा.

यानी 2015 का संदेश था कि चीन से रिश्ता सिर्फ सरकारों का मामला नहीं है. 2026 की सूची से जो तस्वीर उभर रही है, उसमें अमेरिका-चीन रिश्ते का सबसे अहम मोर्चा तकनीक और कारोबार दिखाई देता है.

जैक मा भी इस बार नजर नहीं आ रहे

2015 में शी जिनपिंग ने अमेरिकी और चीनी टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ अलग बैठक भी की थी. उस दौरान Alibaba के जैक मा, टिम कुक, जेफ बेजोस और सत्या नडेला जैसे नाम चर्चा में रहे थे. इस बार सामने आई अमेरिकी डिनर सूची में जैक मा का नाम नहीं है. हालांकि यह भी याद जानना जरूरी है कि शी के साथ चीन से आने वाले कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की पूरी सूची अभी अलग विषय है.

एक दशक बाद बदला दिख रहा खेल

2015 में Facebook के मार्क जकरबर्ग चीन में Facebook पर प्रतिबंध के बावजूद शी के स्टेट डिनर में नजर आए थे. 2026 में उनकी जगह जैसी तस्वीर बन रही है, उसमें एलन मस्क, सैम ऑल्टमैन और जेन्सेन हुआंग जैसे चेहरे ज्यादा अहम हो गए हैं. यह बदलाव अपने आप में अमेरिका-चीन रिश्ते के बदलते फोकस को दिखाता है. तब इंटरनेट और सोशल मीडिया बड़ी कहानी थे. आज AI चिप, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रिक कार, दुर्लभ खनिज और तकनीकी सप्लाई चेन दोनों देशों की बातचीत के केंद्र में हैं.

11 साल बाद शी की वॉशिंगटन वापसी

शी जिनपिंग 23 सितंबर को अमेरिका पहुंचेंगे. ट्रंप खुद जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत करेंगे, जो सामान्य राजनयिक प्रोटोकॉल से अलग एक खास सम्मान है. 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत, सैन्य प्रदर्शन और द्विपक्षीय बातचीत के बाद शाम को स्टेट डिनर होगा. 25 सितंबर को ट्रंप और मेलानिया ट्रंप, शी और पेंग लियुआन के साथ चाय कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद दोनों दंपति नेशनल आर्काइव्स जाएंगे, जहां अमेरिकी-चीनी संबंधों से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज देखे जाएंगे. इसके बाद शी और पेंग की अमेरिका यात्रा समाप्त होगी.

यह शी जिनपिंग की 2015 के बाद पहली वॉशिंगटन राजकीय यात्रा है और दूसरी अमेरिकी स्टेट विजिट. दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब व्यापार, टैरिफ, दुर्लभ खनिज, AI और वैश्विक रणनीतिक तनाव जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में हैं.



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