वनडे में सबसे ज्यादा प्लयेर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने वाले 5 खिलाड़ी, 14 साल से अटूट है विश्व कीर्तिमान

वनडे में सबसे ज्यादा प्लयेर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने वाले 5 खिलाड़ी, 14 साल से अटूट है विश्व कीर्तिमान


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वनडे में सबसे ज्यादा प्लयेर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने वाले 5 खिलाड़ी

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5 player most player of the match awards in ODI: वनडे क्रिकेट के इतिहास में मैच का रुख बदलकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने वाले पांच महानतम खिलाड़ियों का दबदबा रहा है. सचिन तेंदुलकर यह अवॉर्ड जीतकर शीर्ष पर कायम हैं. उनके बाद सनथ जयसूर्या और आधुनिक युग के चेज मास्टर विराट कोहली का नाम आता है. वहीं, सर्वकालिक महान ऑलराउंडर जैक कैलिस और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज रिकी पोंटिंग दोनों ने एक समान यह अवॉर्ड जीते हैं.

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वनडे में सबसे ज्यादा बार प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने वाले 5 खिलाड़ी.

नई दिल्ली.  क्रिकेट के मैदान पर जीत सिर्फ रनों और विकेटों से तय नहीं होती, वह उस पल से तय होती है जब कोई एक खिलाड़ी पूरे मैच का रुख अपनी तरफ मोड़ देता है. वनडे क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई महान नाम हुए हैं, जिन्होंने अपनी कला से अनगिनत मुकाबले जिताए. जब भी कोई खिलाड़ी टीम की जीत का मुख्य सूत्रधार बनता है, तो उसे ‘मैन ऑफ द मैच’ यानी प्लेयर ऑफ द मैच के सम्मान से नवाजा जाता है. क्रिकेट के इस प्रारूप के इतिहास में 5 ऐसे दिग्गज रहे हैं, जिन्होंने इस अवॉर्ड पर लंबे समय तक अपना वर्चस्व बनाए रखा.

वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने का सर्वकालिक रिकॉर्ड भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के नाम दर्ज है. सचिन ने अपने लंबे और ऐतिहासिक करियर की शुरुआत 1989 में की थी और 2012 तक यानी 23 से भी अधिक वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर राज किया. इस दौरान उन्होंने भारत के लिए रिकॉर्ड 463 एकदिवसीय मुकाबले खेले. मैदान पर अपनी तकनीकी श्रेष्ठता और शांत एकाग्रता के लिए पहचाने जाने वाले सचिन ने 463 मैचों में कुल 62 बार प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार अपने नाम किया. यह आंकड़ा यह साबित करता है कि सचिन सिर्फ रन नहीं बनाते थे, बल्कि वे मैच जिताऊ पारियां खेलते थे. 90 के दशक में जब भारतीय बल्लेबाजी का भार काफी हद तक उन्हीं के कंधों पर होता था, तब उन्होंने दर्जनों मैचों को अकेले दम पर भारत के पक्ष में मोड़ा. 62 बार इस अवॉर्ड को जीतना एक ऐसा मील का पत्थर है, जिसके करीब पहुंचना भी किसी भी आधुनिक क्रिकेटर के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है.

विस्फोटक ओपनर सनथ जयसूर्या दूसरे नंबर पर
इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर श्रीलंका के बाएं हाथ के तूफानी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) का नाम आता है. 1989 से 2011 के बीच एशिया और श्रीलंका की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए जयसूर्या ने 445 वनडे मैच खेले. उन्होंने वनडे क्रिकेट में ओपनिंग बल्लेबाजी की परिभाषा को पूरी तरह से बदलकर रख दिया था. शुरुआती 15 ओवरों के फील्डिंग पाबंदियों का फायदा उठाकर मैच को पहले ही घंटे में विपक्षी टीम से दूर ले जाना उनकी खासियत थी. अपने करियर में 48 बार प्लेयर ऑफ द मैच बने जयसूर्या केवल बल्ले से ही नहीं, बल्कि अपनी प्रभावी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से भी कई बार मैच जिताऊ प्रदर्शन करते थे. उनकी इसी ऑलराउंड क्षमता और विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें 48 बार मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनाया.

आधुनिक युग का सबसे बड़ा चेज मास्टर विराट कोहली
इस लिस्ट में तीसरे पायदान पर भारत के आधुनिक महान बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) का नाम शामिल है. 2008 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज करने वाले कोहली ने 2026 तक 314 वनडे मैच खेलते हुए 45 बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता है. विराट कोहली की सबसे बड़ी ताकत लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच खत्म करने की उनकी अद्भुत क्षमता है. सचिन और जयसूर्या की तुलना में काफी कम मैच (314 मैच) खेलकर ही 45 बार यह अवॉर्ड जीतना उनके असाधारण अवॉर्ड-टू-मैच अनुपात को दिखाता है. जिस गति से कोहली ने अपने पूरे करियर में रन बनाए हैं, वह आधुनिक वनडे क्रिकेट में मैच जिताऊ निरंतरता की एक अनूठी मिसाल है.

क्रिकेट इतिहास का सबसे संपूर्ण ऑलराउंडर जैक कैलिस
दक्षिण अफ्रीका, अफ्रीका इलेवन और आईसीसी का प्रतिनिधित्व करने वाले जैक कैलिस को क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिना जाता है. 1996 से 2014 के बीच खेले गए अपने 328 वनडे मैचों में कालिस ने कुल 32 बार मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता. कैलिस का योगदान टीम के लिए दोहरा होता था. वह शीर्ष क्रम में आकर पारी को संभालते थे और साथ ही अपनी मध्यम तेज गेंदबाजी से विरोधी टीम के मुख्य बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने में माहिर थे. जब भी टीम संकट में होती, कैलिस अपनी ठोस बल्लेबाजी या सटीक गेंदबाजी से मैच का नक्शा बदल देते थे, जिसके दम पर उन्होंने अपने करियर में 32 बार यह व्यक्तिगत सम्मान हासिल किया.

ऑस्ट्रेलियाई दबदबे का सबसे मजबूत स्तंभ रिकी पोंटिंग
जैक कैलिस के बराबर ही 32 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के महान कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी जीते हैं. 1995 से 2012 के दौरान ऑस्ट्रेलिया और आईसीसी के लिए 375 वनडे मैच खेलने वाले पोंटिंग ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के उस दौर के प्रतीक थे, जब यह टीम दुनिया पर राज करती थी. तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए पोंटिंग की आक्रामक शैली और कप्तानी के दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें खास बनाती थी. विश्व कप जैसे बड़े मंचों पर उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं. उनके 375 मैचों में 32 बार मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना जाना यह दिखाता है कि ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक सफलताओं के पीछे पोंटिंग के बल्ले का कितना बड़ा योगदान था.



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