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Matar Kaise Ugaen : भले ही आपके पास बड़ा बगीचा न हो, फिर भी आप गमलों में मटर उगा सकते हैं. सही देखभाल के साथ, आप लगभग 50-60 दिनों में मटर की फलियां तोड़ना शुरू कर सकते हैं.
Matar Kaise Ugaen : सर्दियों के मौसम में हरी मटर की मांग बढ़ जाती है. अगर आपके पास बड़ा बगीचा नहीं है, तो आप गमलों में भी मटर उगा सकते हैं. इसके लिए ज़्यादा जगह की जरूरत नहीं होती. सही बीज, अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियमित देखभाल से आप लगभग 50-60 दिनों में मटर की फलियां पा सकते हैं, हालांकि इसमें लगने वाला समय मटर की किस्म, मौसम और देखभाल पर निर्भर करता है. आइए जानते हैं कैसे?
ऐसा गमला चुनें जो कम से कम 10-12 इंच गहरा हो और जिसमें मटर की बेलें आसानी से फैल सकें. ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद हों. मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिससे पानी आसानी से निकल जाए और उसमें पानी जमा न हो. आप सामान्य बगीचे की मिट्टी में अच्छी तरह से सड़ी हुई जैविक खाद या कम्पोस्ट के साथ थोड़ी मात्रा में रेत या कोकोपीट मिला सकते हैं. इससे मिट्टी भुरभुरी और हवादार बनी रहती है, जिससे जड़ों तक आसानी से हवा पहुंचती है.
बाज़ार से अच्छी क्वालिटी के मटर के बीज खरीदें. बीजों को मिट्टी में लगभग 1-2 इंच गहराई में बोएं और पौधों के बढ़ने के लिए उनके बीच पर्याप्त जगह छोड़ें. बीज बोने के बाद हल्का पानी दें. मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन बहुत ज़्यादा पानी न दें.
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मटर के पौधों को अच्छी तरह बढ़ने के लिए भरपूर रोशनी की जरूरत होती है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोज़ाना लगभग 5-6 घंटे धूप आती हो. मौसम और मिट्टी की नमी के हिसाब से पानी दें, सबसे अच्छा तरीका यह है कि दोबारा पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे. लगातार गीली मिट्टी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है.
जैसे-जैसे मटर का पौधा बढ़ता है, उसमें बेलें निकलती हैं. इसलिए, शुरुआत से ही गमले में लकड़ी की पतली खपच्चियां, जाली या कोई मज़बूत सहारा लगा दें. बेलों को धीरे-धीरे सहारे की तरफ बढ़ाएं. इससे पौधे को फैलने की जगह मिलती है और फलियां जमीन को छुए बिना विकसित हो पाती हैं.
पौधे में फूल आने के बाद फलियां बनने लगती हैं. जब फलियां हरी, भरी-पूरी और पूरी तरह विकसित दिखें, तब आप उन्हें तोड़ सकते हैं. सही समय पर तुड़ाई करने से पौधे में नई फलियां आने को बढ़ावा मिलता है.