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अजय देवगन और तब्बू की फिल्म दृश्यम 3 को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है. फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक ने बताया कि दृश्यम 3 मोहनलाल की फिल्म की रीमेक नहीं है. इसकी कहानी उन्होंने खुद लिखी है. साथ ही डायरेक्टर ने फिल्म के चौथे पार्ट को लेकर बड़ी अपडेट दी.
‘दृश्यम 3’ गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को रिलीज हो रही है,
नई दिल्ली. अजय देवगन और तब्बू की सुपरहिट फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ की तीसरी फिल्म ‘दृश्यम’ 3 अगले महीने थिएटर्स में रिलीज होने जा रही है. फिल्म 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर आएगी. इसको तब्बू और अजय की फिल्म का आखिरी पार्ट बताया जा रहा था, लेकिन इसी बीच मलयालम में मोहनलाल की फिल्म ‘दृश्यम’ के अगले पार्ट का ऐलान हो गया. अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’, मोहनलाल की मलयालम फिल्म की हिंदी रीमेक है. ऐसे में जब मोहनलाल चौथी बार ‘दृश्यम’ के साथ लौटने का ऐलान कर चुके हैं तो सवाल उठना लाजमी है कि क्या हिंदी में ‘दृश्यम’ का चौथा पार्ट नहीं बनेगा.
अजय देवगन और तब्बू की फिल्म ‘दृश्यम’ का पहला पार्ट साल 2015 में आया था. इसका निर्देशन निशिकांत कामत ने किया था. वहीं ‘दृश्यम 2’ के निर्देशन की कमान अभिषेक पाठक ने संभाली और तीसरे पार्ट का निर्देशन भी वही कर रहे हैं. अजय देवगन और तब्बू की फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने फिल्म के चौथे पार्ट पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.
रीमेक नहीं है दृश्यम 3
बता दें कि साल 2022 में रिलीज हुई ‘दृश्यम 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाते हुए दुनिया भर में 345 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी, जो पहले पार्ट की कमाई से तिगुने से भी अधिक थी. हालांकि, निर्देशक का साफ कहना है कि तीसरे पार्ट के लिए वापसी करने के पीछे कभी भी कमर्शियल या व्यावसायिक फायदे की सोच नहीं थी. डायरेक्टर का कहना है कि ‘दृश्यम’ 3 की कहानी पूरी तरह से ओरिजिनल है जिसे उन्होंने लिखा है.
पैसे कमाने के लिए नहीं, बल्कि इमोशन से जुड़ी है फिल्म
फिल्म की लंबी मेकिंग और राइटिंग प्रोसेस पर बात करते हुए अभिषेक ने साझा किया, ‘ ‘दृश्यम 2’ के शानदार आंकड़ों के बाद हम चाहें तो एक या दो साल के भीतर ही अगला पार्ट लेकर आ सकते थे. लेकिन हमें चार साल लग गए, जिसमें से अकेले दो साल सिर्फ स्क्रिप्ट लिखने में खर्च हुए. हमने दर्शकों की उम्मीदों से एक कदम आगे रहने की कोशिश की है’.
खत्म हो रही विजय सालगांवकर की कहानी
‘दृश्यम 3’ के डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने साफ कर दिया कि अब फिल्म की कहानी खत्म हो चुकी है. तीसरे पार्ट के साथ विजय सालगांवकर की कहानी यहीं खत्म हो जाएगी. फिल्म के नाम में कंक्लुजन यानी कि आखिरी चैप्टर लिखा गया है जो साफ करता है कि फिल्म खत्म हो रही है. डायरेक्टर कहते हैं कि उन्होंने अच्छी कहानी लिखी है और अब वो इसे खींचने की बजाय यहीं खत्म कर देना चाहते हैं.