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Meri Fasal Mera Byora Portal : मेरी फसल-मेरी ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी, जो बीत चुकी है. बहुत से किसान रजिस्ट्रेनशन नहीं कराए पाए. ऐसे किसानों के पंजीकरण के लिए पोर्टल को 21 सितंबर से फिर खोला जा रहा है.
हरियाणा में सरकार उन्हीं किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदती है, जिनका पंजीकरण मेरा फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर होता है.
नई दिल्ली. अगर आप भी अपनी धान, नरमा, मूंग या बाजरे की फसल को मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके बेहद काम की है. हरियाणा सरकार ने उन हजारों किसानों को बड़ी राहत दी है, जो किसी कारणवश अपनी खरीफ फसलों का पंजीकरण ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर कराने से चूक गए थे. इस पोर्टल को एक बार फिर दोबारा खोला जा रहा है.
जो किसान 31 जुलाई की पिछली समयसीमा तक अपनी फसलों का ब्यौरा दर्ज नहीं करवा पाए थे, वे अब मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 21 से 27 सितंबर 2026 तक दोबारा रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. इसके लिए किसान को पहले संबंधित एसडीओ (सिविल) या एसडीएम कार्यालय में आवेदन देना होगा.
देनी होगी पूरी डिटेल
आवेदन पत्र में अपनी कृषि भूमि का पूरा ब्यौरा, खेवट नंबर, खसरा नंबर और फसल का वास्तविक क्षेत्रफल तथा फसल का प्रकार बताना होगा. आवेदन मिलने के बाद संबंधित राजस्व अधिकारी अधिकतम 3 दिनों के भीतर जमीन और फसल के दावों का भौतिक सत्यापन करेंगे. अगर दावा सही पाया गया तो किसान की फसल का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर कर दिया जाएगा.
क्यों जरूरी है रजिस्ट्रेशन?
हरियाणा में सरकार उन्हीं किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदती है, जिनका पंजीकरण मेरा फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर होता है. फसल बिक्री की पूरी राशि बिना किसी कमीशन या बिचौलिए के सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है. इसके अलावा किसानों के लिए चलाई जा रही कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी इस पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है.