मायावती ने फिर पलटा अपना फैसला, अब आकाश-दीपिका की कभी नहीं होगी एंट्री, ईशान पर जताया भरोसा

मायावती ने फिर पलटा अपना फैसला, अब आकाश-दीपिका की कभी नहीं होगी एंट्री, ईशान पर जताया भरोसा


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Mayawati News: बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर अपने फैसले को बदल दिया है. इसकी जानकारी उन्होंने ट्वीट के जरिए दी है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहा कि ईशान आनंद को जिम्मेदारी दी जा रही है.

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बीएसपी सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)

लखनऊः उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती इन दिनों पार्टी की कमान को लेकर लगातार संशय में चल रही हैं. यही वजह है कि वह लगातार अपने फैसलों में बदलाव कर रही हैं. इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर अपने फैसले को पलटते हुए अपने भाई आनन्द कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद को मौका दिया है. जबकि भतीजी दीपिका को जिम्मेदारी से साफ मना कर दिया है. इसकी जानकारी उन्होंने खुद पोस्ट के जरिए दी है.

बसपा सुप्रीमो ने किया ट्वीट
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर लिखा, ‘आज मेरा पुनः पार्टी के लोगों से यही कहना है कि मेरे ख़ुद के अनुभव को मद्देनज़र रखते हुये यदि इनको राजनीति में कामयाब होना है और समाज के लिए कुछ करना है तो उन्हें मेरी तरह अपने भाई-बहिनों व नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि के मोह से ऊपर उठकर अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करना है. इसीलिए बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी ने राजनीति में आने के बाद, फिर अपने सभी नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि को राजनीतिक लाभ देने से हमेशा दूर रखा है. उन्हें केवल निःस्वार्थ भावना से पार्टी संगठन में कार्य करने की ही इजाज़त दी है. इतना ही नहीं बल्कि इन्होंने अपनी पूरी ज़िन्दगी, अपना ख़ुद का परिवार ना बनाकर, ’बहुजन समाज’ के हित व कल्याण के लिए ही समर्पित की है.

आकाश आनंद पर गंभीर आरोप
अपने ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा, ‘जिनसे प्रेरित होकर फिर मैंने भी उन्हीं के ही पदचिन्हों पर चलने का फैसला लिया और अपनी पूरी ज़िन्दगी ’बहुजन समाज’ के लिए समर्पित कर दी है. लेकिन मैं एक लड़की होने की वजह से फिर मजबूरी में मुझे अपने किसी ना किसी भाई-बहिन आदि को हमेशा अपने साथ रखना पड़ा है. जिसके तहत् ही मेरा छोटा भाई श्री आनन्द कुमार यह पिछले काफी वर्षों से मेरी सेवा में कार्यरत है और इनके विशेष आग्रह करने पर फिर इनके परिवार में से मुझे इनके बड़े बेटे श्री आकाश आनन्द को राजनीति में आगे करना पड़ा है. जिनकी शादी होने के बाद से अब श्री आकाश आनन्द का क़दम-क़दम पर ऐसा रवैया व गतिविधियाँ आदि रही हैं कि जिसकी वजह से अभी कुछ दिन पहले फिर से इनको पार्टी से अलग भी करना पड़ा है. अर्थात् अब वह अपने ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ के जंजाल में पूरी तरह से फंस चुके हैं, जिसे अब पार्टी में वापिस लेना यह पार्टी के लिए बहुत बड़ा विश्वासघात ही होगा, जो मैं यह पार्टी विरोधी ग़लत कार्य कदापि नहीं कर सकती हूं.’

दीपिका की शादी के बाद का सोचकर मायावती ने पलटा फैसला
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट में लिखा कि ऐसे में अब मैं श्री आनन्द कुमार के परिवार में से किसको पार्टी में आगे करूँ या ना करूँ, यह मेरे लिए पिछले कुछ समय से काफी दुविधा सी बनी हुई है. जिस पर विराम देते हुए अब मैंने हर पहलू पर काफी गम्भीरता से सोच-विचार करने के बाद यह फैसला लिया है कि इनके परिवार में से ऐसे किसी सदस्य को अब पार्टी में आगे किया जाये, जो आकाश के नक्शेकदम पर बिल्कुल भी ना चले. और जहाँ तक आगे चलकर, इनकी बेटी की मदद लेने का सवाल है तो इनकी शादी होने के बाद, फिर इनका मामला भी यदि श्री आकाश आनन्द की तरह ही निकल गया तो यह भी पार्टी हित में सही नहीं होगा.’

ईशान आनंद को मिली जिम्मेदारी
बसपा सुप्रीमो मायावती ने लिखा कि ऐसी सम्भावना को भी ध्यान में रखकर अब पार्टी हित में यही उचित होगा कि श्री आकाश आनन्द व इनकी बहिन को भी अब पार्टी की कोई भी ज़िम्मेवारी देने से इन दोनों को एकदम दूर रखा जाये. अर्थात् अब इनके इस फैसले में कोई भी फेरबदल नहीं किया जायेगा और अब इन दोनों के स्थान पर श्री आनन्द कुमार के परिवार में से केवल श्री ईशान आनन्द को ही, पार्टी में सम्मानजनक ज़िम्मेवारी देकर इनको आगे किया जायेगा, जिसका श्री आकाश आनन्द व इनकी बहिन की तरह कभी भी कोई चक्कर नहीं रहेगा. अभी तक ऐसा ही लग रहा है. आगे तो कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. फिर भी यदि इन्होंने पार्टी विरोधी ऐसा कोई भी गम्भीर कृत्य किया तो फिर इनको भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा.’



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