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हर शादी और जश्न की जान बन चुके 90 के दशक के एक बेहद लोकप्रिय राजस्थानी ट्रैक को आपने भी कभी न कभी जरूर गुनगुनाया होगा. अनिल कपूर और श्रीदेवी की फिल्म का यह गाना आज भी हर पार्टी की शान है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे पूरी दुनिया खुशियों का प्रतीक मानकर थिरकती है, वह असल में अपनों के वियोग में तड़पती महिलाओं का एक दर्दभरा विरह गीत है? इस गाने का इतिहास बेहद अनोखा है.
साल 1991 में रिलीज हुआ था श्रीदेवी का यह सदाबहार गाना.
नई दिल्ली. स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपने करीब आठ दशक लंबे सुनहरे करियर में अनगिनत कालजयी नगमे दिए हैं. इन्हीं में से एक ऐसा सुपरहिट गाना है, जिसे रिलीज हुए 35 साल बीत चुके हैं लेकिन इसकी दीवानगी आज भी रोडवेज बसों से लेकर शादी-समारोहों तक में देखने को मिलती है. हम बात कर रहे हैं साल 1991 में आई अनिल कपूर और श्रीदेवी की फिल्म ‘लम्हे’ के मशहूर गाने ‘मोरनी बागा मा बोले’ की. शादी-ब्याह और जश्न के दौरान बजाया जाने वाला यह जोशीला ट्रैक असल में राजस्थान की सदियों पुरानी लोक संस्कृति का हिस्सा है.
अक्सर लोग इस गाने को एक खुशियों भरा सेलिब्रेशन सॉन्ग मानते हैं, मगर बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका असली इतिहास राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और बंजारा समुदाय से जुड़ा हुआ है. प्राचीन समय में जब बंजारे या पुरुष वर्ग आजीविका कमाने और रोजी-रोटी के सिलसिले में घर-परिवार से मीलों दूर रेगिस्तान में चले जाते थे, तब पीछे रह गईं महिलाएं उनके लौटने के इंतजार और विरह के दर्द को बयां करने के लिए यह गीत गुनगुनाती थीं. यह पूरी तरह से मारवाड़ी लोक परंपराओं से उपजा एक दर्दभरा विरह गीत है.
आनंद बख्शी ने लिखे गाने के बोल
इस गीत की सबसे बड़ी खूबी इसकी मांड शैली है, जो राजस्थान के प्रसिद्ध पारंपरिक रागों और मारवाड़ी लोकसंगीत का एक बेहद खूबसूरत प्रकार माना जाता है. दिग्गज गीतकार आनंद बख्शी ने इस गाने के बोल लिखते समय राजस्थानी माटी की खुशबू और लोकभावनाओं का पूरा ख्याल रखा था, जबकि मशहूर संगीतकार जोड़ी शिव-हरि (पंडित शिवकुमार शर्मा और हरिप्रसाद चौरसिया) ने इसकी पारंपरिक धुन को बेहतरीन तरीके से पिरोया.
लता मंगेशकर का कालजयी गाना
यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘लम्हे’ में श्रीदेवी पर फिल्माए गए इस गीत की शुरुआत ईला अरुण की दमदार राजस्थानी आवाज से होती है, जिसके बाद लता मंगेशकर की रूहानी गायकी इसे एक अलग ही बुलंदी पर ले जाती है. फिल्म ‘लम्हे’ सिर्फ अपनी अलग कहानी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर म्यूजिक एल्बम के लिए भी जानी जाती है. लता मंगेशकर के साथ-साथ हरिहरन, सुरेश वाडेकर और पामेला चोपड़ा जैसी दिग्गज हस्तियों की आवाजों से सजे इस फिल्म के गानों ने भारतीय संगीत के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराया है.