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देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब राजनीति में विरोधी उन पर पत्थर उछालते हैं, तो वे बेवजह के विवादों में उलझने के बजाय कछुए की तरह अपने कवच में सिमटकर सिर्फ अपने काम पर फोकस करते हैं. क्षणिक चर्चा बटोरने वालों को आईना दिखाते हुए उन्होंने साफ कहा कि सस्ती पब्लिसिटी पाने वाले जल्द भुला दिए जाते हैं, जबकि सही नीयत से लिए गए कड़े फैसलों के ठोस परिणाम पीढ़ियों तक याद रखे जाते हैं.
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सही रास्ते पर हूं तो रुकने का सवाल ही नहीं. (फाइल फोटो)
मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों के हमलों का जवाब एक अनोखे अंदाज में दिया है. अपने काम करने के तौर-तरीकों पर उठ रहे सवालों पर चुप्पी तोड़ते हुए उन्होंने साफ किया कि उनकी चाल कछुए जैसी धीमी बिल्कुल नहीं है, लेकिन वे प्रेरणा कछुए के धैर्य और अनुशासन से ही लेते हैं. फडणवीस ने कहा कि जब राजनीति में विरोधी उन पर पत्थरबाजी करते हैं या तीखे हमले बोलते हैं, तो वे कछुए की तरह अपने सुरक्षा कवच में सिमटकर केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते हैं.
काम के नतीजों से तय होती है सियासत
सीएम फडणवीस ने विरोधियों को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति में क्षणिक चर्चा और सस्ती पब्लिसिटी पाने वाले लोग बहुत जल्दी भुला दिए जाते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि लिए गए फैसलों के ठोस परिणाम और जमीनी काम ही इतिहास में दर्ज होते हैं. जनता इन सकारात्मक बदलावों को पीढ़ियों तक याद रखती है.
फडणवीस ने साफ शब्दों में कहा, ‘अगर मेरा भरोसा पक्का है और मैं सही काम कर रहा हूं, तो फिर चाहे जितनी भी आलोचना हो, मैं लगातार और दृढ़ता से आगे बढ़ता रहता हूं.’ अपनी कार्यशैली की व्याख्या करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वे विवादों में उलझने के बजाय लक्ष्य पर नजर बनाए रखने के कायल हैं.
आलोचकों के हमले तेज होने पर वे फालतू बहस में पड़ने के बजाय कुछ देर शांत रहते हैं. माहौल सामान्य होते ही वे दोबारा दोगुनी ताकत से अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने में जुट जाते हैं. फडणवीस ने भरोसा जताया कि भले ही वे तेजी से फैसले लेते हैं और उनकी रफ्तार तेज है, लेकिन कछुए की निरंतरता का यह दर्शन उन्हें हमेशा अपने अंतिम लक्ष्य तक पहुंचाने में मददगार साबित होता है.