‘अब या तो ईसाई बनूं या जान दे दूं’… मंदिर जाने पर भड़की पत्नी, हिंदू पति गुहार लेकर पहुंचा DM के दफ्तर

‘अब या तो ईसाई बनूं या जान दे दूं’… मंदिर जाने पर भड़की पत्नी, हिंदू पति गुहार लेकर पहुंचा DM के दफ्तर


मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में धर्म परिवर्तन न करने पर एक पत्नी अपने पति को लगातार टॉर्चर कर रही है. वह अपने पति को झूठे केस में फंसाने की धमकी देती है, जिसके चलते शनिवार को पीड़ित पति हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां उसने आलाधिकारियों से मिलकर अपनी पत्नी से छुटकारा दिलाने की मांग की है. पीड़ित पति का कहना है कि या तो वह अपनी पत्नी के दबाव में आकर धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन जाए या फिर आत्महत्या कर ले, उसके पास अब ये दो ही रास्ते हैं.

दरसअल नगर कोतवाली क्षेत्र के रामलीला टिल्ला निवासी रविंद्र कुमार आज बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा था, जहां उसने आलाधिकारियों से मिलकर अपनी पत्नी के टॉर्चर से छुटकारा दिलाने की मांग की है. रविन्द्र का आरोप था कि उसकी शादी हिंदू रीति-रिवाज से 2017 में गोल्डी नाम की एक युवती के साथ हुई थी, जिससे उसके दो बेटियां भी हैं.

शादी के बाद पता चली असल सच्चाई
आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसे पता चला कि उसकी पत्नी और उसके परिवार ने ईसाई धर्म अपनाया हुआ है, जिसके चलते पति रविंद्र ने जब इसका विरोध किया तो उल्टा उसकी पत्नी और उसके ससुराल वाले उसपर ही धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने लगे थे. आरोप है कि उसे लगातार टॉर्चर किया जाता था. कभी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाती थी तो कभी बच्चों को मारने की धमकी देते थे, जिससे परेशान होकर आज ये पीड़ित पति रविन्द्र बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा था. यहां उसने अपनी पत्नी से छुटकारा दिलाने की आलाधिकारियों से मांग की है. इस मामले को लेकर पुलिस का भी कहना है कि धर्मांतरण का दबाव बनाने की शिकायत उन्हें मिली है, जिसकी जांच की जा रही है.

हिंदू रीति-रिवाज से हुई शादी
पीड़ित पति रविंद्र कहा कि मैं प्रजापत कुम्हार समाज से हूं. मेरी शादी हिंदू रीति-रिवाज से 2017 में हुई थी और जिससे मेरी शादी हुई थी, उनके पापा का नाम जितेंद्र है, जो रामलीला टीला के ही रहने वाले हैं. हिंदू रीति रिवाज से ही सनातन धर्म के अनुसार मेरी शादी हुई थी. कुछ समय बाद मुझे पता लगा कि मेरी पत्नी और जो उसका परिवार, बुआ है वह पहले से ही ईसाई धर्म में थे. मैंने उसका ऑब्जेक्शन उठाया था. उसके बाद उसके परिवार वालों और गांव ने बोला कि हमने समझा दिया है, आप इसको गुड़गांव में लेकर चले जाओ. लड़की ऐसे ही करेगी, जैसे आप हिंदू सनातन धर्म के हिसाब से ही करेंगे.

‘मेरे सामने कोई ऑप्शन नहीं’
पति ने कहा कि उसके बाद भी वह नहीं मानी, बहुत सारी दिक्कतें आई, उसके परिवार वालों ने हमेशा मुझे ही टॉर्चर किया है. मगर अब कंडीशन यहां आ गई है कि अभी यह कह रही है कि या तो पूरा ही कन्वर्ट हो या मैं आपके खिलाफ केस करूंगी और मुझे मेरे परिवार को अब सबको ईसाई बनना पड़ेगा, उसकी बुआ उसकी पांच बुआ है. दो बहेडी में रहती हैं, जो पूरे ईसाई बने हुए हैं. पांचों के पांचों बहेडी में ही वह इसी का पूरा चलते हैं. अब मैं जो आया हूं, हिंदू समाज के सामने मैं हाथ जोड़कर, क्योंकि मेरे सामने कोई ऑप्शन नहीं है. यही है कि या तो मैं आत्महत्या कर लूं या मैं फिर ईसाई बन जाऊं, इस तरह से मुझे टॉर्चर कर दिया है.

मेरी पत्नी का नाम गोल्डी है और दिसंबर 2017 में 8 दिसंबर 2017 में मेरी शादी हुई थी. दो बच्चे हैं, मेरे दो गुड़िया हैं, एक बच्ची मेरी साढ़े 6 साल की है, उसका नाम जो मैंने रखा हुआ है. सनातन धर्म के अनुसार कुवैती मिराया है. छोटे वाली लड़की अभी 25 में को हुई थी, इसमें गुड़गांव में ही उसका नाम मैंने देवासी रखा हुआ है और उसको वह स्टेला बोलती है.

‘मंदिर तू क्यों गया है?’
दिक्कत यह है कि अब वह यह कह रही है कि तू भी साहिबान और उसकी हुआ, उसके पापा कह रहे हैं कि इसी बंद, क्योंकि अभी कुछ दिन पहले मैं मेहंदीपुर बालाजी गया था, वहां भंडारा करके आया. उसके बाद उसने मेरे को कहा कि मंदिर तू क्यों गया है. इसलिए क्या वहां जाने का कोई मतलब बनता है, जहां वे कहते हैं कि तुझे वैसा ही करना पड़ेगा, नहीं तो तेरे और तेरे परिवार के खिलाफ हम उल्टे-सीधे मुकदमे दर्ज करवाएंगे. वे कहते हैं अपने परिवार और अपने भाई से कहो. उनकी इंटरनल फंडिंग होती है. वे जो काम करते हैं, उसके सबूत, वीडियो, फोटोग्राफ और अन्य साक्ष्य मेरे पास मौजूद हैं.

मैंने इसका विरोध किया था, लेकिन समाज, उसके पिता और बुआ ने कहीं न कहीं मुझे और मेरे परिवार को दबा दिया. हमें जबरन समझाया गया कि हमारी लड़की ने हर बार ऐसा ही किया है. अब वे साफ बोल रहे हैं कि जैसा हम कहते हैं, वैसा ही करो. लेकिन मैं अपना धर्म नहीं छोड़ूंगा. मैं हिंदू हूं, हिंदू ही रहूंगा. सनातन धर्म में पैदा हुआ हूं और सनातन में ही मरूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए, मैं अपना सनातन धर्म किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ूंगा.

बच्चों को जान से मारने की धमकी
मुझे लगातार धमकियां दी जा रही हैं. मेरे भाई को भी अलग-अलग नंबरों से धमकी दी जा रही है कि समझौता वापस लो और चुपचाप घर बैठ जाओ, जैसा हम तुम्हें और तुम्हारे छोटे भाई को समझा रहे हैं. मेरे बड़े भाई, उनके परिवार और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, जिससे वे सभी अत्यधिक तनाव और डिप्रेशन में हैं.

वहीं एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में इस तरह का मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति अपनी ही पत्नी पर अवैध धर्मांतरण कराने का दबाव बनाने का कुछ दबाव बनाने का आरोप लगा रहा हैं. यह मामला सामने आते ही पुलिस की ओर से लगातार इस घटना की जांच की जा रही है और समझा जा रहा है. अवैध धर्मांतरण से संबंधित जो भी तथ्य है. सारे ही साक्ष्य चैक किये जा रहे हैं. उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.



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