अपनी पत्नी को बेचो पर…युवराज मनचंदा मामले में होश उड़ाने वाले खुलासे
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Yuvraj Manchanda Murder Case: युवराज सिंह मनचंदा हत्याकांड में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं. युवराज की हत्या का आरोप जिस कपल पर लगा है, वे दोनों साइबर फ्रॉड का रैकेट भी चलाते हैं. पुलिस में दर्ज शिकायतों से इसका खुलासा हुआ है.
युवराज मनचंदा हत्याकांड में पुलिस ने कपल को गिरफ्तार किया है.
Yuvraj Manchanda Murder Case: युवराज मनचंदा हत्याकांड में आरोपी ‘किलर कपल’ को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मर्डर में मामले में फंसे कपल साइबर फ्रॉड और वसूली का नेटवर्क भी चलाते थे. इस बाबत पुलिस में दर्ज शिकायतों से इस बात का खुलासा हुआ है. रिपोर्ट की मानें तो इन्होंने अपने स्कूलमेट को भी नहीं बख्शा था. आरोप है कि आरोपी ने पीड़ित से कहा था कि चाहे अपनी पत्नी को बेचो, पर पैसे दो. इस सनसनीखेज खुलासे से आरोपियों के क्रिमिनल रिकॉर्ड का भी पता चलता है.
गुरुग्राम में 6 सितंबर को कारोबारी अधिकारी युवराज सिंह मनचंदा की कथित हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी आन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों की भी परतें खुल रही हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या युवराज को आरोपी दंपति की कथित आपराधिक गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी मिल गई थी, जिसके चलते उसे निशाना बनाया गया.
जांच में क्या आया सामने
जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर अपने करीबी लोगों को भी ठगी का शिकार बनाते थे. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, संसद मार्ग थाने में अगस्त में दर्ज एक FIR के मुताबिक, सचदेवा के एक पूर्व स्कूलमेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की सहायक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी से कथित तौर पर 1.2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई. शिकायतकर्ता के मुताबिक, सितंबर 2024 में उसे व्हाट्सऐप पर प्रवर्तन निदेशालय के नाम से एक फर्जी नोटिस मिला था. आरोप है कि सचदेवा और वत्स ने खुद को ऊंचे संपर्कों वाला बताकर मामले को निपटाने की पेशकश की. इसके बाद कथित तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के नाम से भी फर्जी नोटिस भेजे गए और मनी लॉन्ड्रिंग, एनडीपीएस तथा यूएपीए जैसे कानूनों के तहत कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया गया.
करोड़ों रुपये की डिमांड
शिकायतकर्ता ने अपनी बचत, कर्ज और परिवार से उधार लेकर कथित तौर पर 1.2 करोड़ रुपये से अधिक रकम मुख्य रूप से वत्स के बैंक खाते में ट्रांसफर की. बाद में वत्स ने कथित तौर पर 26 करोड़ रुपये और मांगे. दावा किया गया कि उसके मामले को निपटाने के लिए 13.8 करोड़ रुपये सरकारी एजेंसियों को दिए जा चुके हैं. इसी दौरान शिकायतकर्ता को कथित तौर पर एक व्हाट्सऐप संदेश मिला, जिसमें पैसे लौटाने के लिए दबाव बनाया गया था. संदेश में लिखा था, ‘अपनी पत्नी को बेच दो… कुछ भी करो, बस यह पैसा चुका दो.’ पुलिस को सचदेवा की अलग रह रही पत्नी से जुड़े एक संपत्ति विवाद की भी जानकारी मिली है. सूत्रों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में करीब 4.5 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर भी कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पत्नी की ओर से घरेलू हिंसा की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी.
फॉरेंसिक जांच
इधर, युवराज हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी दंपति के फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या दोनों ने शव को ठिकाने लगाने के तरीकों के बारे में इंटरनेट पर जानकारी खोजी थी. पुलिस ने एक अवैध पिस्तौल और युवराज की कार भी बरामद की है. हत्या के बाद उत्तराखंड भागते समय दोनों के वृंदावन में रुकने की जानकारी भी जांच का हिस्सा है.