दुनिया भर के एनर्जी मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है, दुनिया की कच्चे तेल की सप्लाई महीनों से रुकी पड़ी है. इसी बीच दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्ते यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक ऐसी खबर आई है जो किसी खुशखबरी से कम नहीं है. पिछले 6 महीनों से जहां सन्नाटा पसरा हुआ था और चारों तरफ सिर्फ की गंध आ रही थी, वहां अचानक कुछ ऐसा देखने को मिला है जिसकी किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी. खबर है कि एक तरफ ईरान-अमेरिका के बीच जंग के दौरान होर्मुज में तेल सप्लाई का एक बड़ा रिकॉर्ड बन गया है.
क्या है होर्मुज से आई बड़ी खुशखबरी?
दरअसल, दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पिछले 6 महीनों में पहली बार कच्चे तेल, भारी कार्गो और LNG जहाजों की अब तक की सबसे बड़ी आवाजाही दर्ज की गई है. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने शनिवार को एक बड़ा बयान जारी करते हुए बताया है कि पिछले दो हफ्तों में तगड़ी सिक्योरिटी के बीच 2,000 से ज्यादा कार्गो जहाज सुरक्षित तरीके से इस रास्ते से गुजरे हैं. इन जहाजों के जरिए पिछले कुछ महीनों में 1 अरब बैरल से भी ज्यादा कच्चा तेल दुनिया के अलग-अलग कोनों तक बिना किसी रुकावट के पहुंचाया गया है.
ईरान अटैक के बावजूद कैसे हुए ये करिश्मा?
ये खबर इसलिए भी बेहद चौंकाने वाली है क्योंकि ये बयान ठीक उस घटना के एक दिन बाद आया है, जब ईरान ने होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे एक तेल टैंकर पर हमला कर दिया था. इसके बावजूद अमेरिकी सेना ने साबित कर दिया कि वो इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह खुला और सुरक्षित रखने में कामयाब रहे हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के चीफ एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अमेरिकन नेवी और उनके सहयोगियों ने एक पावरफुल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी बनाई है. इस रणनीति के तहत बड़े-बड़े व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसी की बदौलत पिछले दो हफ्तों में इस होर्मुज से जितने कच्चे तेल, व्यापारिक सामान और LNG के जहाज गुजरे हैं, उतनी संख्या पिछले 6 महीनों में कभी देखने को नहीं मिली थी.
2,000 से ज्यादा जहाज और 1 अरब बैरल तेल का सुरक्षित सफर
होर्मुज की को दुनिया की ‘एनर्जी लाइफलाइन’ कहा जाता है. इस रास्ते से दुनिया के कुल कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा रोज गुजरता है. ये रास्ता ईरान ने जंग की वजह से ब्लॉक कर रखा है. कई देशों में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. रातों-रात पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतें बढ़ रही हैं. इस बीच अमेरिका धीरे-धीरे हालात ठीक करने की कोशिश में जुटा है.
एडमिरल ब्रैड कूपर ने आंकड़ों का खुलासा करते हुए बताया कि अमेरिकन नेवी ने गल्फ पार्टनर्स के साथ मिलकर एक बेहतरीन तालमेल बिठाया है. सभी ने मिलकर पिछले दो महीनों में 1 अरब बैरल से ज्यादा कच्चा तेल दुनिया भर के बाजारों तक सही सलामत पहुंचाया है. 2,000 से ज्यादा कमर्शियल शिप्स का सुरक्षित निकलना इस बात का सबूत है कि जंग और IRGC ब्लॉकेड के बीच भी तेल के जहाजों के निकलने की उम्मीद की जा सकती है.
समुद्री बारूदी सुरंगें हटाई गईं, ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह ठप
अमेरिकी सेना ने इस बात की भी पुष्टि की है कि होर्मुज के मुख्य समुद्री रास्तों को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है. पहले इस रास्ते में बिछाई गई बारूदी सुरंगों का भारी खतरा रहता था, जिससे टकराकर कोई भी जहाज तबाह हो सकता था. लेकिन अब मेन ट्रांजिट लेन से इन सभी खतरनाक माइंस को हटा दिया गया है, जिससे जहाजों की आवाजाही बिल्कुल सुरक्षित हो गई है.
इसके साथ ही अमेरिका ने ये बड़ा दावा भी किया कि सख्त आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से ईरान अपने कच्चे तेल का एक बैरल भी बाहर एक्सपोर्ट नहीं कर पाया है. यानी एक तरफ जहां दुनिया भर के कार्गो जहाज आसानी से तेल लेकर निकल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पाबंदियों के कारण ईरान का तेल बिजनेस पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है.
शुक्रवार को हुआ था हमला, ओमान के पास फैली थी दहशत
इस रिकॉर्ड आवाजाही से ठीक एक दिन पहले, यानी शुक्रवार को इस इलाके में भारी बवाल फैल गया था. ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ ने दावा किया था कि उसने टोगो का झंडा लगे एक तेल टैंकर ‘ट्रेंड’ पर हमला किया है. ईरान का आरोप था कि ये जहाज बिना इजाजत अवैध तरीके से होर्मुज को पार करने की कोशिश कर रहा था.
ईरानी गार्ड्स ने खुलेआम चेतावनी दी थी कि अगर कोई भी जहाज बिना इजाजत इस रास्ते से गुजरेगा, तो उसे पूरी तरह से तबाह कर दिया जाएगा. इस घटना के बाद ओमान के खसाब इलाके के आसपास एक जहाज पर अटैक की खबर सामने आई थी. हालांकि, ब्रिटेन की समुद्री व्यापार एजेंसी ने बाद में बताया था कि जहाज के चालक दल के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और समुद्र में किसी भी तरह के तेल लीक या पर्यावरण को नुकसान की खबर नहीं है.
इसके अलावा, UKMTO ने एक अन्य घटना की रिपोर्ट भी दी थी, जिसमें होर्मुज में एक टैंकर पर अज्ञात गोले से हमला हुआ था, अटैक की वजह से टैंकर में आग लग गई थी. गनीमत ये रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.
ड्रोन यूनिट और एयर डिफेंस: अमेरिकी सेना का नया ‘सुरक्षा कवच’
ईरान की तरफ से लगातार हो रहे हमलों और धमकियों से निपटने के लिए अमेरिकी सेना ने पूरे मिडिल ईस्ट में एक नया और मजबूत सिक्योरिटी घेरा तैयार किया है. एडमिरल कूपर ने बताया कि वो इस इलाके में अपने सभी पार्टनर देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
इस नए प्लान के तहत गल्फ देशों की एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है. इसके साथ ही एक बिल्कुल नई ‘कोलिशन अटैक ड्रोन यूनिट’ बनाई गई है. ये ड्रोन यूनिट हवा से समुद्र में होने वाली हर हलचल पर पैनी नजर रखेगी. इसका मकसद होर्मुज और आसपास के सभी समुद्री इलाकों को खुला, साफ और पूरी तरह सुरक्षित रखना है ताकि किसी भी आतंकी हमले का तुरंत मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके.