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Hanuman Ansh Turned Tide Against Toxic: एक तरफ यश की ‘टॉक्सिक’, दूसरी तरफ ‘आवारापन 2’ और बीच में फंसी थी ‘हनुमान अंश’. बड़े फिल्मों की एंट्री होते ही इसके थिएटर 350 से घटकर सिर्फ 25-30 रह गए. मेकर्स के सामने फिल्म को जारी रखने या रोक देने का सवाल था. लेकिन उन्होंने ऐसा फैसला लिया, जिसने पूरी बाजी पलट दी. अब प्रोड्यूसर ने बताया है कि आखिर कैसे बची ‘हनुमान अंश’ और कैसे हुआ चमत्का
नई दिल्ली. यश की ‘टॉक्सिक’ जैसी बड़ी फिल्म के सामने टिकना किसी छोटी फिल्म के लिए आसान नहीं था. ‘हनुमान अंश’ की टीम भी इस टक्कर को लेकर डरी हुई थी. हालात ऐसे बने कि फिल्म के थिएटर तेजी से घटने लगे और दूसरे हफ्ते तक सिर्फ 25-30 सिनेमाघर ही बचे. एक वक्त तो ऐसा आया जब लगा कि अब फिल्म थिएटर से बाहर हो जाएगी. लेकिन मेकर्स ने हार मानने के बजाय आखिरी वक्त में बड़ा फैसला लिया. हाल ही में ‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने बताया है कि कैसे ‘टॉक्सिक’ के सामने डरी हुई टीम ने फिल्म को बचाया और उसकी थिएटर जर्नी उम्मीद से कहीं आगे निकल गई. ये चमत्कार था या नीम करौली बाबा की कृपा?
‘हनुमान अंश’ की रिलीज को दौरान एक वक्त ऐसा आया था जब थिएटर्स की संख्या घटकर महज 25 रह गई थी और फिल्म के डिब्बे बंद होने की नौबत आ गई थी। लेकिन एक डायलॉग और अटूट भरोसे ने न केवल फिल्म को बचाया, बल्कि इसे साल की सबसे बड़ी सरप्राइज ब्लॉकबस्टर बना दिया. स्क्रीन के साथ एक बातचीत में रागिनी सोना फिल्म के कठिन और भावुक सफर के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे एक समय फिल्म को सिनेमाघरों से हटाए जाने का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और उनकी टीम ने हार नहीं मानी. फाइल फोटो
रागिनी सोना ने उस दौर को याद करते हुए बताया जब फिल्म का थिएटर्स में टिके रहना लगभग नामुमकिन लग रहा था. उन्होंने बताया कि फिल्म ने अपने पहले हफ्ते में 350 सिनेमाघरों के साथ एक सामान्य शुरुआत की थी. लेकिन दूसरे हफ्ते में ‘टॉक्सिक’ और ‘आवारापन 2’ जैसी दो विशाल बजट वाली फिल्मों के रिलीज होते ही ‘हनुमान अंश’ के स्क्रीन काउंट में भारी गिरावट आई और यह महज 25 से 30 थिएटर्स तक सीमित रह गई. फाइल फोटो
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उन्होंने आगे कहा कि इतने बड़े पैमाने पर शो कम होना बहुत बड़ा झटका था, लेकिन राहत की बात यह थी कि फिल्म का बिजनेस नहीं गिरा था. यही हमारे लिए उम्मीद की एकमात्र किरण थी. आखिरी वक्त पर निर्देशक विशाल और मैंने फैसला किया कि हम फिल्म को आगे बढ़ाएंगे और डिस्ट्रीब्यूटर्स से बात कर थिएटर्स बढ़ाने का जोखिम लेंगे. हमने अतिरिक्त खर्च उठाकर फिल्म को एक हफ्ता और चलाने का जोखिम लिया और उसके बाद जो हुआ, वह इतिहास है. फाइल फोटो
यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के साथ बॉक्स ऑफिस मुकाबले पर बात करते हुए रागिनी ने कहा कि टीम के मन में भी इस बात को लेकर डर था. लेकिन फिल्म के ही एक डायलॉग ‘हनुमान चालीसा पढ़ते हो, फिर भी डरते हो?’ ने उन्हें और पूरी टीम को हिम्मत दी. फाइल फोटो
रागिनी ने आगे कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि हम ‘टॉक्सिक’ जैसी बड़ी फिल्म के आगे एक दिन भी टिक पाएंगे. मीडिया और लोगों ने इसे ‘टॉक्सिक बनाम हनुमान अंश’ की जंग का नाम दे दिया, लेकिन हमारी ऐसी कोई मंशा नहीं थी. हम चाहते थे कि ‘टॉक्सिक’ भी बहुत अच्छा प्रदर्शन करे क्योंकि इससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री को फायदा होता है. हमने खुद को पूरी तरह बाबा के चरणों में समर्पित कर दिया था. फाइल फोटो
आपको बता दें कि 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने अपने 43वें दिन तक घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 293.30 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है. वहीं, अगर दुनिया भर में इसकी कमाई की बात करें तो यह आंकड़ा 316.30 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है. फाइल फोटो
फिल्म में शोभिनव सत्या, विहान शेडगे, चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी और गुलशन पांडे जैसे कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं. सीमित प्रमोशन और दमदार कंटेंट के दम पर फिल्म ने साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो तो बड़ी से बड़ी स्टार-स्टडेड फिल्मों के बीच भी जगह बनाई जा सकती है.