Chandīgarh iphone langar ban। Why chandigarh police Stop I-phone Langar। आईफोन लंगर: चंडीगढ़-मोहाली में जुटाई भीड़ तो जाना होगा जेल, क्‍यों हुआ एक्‍शन

Chandīgarh iphone langar ban। Why chandigarh police Stop I-phone Langar। आईफोन लंगर: चंडीगढ़-मोहाली में जुटाई भीड़ तो जाना होगा जेल, क्‍यों हुआ एक्‍शन


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Iphone Langar: चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में 22 सितंबर को आईफोन लंगर के आयोजन पर पूरी तरह रोक लगा दी है. खुद को क्रिप्टो-ट्रेडर बताने वाले ‘राजा डी किंग’ ने मुफ्त आईफोन बांटने का ऐलान किया था, जिससे भारी भीड़ और भगदड़ की आशंका थी. एसएसपी और डीसी ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति ऐसा कोई भी तमाशा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नियम तोड़ने वालों पर धारा 163 और 223 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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पुलिस प्रशासन ने सख्‍त रुख अख्तियार किया है.

चंडीगढ़ में लाइमलाइट बटोरने के चक्कर में एक महाशय ने ऐसा रायता फैलाया कि प्रशासन की नींद ही उड़ गई. खुद को क्रिप्टो-ट्रेडर और ‘राजा डी किंग’ बताने वाले एक भाई साहब ने इंटरनेट पर ऐलान कर दिया कि वह आने वाली 22 सितंबर को चंडीगढ़ और मोहाली में आईफोन 17 और उससे ऊपर के मॉडल्स’ का लंगर यानी प्रसाद बांटेंगे. भाई साहब को लगा होगा कि रील-बाज प्रोपेगेंडा चलाकर वह रातों-रात इंटरनेट के सुल्तान बन जाएंगे, लेकिन उनका यह भौकाल तब पूरी तरह फुस्स हो गया जब प्रशासन ने बिना किसी देर के तगड़ा एक्शन लेते हुए इस अजीबोगरीब तमाशे पर पूरी तरह से गाज गिरा दी.

चंडीगढ़ और मोहाली प्रशासन ने निकाली हवा
इस वायरल दावे के बाद प्रशासन ने बिना कोई देर किए तुरंत एक्शन मोड ऑन कर दिया. चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने पुलिस को सख्त निर्देश दे दिए हैं कि इस तरह के किसी भी तमाशे को शहर में घुसने तक न दिया जाए. अधिकारियों का साफ कहना है कि इस तरह के कारनामों से भारी भीड़ उमड़ सकती है और भगदड़ जैसी खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है. याद कीजिए, इससे पहले भी इसी भाई साहब ने ‘फ्री पेट्रोल लंगर’ का ऐसा ही पब्लिसिटी स्टंट किया था. प्रशासन का तर्क बिल्कुल सॉलिड है. भाई, आईफोन की फ्री लूट मचेगी तो हजारों की संख्या में जनता उमड़ेगी और जान-माल का जो नुकसान होगा, उसका जिम्मेदार कौन होगा? इसलिए, ऐसे किसी भी आईफोन लंगर को चंडीगढ़ की सरहद में बैन कर दिया गया है.

बिना परमिशन के रायता फैलाना पड़ा भारी
चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर और मोहाली के एसएसपी वरुण शर्मा ने दो टूक स्पष्ट कर दिया है कि इस तथाकथित इवेंट के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई है. बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के ऐसा जलवा दिखाना सीधे तौर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का उल्लंघन माना जाएगा. अगर किसी ने हीरोपंती दिखाने की कोशिश की और बिना परमिशन के भीड़ जुटाई तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कानूनी शिकंजा कसना तय है. कानून के जानकारों के मुताबिक, इस तरह के नियमों को तोड़ने पर दो श्रेणियों में सजा का प्रावधान है:

• सामान्य उल्लंघन: यदि इस हरकत से किसी भी सरकारी काम में रुकावट आती है या लोगों को परेशानी होती है, तो 6 महीने तक की जेल या 2,500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.
• गंभीर उल्लंघन (दंगा या जान का जोखिम): अगर ऐसी भीड़भाड़ से लोगों की जान, सेहत या सुरक्षा को खतरा पैदा होता है या दंगा भड़कने की नौबत आती है, तो 1 साल तक की जेल, 5,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों भुगतने पड़ सकते हैं.

सिर्फ लाइमलाइट का चक्कर या पब्लिसिटी स्टंट?
सोशल मीडिया पर अपनी धौंस जमाने वाले इस शख्स का दावा है कि वह अपनी खानदानी संपत्ति और क्रिप्टो-ट्रेडिंग के पैसों से यह सब कर रहा है. लेकिन, जमीनी हकीकत यह है कि आज की जनरेशन को सनसनीखेज दावों से बेवकूफ बनाकर व्यूज और फॉलोअर्स बटोरने का गंदा खेल धड़ल्ले से चल रहा है. प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे वायरल किंगों की हेकड़ी अब टिकने वाली नहीं है.



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