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देश में बढ़ती आबादी से नए-नए शहर और मोहल्ले तैयार हो रहे हैं. यहां रहने वाले लोगों को तमाम तरह की असुविधाओं को झेलना पड़ता है. शहरों में एक सबसे बड़ी समस्या जाम की होती है. यहां जाम में फंसने से लोगों का बहुत नुकसान होता है. कई बार तो लोगों के 24 घंटे में से 3-4 घंटे जाम में ही बीत जाते हैं. कुछ ऐसा ही जाम का झाम छपरा में लगता है.
छपरा: बिहार के छपरा में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, जिसके तहत छपरा शहर और रिविलगंज के शहरी क्षेत्र को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए एक हाईवे सड़क का निर्माण किया जा रहा है. यह सड़क लोगों को शहर के बाहरी हिस्से से होते हुए हाजीपुर से गाजीपुर तक फोर लेन हाईवे के माध्यम से आसानी से आवागमन की सुविधा प्रदान करेगी. छपरा फोर लेन का निर्माण कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि रिविलगंज फोर लेन का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत तक कर लिया गया है. पुल-पुलिया का काम लगभग 95% पूरा हो चुका है. सड़क निर्माण का लगभग 20% काम बचा है, जिसे जल्द ही पूरा करने की बात कही जा रही है.
इस फोर लेन के पूरी तरह से बन जाने और शुरू होने के बाद छपरा शहर और रिविलगंज बाजार में लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिल जाएगी. इससे लोगों का समय भी बचेगा और जाम में उनका जो तेल बर्बाद होता है उससे भी राहत मिलेगी. सड़क की चौड़ाई कम होने और वाहनों की अधिक संख्या के कारण छपरा और रिविलगंज में प्रतिदिन जाम की समस्या का सामना करना पड़ता था. इसी को ध्यान में रखते हुए फोर लेन का निर्माण शहर के बाहरी हिस्से से किया जा रहा है. इसका काम 2027 के अंत तक पूरा हो जाने की उम्मीद है.
कनेक्टिविटी और लागत
इस फोर लेन के निर्माण से हाजीपुर से गाजीपुर तक कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी, जिससे लोग सड़क मार्ग से आसानी से आवागमन कर सकेंगे. मांझी-रिविलगंज फोरलेन सड़क और बाईपास परियोजना का निर्माण लगभग ₹3,000 करोड़ से ₹5,300 करोड़ की लागत से किया जा रहा है.
स्थानीय लोगों को लाभ
फोर लेन बाईपास के निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए हाजीपुर से गाजीपुर तक कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी. इसके अलावा, यह परियोजना रोजी-रोजगार का जरिया भी बनेगी, जिससे लोग दुकान और उद्योग खोलकर कमाई कर सकेंगे. इस हाईवे सड़क के निर्माण से कई प्रकार के लाभ मिलने की उम्मीद है.