रमेश पोवार को जूनियर सिलेक्शन कमेटी का हेड बना सकता है बीसीसीआई
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Ramesh Powar News: पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पोवार को बीसीसीआई की नई जूनियर राष्ट्रीय चयन समिति का अध्यक्ष बनाया जा सकता है. बोर्ड ने पांच सदस्यों वाले इस पैनल के लिए आवेदन मंगाए थे. यह समिति अंडर-22 स्तर तक की टीमों के चयन, विदेशी दौरों और टूर्नामेंट्स के संचालन के साथ-साथ मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेगी.
रमेश पवार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी.
नई दिल्ली. बीसीसीआई जल्द ही अपनी जूनियर राष्ट्रीय चयन समिति का पुनर्गठन करने जा रहा है. देश भर से नई और बेहतरीन प्रतिभाओं की तलाश को एक नया मोड़ देने के लिए बोर्ड ने पांच अलग-अलग पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे. इस पूरी चयन प्रक्रिया के बीच एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रमेश पोवार. क्रिकेट गलियारों की खबरों के मुताबिक, पोवार का चयन समिति का नया अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है.
वर्ष 2004 से 2007 के बीच भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए रमेश पोवार ने 2 टेस्ट और 31 वनडे मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से ही वे कोच के रूप में भारतीय क्रिकेट संरचना से गहराई से जुड़े रहे हैं. उनका हालिया अनुभव काफी समृद्ध रहा है, जहां उन्होंने बीते सत्र में गुजरात की वरिष्ठ पुरुष टीम को कोचिंग दी थी. इसके बाद उन्होंने आगे बढ़ने और नई जिम्मेदारियों की ओर रुख करने का फैसला किया.
कोचिंग का समृद्ध अनुभव और नई जिम्मेदारी
रमेश पोवार (Romesh Powar) के पास कोचिंग और खिलाड़ी प्रबंधन का लंबा अनुभव है. वे दो बार भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं. हालांकि, उनके दूसरे कार्यकाल के बीच में ही बोर्ड ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में भेज दिया था. वहां उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण के नेतृत्व वाले पुरुष सेटअप के तहत स्पिन-गेंदबाजी कोच के रूप में अपनी सेवाएँ दी थीं. विभिन्न स्तरों पर खिलाड़ियों के साथ काम करने और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बारीकियों को समझने की उनकी इसी क्षमता को देखते हुए उन्हें जूनियर चयन समिति की कमान सौंपने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
समिति की भूमिका और मुख्य जिम्मेदारियां
बीसीसीआई द्वारा बनाई जा रही यह नई जूनियर चयन समिति भारत के क्रिकेट भविष्य की नींव मजबूत करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी. इस समिति के पास अंडर-22 स्तर तक की आयु-वर्ग टीमों को चुनने की मुख्य जिम्मेदारी होगी. केवल टीम का चयन करना ही इनका एकमात्र काम नहीं होगा, बल्कि देश-विदेश में आयोजित होने वाले कोचिंग कैंपों के लिए युवा खिलाड़ियों को चिन्हित करना भी इसी समिति के अधिकार क्षेत्र में आएगा. घरेलू मैदानों पर होने वाले मुकाबले हों या विदेशी दौरों पर जाने वाली भारत की जूनियर टीमें, सभी फॉर्मेट्स (टेस्ट, वनडे और टी20) के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन यही पैनल करेगा.
टैलेंट पूल और मजबूत बेंच स्ट्रेंथ का निर्माण
इस पूरी प्रक्रिया के पीछे बोर्ड का मुख्य लक्ष्य भारत की जूनियर टीमों के लिए एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना और टैलेंट पूल का विस्तार करना है. बीसीसीआई के आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह समिति घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले मैचों के जरिए उभरते हुए खिलाड़ियों की क्षमताओं का गहराई से मूल्यांकन करेगी. इसके साथ ही, देश और दुनिया भर में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट्स, दौरों और कोचिंग शिविरों के लिए टीमों के चयन और उनके विकास में यह पैनल निरंतर अपना योगदान देगा.
टूर्नामेंट का संचालन और प्रशासनिक काम
टीम चयन के अलावा, जूनियर क्रिकेट के आयोजन और प्रशासन की बागडोर भी इसी समिति के कंधों पर होगी. बोर्ड के जूनियर टूर्नामेंट्स का शेड्यूल तैयार करना, उनका सुचारू संचालन करना और विदेशों में होने वाले जूनियर दौरों की व्यवस्था देखना इस समिति के प्राथमिक कर्तव्यों में शामिल रहेगा. प्रशासनिक मामलों के साथ-साथ यह कमेटी इस बात का भी पूरा ध्यान रखेगी कि घरेलू स्तर की प्रतियोगिताओं का स्तर पेशेवर और पारदर्शी बना रहे.