धान की कटाई के बाद भी कमाई, खाली खेत में लगाए बरसीम, बार-बार मिलेगा हरा चारा, पैसे के साथ पशुओं की चिंता दूर

धान की कटाई के बाद भी कमाई, खाली खेत में लगाए बरसीम, बार-बार मिलेगा हरा चारा, पैसे के साथ पशुओं की चिंता दूर


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धान की कटाई के बाद भी कमाई, खाली खेत में लगाए बरसीम, बार-बार मिलेगा हरा चारा

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किसान धान की कटाई के बाद खाली खेत में बरसीम की खेती कर सकते हैं जिससे ने सिर्फ आमदनी होगी बल्कि पशुओं के चारे की चिंता से भी मुक्ति मिलेगी. इस लगाने के बाद 5 से 6 बार कटाई की जा सकती है. प्रगतिशील किसान प्रमोद द्विवेदी ने लोकल 18 को बताया कि धान की कटाई के बाद खेत में मौजूद नमी का उपयोग बरसीम की बुवाई के लिए किया जा सकता है.

सीधी. धान की कटाई के बाद किसान अपने खेतों में बरसीम की खेती कर सकते हैं. यह पशुपालकों के लिए एक पौष्टिक और आसानी से पचने वाला हरा चारा है, जो चारे पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद कर सकता है. एक बार बुवाई के बाद इसकी 5 से 6 बार तक कटाई की जा सकती है. पशुपालकों के लिए बरसीम एक महत्वपूर्ण हरा चारा है. यह पशुओं को लंबे समय तक हरा चारा उपलब्ध कराता है, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार होता है और दूध उत्पादन में भी मदद मिल सकती है.

किसान प्रमोद द्विवेदी ने लोकल 18 को बताया कि बरसीम की बुवाई के लिए खेत की गहरी जुताई की आवश्यकता नहीं होती है. खेत को 1 से 2 बार हल्की जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा किया जाता है. इसके बाद पाटा चलाकर खेत को समतल कर लिया जाता है, जिससे पानी समान रूप से फैलता है और बीजों का जमाव अच्छा होता है. एक एकड़ खेत में लगभग 10 से 12 किलो बरसीम का बीज पर्याप्त होता है. बुवाई से पहले बीजों का राइजोबियम कल्चर से उपचार करना जरूरी है, जिससे पौधों की जड़ों में गांठें बनती हैं और मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है.

छिटकवां विधि से बुवाई
बरसीम की बुवाई के लिए छिटकवां विधि आसान मानी जाती है. खेत को छोटी-छोटी क्यारियों में बांटकर उनमें 2 से 3 इंच पानी भरा जाता है. इसके बाद बीजों को पानी में समान रूप से छिड़क दिया जाता है. पानी की मदद से बीज मिट्टी की सतह पर बैठ जाते हैं और उनका जमाव अच्छा होता है. तेज हवा के दौरान बुवाई से बचना चाहिए, ताकि बीज एक जगह जमा न हों और पौधे असमान रूप से न उगें.

सिंचाई और पहली कटाई
बुवाई के 3 से 4 दिन बाद जब अंकुर निकलने लगे तो जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करनी चाहिए. पहली सिंचाई के दौरान खेत में ज्यादा पानी नहीं भरना चाहिए, क्योंकि छोटे पौधों के गलने का खतरा रहता है. सामान्य देखभाल के साथ बरसीम की पहली कटाई लगभग 20 से 25 दिन बाद की जा सकती है. पहली कटाई जमीन से लगभग 2 इंच ऊपर से करने की सलाह दी जाती है, ताकि पौधे दोबारा तेजी से बढ़ सकें.



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