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Bahraich News: बहराइच में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में बीजेपी पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह पहुंचे. बृजभूषण शरण सिंह ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि जब वे साल 1991 में पहली बार सांसद बने थे, तब तत्कालीन बहराइच श्रावस्ती सहित और गोंडा बलरामपुर सहित जिले शिक्षा के मामले में सबसे निचले पायदान पर थे.
बहराइच: पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बहराइच में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान क्षेत्र के शैक्षिक विकास, बच्चों के भविष्य और जनस्वास्थ्य से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे. इस दौरान उन्होंने जहां एक तरफ देवीपाटन मंडल में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का ब्यौरा दिया, वहीं दूसरी तरफ मिलावटी खाद्य पदार्थों और योग गुरु रामदेव की संस्था पतंजलि के साथ चल रहे विवाद पर भी तीखा हमला बोला.
बृजभूषण शरण सिंह ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि जब वे साल 1991 में पहली बार सांसद बने थे, तब तत्कालीन बहराइच श्रावस्ती सहित और गोंडा बलरामपुर सहित जिले शिक्षा के मामले में सबसे निचले पायदान पर थे. श्रावस्ती शिक्षा में सबसे नीचे था, जिसके बाद बहराइच और गोंडा का नंबर आता था.
बच्चों के सोचने का स्तर बेहतर
उन्होंने कहा कि उस समय मैंने स्वस्थ साक्षर और हरा-भरा गोंडा का संकल्प लिया था, जिसे बाद में पूरे देवीपाटन मंडल के लिए लागू किया गया. पिछले 24 वर्षों से हम हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में अपने स्कूलों में टॉप 10 और टॉप 20 में आने वाले मेधावी छात्रों को सम्मानित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों का ही नतीजा है कि आज यह क्षेत्र शिक्षा के निचले पायदान से निकलकर काफी ऊपर आ चुका है और यहां के बच्चों के सोचने का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है.
पतंजलि विवाद और नकली घी-दूध के खिलाफ आक्रामक रुख
बहराइच में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाबा रामदेव और पतंजलि की ओर से दर्ज कराए गए 50 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि नकली दूध, नकली घी और नकली दवाइयों के खिलाफ आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है. मुकदमे और कानूनी लड़ाई पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा अगर जनहित की इस लड़ाई में पतंजलि जैसी संस्था मुझे अदालत में घसीटती है, तो मैं अदालत का सम्मान करता हूं. लेकिन मैं देश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि अगर इस लड़ाई में मुझे जेल भी जाना पड़ा, तो मैं जमानत की अर्जी दाखिल नहीं करूंगा. मैं जेल जाना पसंद करूंगा, लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य और शुद्धता के सवाल से पीछे नहीं हटूंगा.
पैकेज्ड उत्पादों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
बाजार में बिक रहे पैकेज्ड घी और दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश में गाय-भैंसों की मौजूदा संख्या और बाजार में बिक रहे घी के पैमाने का गणित कोई भी आसानी से समझ सकता है. उन्होंने देश की जनता को सलाह दी कि किसी भी ब्रांडेड या पैकेट बंद घी-दूध पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय, लोग अपने घरों में गाय या भैंस पालें ताकि बच्चों को शुद्ध खान-पान मिल सके. उसके साथ ही तंज करते हुए उन्होंने अभी कहा कि खुद मिलावटी घी बेचने वाले अपना हर्निया का ऑपरेशन कर रहे हैं और उनके चेले, हार्ट का इलाज कर चुके हैं.