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Guna News: गुना के सर्किट हाउस में शुक्रवार को जनसुनवाई के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कड़ा रुख देखने को मिला. संवेदनशील मोहन बारेला मामले के परिजनों की बात सुनने के लिए कलेक्टर और एसपी मौके पर मौजूद नहीं थे. इस पर सिंधिया ने भारी गहमागहमी के बीच अफसरों को ऑन-द-स्पॉट सख्त हिदायत दी.
जनसुनवाई के दौरान अफसरों को हिदायत देते ज्योतिरादित्य सिंधिया.
Guna News: चार दिवसीय दौरे के तीसरे दिन केंद्रीय संचार मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का अब तक का सबसे कड़ा और आक्रामक रुख देखने को मिला. शुक्रवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनते-सुनते सिंधिया का पारा अचानक उस वक्त चढ़ गया, जब संवेदनशील मोहन बारेला मामले में गुहार लगाने पहुंचे परिजनों की बात सुनने के लिए मौके पर जिम्मेदार अधिकारी ही मौजूद नहीं थे. कलेक्टर को अपने पास न पाकर सिंधिया बेहद गुस्से में आ गए. उन्होंने तुरंत अफसरों को तलब करते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि गाड़ी में मत बैठिए, आप दोनों मेरी ड्यूटी पर हैं.
कलेक्टर कहां हैं? जल्दी बुलाओ… गुस्से से लाल-पीले हुए मंत्री
घटनाक्रम के अनुसार, जनसुनवाई के दौरान मोहन बारेला प्रकरण से जुड़े पीड़ित परिजन केंद्रीय मंत्री सिंधिया से न्याय की गुहार लगाने पहुंचे थे. सिंधिया परिजनों की आपबीती और दुर्घटना से जुड़े तथ्य बड़े ध्यान से सुन रहे थे. उन्होंने जब मामले के त्वरित निपटारे के लिए कलेक्टर को आवाज दी, तो पता चला कि गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी अपनी गाड़ियों में बैठे हैं. यह सुनते ही मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने तल्ख लहजे में अधिकारियों की गैरहाजिरी पर सवाल उठाते हुए कहा, कलेक्टर कहां हैं? बुलाओ जल्दी… गाड़ी में मत बैठिए आप दोनों, मेरी ड्यूटी पर हैं.
मोहन बारेला मामले की निष्पक्ष जांच के कड़े निर्देश
सिंधिया की इस फटकार के बाद मौके पर अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सख्त और स्पष्ट संदेश चला गया. इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक अमले को तुरंत हरकत में लाते हुए मोहन बारेला मामले की बारीकियों की जानकारी ली. उन्होंने हादसे में शामिल वाहन, दुर्घटना की परिस्थितियों और अब तक हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े तमाम तथ्यों पर अधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब किए. सिंधिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके. उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पहले पत्रकारों को कुर्सी ऑफर, अब अफसरों की क्लास
एक दिन पहले ही गुना की थीम रोड और विकास योजनाओं को कागजों में सिमटी बताने वाली मीडिया खबरों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का चुटीला अंदाज देखने को मिला था. पत्रकारों पर तंज कसते हुए सिंधिया ने कहा था, ”पत्रकार भाइयों को बड़ी जल्दी होती है आर्टिकल लिखने की. लिख देते हैं कि योजना कागजों में सिमट गई. कभी हमारी कुर्सी पर आकर बैठो, तब पता चलेगा कि योजना बनाने और उसे जमीन पर उतारने में कितना पापड़ बेलना पड़ता है. जैसे पुलाव एक सेकंड में नहीं पकता, वैसे ही विकास रातों-रात नहीं होता. थोड़ा संयम रखो, जब तक ज्योतिरादित्य सिंधिया है, कोई भी योजना कागजों में नहीं सिमटेगी”. इस दौरान उन्होंने 30.47 करोड़ की लागत से बनने वाले 7 किलोमीटर लंबे थीम रोड और सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट का भूमिपूजन भी किया था.