PM Kusum Yojana | पहले पानी के लिए परेशान रहता था किसान, अब सुबह से शाम तक 40 बीघे में कर रहा मुफ्त सिंचाई, जानें कैसे?

PM Kusum Yojana | पहले पानी के लिए परेशान रहता था किसान, अब सुबह से शाम तक 40 बीघे में कर रहा मुफ्त सिंचाई, जानें कैसे?


सहारनपुर में एक किसान के लिए खेतों की सिंचाई सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई थी. गर्मी के दिनों में नहर का पानी समय पर नहीं मिलता था और बिजली से सिंचाई करने पर खर्च काफी बढ़ जाता था. हालात ऐसे हो गए थे कि किसान ने पानी की ज्यादा जरूरत वाली गन्ने की फसल तक करना छोड़ दिया था. लेकिन पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगने के बाद उसकी यह परेशानी काफी हद तक दूर हो गई.

किसान अमित कुमार ने करीब तीन साल पहले पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगवाया. इसके लिए उन्होंने 1 लाख 10 हजार रुपये दिए और सरकार की ओर से सब्सिडी मिली. किसान के मुताबिक, अब जब भी खेत में पानी की जरूरत होती है, सुबह से शाम तक बिना किसी रुकावट के सिंचाई कर लेते हैं. उन्हें इसके लिए रात में खेत पर जाने या डीजल पर पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती.

पहले सिंचाई के लिए खर्च होता था 1500 रुपये तक

अमित कुमार ने लोकल 18 को बताया कि सोलर पंप लगने से पहले उन्हें सिंचाई के लिए नहर के पानी पर निर्भर रहना पड़ता था. गर्मी के समय नहर का पानी कभी आता था और कभी नहीं आता था. ऐसे में समय पर पानी नहीं मिलने से फसल खराब होने का डर रहता था. अगर बिजली से सिंचाई करते थे तो खर्च काफी ज्यादा आता था. पहले ट्रैक्टर और इंजन की मदद से खेत में पानी चलाना पड़ता था. सुबह से शाम तक सिंचाई करने में करीब 1000 से 1500 रुपये तक का डीजल खर्च हो जाता था, फिर भी कई बार सिंचाई पूरी नहीं हो पाती थी.

40 बीघा खेत में 8 दिन में पूरी सिंचाई

किसान के मुताबिक, सोलर पंप लगने के बाद सिंचाई की समस्या काफी कम हो गई है. इस पंप से उनका करीब 40 बीघा खेत 8 दिन में पूरी तरह सिंचित हो जाता है. यानी रोजाना करीब 5 बीघा खेत में आसानी से पानी पहुंच जाता है. अब उन्हें सिंचाई के लिए रात में खेत पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती. दिन में ही सोलर पंप से खेतों में पानी दिया जा सकता है. इससे डीजल का खर्च भी बच रहा है.

पानी की वजह से छोड़ी थी गन्ने की खेती

अमित कुमार बताते हैं कि पहले उन्होंने गन्ने की खेती भी छोड़ दी थी. गर्मी के समय गन्ने की फसल को ज्यादा पानी की जरूरत होती है, लेकिन समय पर सिंचाई नहीं हो पाने की वजह से फसल संभालना मुश्किल हो जाता था. सोलर पंप लगने के बाद उन्होंने दोबारा गन्ने की खेती शुरू कर दी है. किसान का कहना है कि आज उनके खेत में गन्ने की फसल खड़ी है और पानी की कमी की वजह से खेती छोड़ने जैसी स्थिति नहीं रही.

सब्सिडी के साथ मिला सोलर पंप, 25 साल की गारंटी

किसान ने बताया कि सोलर पंप लगवाने के लिए उन्होंने 1 लाख 10 हजार रुपये दिए थे और सरकार की ओर से उन्हें सब्सिडी मिली. उनके मुताबिक, पीएम कुसुम योजना के तहत मिले इस सोलर पंप से अब सिंचाई का खर्च लगभग खत्म हो गया है. अमित कुमार का कहना है कि पहले डीजल के लिए रोज हजारों रुपये तक खर्च हो जाते थे, लेकिन अब धूप रहने पर सोलर पंप से सिंचाई हो जाती है. किसान के मुताबिक, सोलर पंप पर 25 साल की गारंटी भी मिली है.



Source link