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90 के दशक में बॉलीवुड की फिल्मों में रोमांस का अंदाज ही कुछ और था. गानों में प्यार भी था, शरारत भी और दिल की बातें कहने का एक अलग तरीका भी. ऐसा ही एक गाना 1995 की ब्लॉकबस्टर फिल्म का है. जिसमें लता मंगेशकर की आवाज ने ऐसी मिश्री घोली की आज भी इस गाने को खूब सुना जाता है. ममता कुलकर्णी का अंदाज इस गाने की खासियत बन गया. जानते हैं ये कौन से गाना है?
ममता कुलकर्णी का ये गाना 30 साल बाद भी काफी पसंद किया जाता है.
नई दिल्ली. लता मंगेशकर की आवाज में रोमांस का एक ऐसा जादू था, जो बिना किसी शोर के सीधे दिल तक पहुंचता था. कभी उनकी आवाज में पहली मोहब्बत की मासूमियत सुनाई दी, तो कभी बिछड़ने का दर्द भी उतनी ही खूबसूरती से महसूस हुआ. उनके गाए रोमांटिक गीतों में प्यार सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि हर सुर में नजर आता था. यही वजह है कि दशकों बीत जाने के बाद भी उनके गाने नए लगते हैं. उनकी आवाज ने पर्दे पर नजर आने वालीं एक्ट्रेसेस के इश्क, ख्वाब और दिल की हलचल को आवाज दी. ऐसा ही एक गाना है, जिसमें एक लड़की अपने दिल की बात बेहद खूबसूरत अंदाज में कहती है. गाने में शरारत है, चाहत है और प्यार का मासूम एहसास भी.
बॉलीवुड सिनेमा के इतिहास में 1990 का दशक अपनी सदाबहार धुनों, बेमिसाल गायकी और यादगार गानों के लिए जाना जाता है. साल 1995 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘करण अर्जुन’ का हर गाना हिट साबित हुआ था, लेकिन इस फिल्म का एक बेहद नटखट और रोमांटिक गाना ‘एक मुंडा मेरी उम्र दा’ आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह रखता है. इस गाने की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसने उस दौर में हर युवा लड़की के दिल की उस बात को जुबां दे दी थी, जिसे वे अकसर कहने से झिझकती थीं.
‘एक मुंडा मेरी उम्र दा’
‘करण अर्जुन’ के रोमांटिक गानों में ‘एक मुंडा मेरी उम्र दा’ का अपना अलग रंग है. इसमें ममता कुलकर्णी अपने मन की बात गाने के जरिए कहती नजर आती हैं. गाने का अंदाज सीधा-सादा होने के साथ काफी चुलबुला भी था. एक लड़की अपने मन के उस हमसफर की कल्पना करती है, जो उसकी उम्र का हो और जिसे देखकर उसका दिल खुश हो जाए. सलमान और ममता की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने इस गाने को विजुअली बेहद आकर्षक बना दिया था.
लता दी का जादुई स्वर और राजेश रोशन का यादगार संगीत
इस चुलबुले गीत को भारत की स्वर कोकिला, भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपनी बेहद मधुर और सुरीली आवाज से सजाया था. फिल्म ‘करण अर्जुन’ का संगीत सुपरस्टार ऋतिक रोशन के चाचा और जाने-माने संगीतकार राजेश रोशन ने तैयार किया था. जो ऋतिक रोशन के चाचा हैं. उन्होंने इस गाने में पारंपरिक लोक धुन और 90 के दशक के बीट्स का ऐसा शानदार मिश्रण तैयार किया कि यह गाना सुनते ही पैर थिरकने लगते हैं. गीतकार इंदीवर के लिखे सरल, सीधे और दिल को छू लेने वाले बोलों ने इसे हर आम इंसान की जुबां पर चढ़ा दिया.
राकेश रोशन की उम्दा पेशकश
राकेश रोशन के निर्देशन और निर्माण में बनी फिल्म ‘करण अर्जुन’ न सिर्फ अपने एक्शन और पुनर्जन्म की कहानी के लिए जानी जाती है, बल्कि इसका संगीत भी फिल्म की बहुत बड़ी ताकत था. ‘एक मुंडा मेरी उम्र दा’ आज भी शादियों, पार्टियों और 90s के नोस्टैल्जिया में सबसे ज्यादा बजाए जाने वाले गानों में शामिल है.