पाकिस्तान ने बांग्लादेशी छात्रों के लिए ‘फुली फंडेड’ यानी पूरी तरह वित्त पोषित स्कॉलरशिप की घोषणा की थी. लेकिन आवेदन, परीक्षा और लंबी चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद मास्टर डिग्री के लिए चुने गए छात्रों को मिले ऑफर लेटर में पहले बताए गए ज्यादातर लाभ शामिल नहीं हैं. छात्रों का आरोप है कि ट्यूशन फीस और रहने की सुविधा तो माफ की गई है, लेकिन खाने, मासिक भत्ते, परिवहन, हवाई यात्रा, वीजा और दूसरे जरूरी खर्चों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है.
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार की पिछले साल अगस्त में ढाका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा, रिसर्च और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए ‘नॉलेज कॉरिडोर’ की घोषणा की गई थी. इस कार्यक्रम को पाकिस्तान का हायर एजुकेशन कमीशन (HEC) लागू कर रहा है.
इस नॉलेज कॉरिडोर के तहत पांच साल में बांग्लादेशी छात्रों को कुल 500 फुल स्कॉलरशिप देने की बात कही गई थी. बैचलर, मास्टर और पीएचडी स्तर के छात्रों के लिए घोषित स्कॉलरशिप में:
- ट्यूशन फीस
- मासिक रहने का भत्ता
- हर महीने आवास का खर्च
- एक बार का सेटलमेंट अलाउंस
- एक बार आने-जाने का हवाई टिकट देने की बात कही गई थी
इन सुविधाओं का जिक्र पाकिस्तान हाई कमीशन, ढाका, पाकिस्तान के हायर एजुकेशन कमीशन और अलग-अलग एजुकेशन फेयर में जारी नोटिस और प्रचार सामग्री में भी किया गया था.
पहले चरण में 74 छात्र पाकिस्तान पहुंचे
कार्यक्रम के पहले चरण में करीब 74 बांग्लादेशी छात्र फरवरी में अलग-अलग चरणों में पाकिस्तान पहुंचे और विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई शुरू की. इसके बाद मई में कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत पाकिस्तान एजुकेशन एक्सपो की गतिविधियां शुरू हुईं और छात्रों से नए सिरे से आवेदन लिए गए.
लेकिन दूसरे चरण में मास्टर डिग्री के लिए चुने गए छात्रों को एडमिशन प्रक्रिया के अंतिम चरण में पता चला कि पहले बताई गई ‘फुली फंडेड’ स्कॉलरशिप के बजाय सिर्फ ट्यूशन फीस और हॉस्टल या आवास का खर्च माफ किया जा रहा है.
बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार सलाउद्दीन शोएब चौधरी के मुताबिक छात्रों ने कहा कि शुरुआत से ही संबंधित अधिकारियों के नोटिस और आधिकारिक पोस्ट में स्कॉलरशिप को ‘फुली फंडेड’ बताया गया था. इसी वजह से छात्रों ने आवेदन, परीक्षा और चयन की हर प्रक्रिया पूरी करने के बाद लंबे समय तक इंतजार किया.
Pakistan Cheats Bangladeshi Students!
Pakistan had announced ‘fully funded’ or completely financed scholarships for Bangladeshi students. But after completing applications, examinations and a long selection process, the offer letters that reached the students selected for… pic.twitter.com/E5pYU0CmtN