दलबदल कानून में नपे दानम नागेंद्र, तेलंगाना हाई कोर्ट ने पलटा स्पीकर का फैसला
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तेलंगाना हाई कोर्ट ने दलबदल कानून के तहत खैराताबाद से विधायक दानम नागेंद्र को अयोग्य करार देकर झटका दिया है. नागेंद्र बीआरएस के टिकट पर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल होकर सांसद का चुनाव लड़ गए. कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर के उस पुराने फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें उनकी अयोग्यता याचिका खारिज की गई थी. अब खैराताबाद सीट खाली हो चुकी है.
दानम नागेंद्र. (File Photo)
पीवी रमना कुमार/हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने खैराताबाद विधानसभा सीट से विधायक दानम नागेंद्र को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया है. चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जीएम मोहिउद्दीन की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्होंने नागेंद्र के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया था. नागेंद्र 2023 के विधानसभा चुनाव में बीआरएस के टिकट पर जीते थे, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इसके बाद उन्होंने विधायक रहते हुए सिकंदराबाद से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा था. कोर्ट ने माना कि दूसरी पार्टी से चुनाव लड़ना अपनी मूल पार्टी की सदस्यता छोड़ने जैसा ही है. इस फैसले के आते ही खैराताबाद सीट खाली हो गई है.
स्पीकर के फैसले को कोर्ट में किसने दी थी चुनौती?
विधानसभा चुनाव के बाद जब दानम नागेंद्र कांग्रेस में शामिल हुए, तब उनके खिलाफ बीजेपी और बीआरएस दोनों ने मोर्चा खोल दिया था. बीजेपी विधायक दल के नेता अलेती महेश्वर रेड्डी और बीआरएस विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने स्पीकर के सामने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं. उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत नागेंद्र को अयोग्य ठहराने की मांग की थी.
हालांकि स्पीकर ने ट्रिब्यूनल के तौर पर सुनवाई करते हुए सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था. इसके बाद दोनों नेताओं ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि नागेंद्र के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद थे, जिन्हें स्पीकर ने नजरअंदाज कर दिया था. हाई कोर्ट ने मामले की पूरी सुनवाई के बाद स्पीकर के आदेश को खारिज करते हुए नागेंद्र पर सख्त कार्रवाई की.
क्या यह फैसला बाकी दलबदलू विधायकों की मुश्किलें बढ़ाएगा?
बीआरएस और राजनीतिक दलों ने इस फैसले पर क्या कहा?
हाई कोर्ट का आदेश आते ही बीआरएस खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई. बीआरएस विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘यह लोकतंत्र और बीआरएस की बहुत बड़ी जीत है. हम पिछले ढाई साल से इस लड़ाई को लड़ रहे थे’. उन्होंने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अब बाकी दलबदलू विधायकों की भी कुर्सी जाएगी और वहां उपचुनाव होंगे.
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