जेल से निकला और फिर चीते की रफ्तार… मीडिया को देख क्यों दौड़ा स्वतंत्र?
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Swatantra Bhardwaj Video: स्वतंत्र भारद्वाज तिहाड़ जेल से बाहर आए तो मीडिया उनका बयान लेने के लिए तैयार थी. लेकिन कैमरे देखते ही सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और तेजी से कार तक पहुंचा दिया. कुछ ही देर में वह वहां से निकल गए. दरअसल, स्वतंत्र को जंतर-मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. पटियाला हाउस कोर्ट ने 15 सितंबर को उन्हें तीन सप्ताह की जमानत दी है. 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर मिली इस राहत के साथ अदालत ने कई शर्तें भी लगाई हैं. उन्हें मामले से जुड़े लोगों और मीडिया से विवाद पर बात करने से रोका गया है.
स्वतंत्र भारद्वाज तीन सप्ताह की जमानत पर तिहाड़ जेल से बाहर आए. (फाइल फोटो)
तिहाड़ जेल का गेट खुला. स्वतंत्र भारद्वाज बाहर आए. लेकिन यहां रिहाई के बाद जो हुआ, उसने सबका ध्यान खींच लिया. जेल के बाहर मीडिया पहले से मौजूद थी. कैमरे तैयार थे, सवाल भी तैयार थे. मगर स्वतंत्र भारद्वाज के बाहर आते ही पूरा माहौल अचानक बदल गया. सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और तेजी से गाड़ी की तरफ ले गए. कुछ ही पलों में वह सफेद रंग की कार में बैठ गए. गाड़ी वहां से निकल गई. मीडिया ने सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. यानी जेल से बाहर आते ही कैमरों से सामना हुआ और फिर ऐसा लगा जैसे उन्हें मीडिया से बचाकर सीधे वहां से निकालने की पूरी तैयारी थी.
दरअसल, स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पकड़ा गया था और बाद में तिहाड़ जेल भेज दिया गया. अब पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह की जमानत दी है. लेकिन इस जमानत के साथ कुछ सख्त शर्तें भी हैं. अदालत ने उन्हें मामले से जुड़े गवाहों और पीड़ित पक्ष से संपर्क करने से रोका है. इतना ही नहीं विवाद से संबंधित किसी भी तरह की बात सोशल मीडिया, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में रखने पर भी रोक लगाई गई है. ऐसे में जेल से निकलते वक्त मीडिया से दूरी की वजह भी काफी हद तक साफ हो जाती है.
सनातनी शेर स्वतंत्र भारद्वाज तिहाड़ जेल से बाहर आ चुका है,
जेल से बाहर आने के बाद भाई के करीबियों ने भगाकर गाड़ी में बिठाया ..
मीडिया से बात नहीं करने दिया गया मेरा मानना है ये बहुत सही किया गया..!!#SwatantraBhardwaj pic.twitter.com/3Sl7gYgTnw