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दिल्ली के सेंट्रल जिले में 7 सितंबर को हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कैश लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पेमेंट कलेक्शन एजेंट करीब 3 करोड़ रुपये लेकर ऑटो से सफदरजंग जा रहा था, तभी गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास बाइक सवार बदमाशों ने उसे रोककर एक बैग लूट लिया. पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 1 करोड़ रुपये बरामद किए हैं. जांच में पता चला कि आरोपियों ने चांदनी चौक में कैश की रेकी की थी. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि लूट में असली पिस्टल नहीं, बल्कि पिस्टलनुमा लाइटर इस्तेमाल किया गया था.
गीता कालोनी लूट मामले में दिल्ली पुलिस ने पांच आरोपियों को अरेस्ट कर एक करोड़ रुपए बरामद किए हैं.
दिल्ली क्राइम न्यूज. दिल्ली के सेंट्रल जिले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1 करोड़ रुपये की लूटी गई रकम बरामद की है. इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल फोन, नया आईफोन और पिस्टल के आकार का लाइटर भी बरामद किया है.
पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर की शाम एक पेमेंट कलेक्शन एजेंट अपने साथी के साथ ऑटो से करीब 3 करोड़ रुपये लेकर सफदरजंग जा रहा था. उसके पास कैश से भरे दो बैग थे. दोनों बैग में करीब डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये रखे थे. ऑटो जैसे ही गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास पहुंचा, तभी काले रंग की स्प्लेंडर बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया. बदमाशों ने दोनों को पिस्टल जैसी चीज दिखाई और धमकाकर कैश से भरा एक बैग छीन लिया. इसके बाद आरोपी ITO की तरफ फरार हो गए.
सीसीटीवी और टेक्निकल सर्विलांस से मिला सुराग
- घटना की जानकारी मिलते ही दरियागंज थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच के लिए जिले की ज्वाइंट टीम बनाई गई. का संयुक्त टीम बनाई गई. पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली.
- इसके साथ ही टेक्निकल सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश शुरू की गई. करीब चार दिन की जद्दोजहद के बाद पुलिस को इस मामले में अहम सुराग मिला.
- जांच के आधार पर पुलिस ने 12 सितंबर को सूरज पांडेय को आनंद विहार बस टर्मिनल से गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, वह दिल्ली से फरार होने की तैयारी में था. उसके पास से 17 लाख रुपये कैश और लूट की रकम से खरीदा गया एपल आईफोन बरामद किया गया.
- इसके बाद पुलिस ने आदर्श तिवारी और दीपक गोस्वामी को नवादा से गिरफ्तार किया. दोनों के पास से 32.5 लाख रुपये कैश और लूट के पैसों से खरीदी गई नई मोटरसाइकिल बरामद हुई. इस मामले में संदीप उर्फ सैंडी को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया. उसके कब्जे से 11 लाख रुपये बरामद हुए.
- इसके बाद पुलिस ने इस पूरी साजिश के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे रिंकू को लुधियाना से गिरफ्तार किया. उसके पास से 37.5 लाख रुपये बरामद किए गए. पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात से पहले पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में कैश की आवाजाही की रेकी की थी. आरोपियों ने यह पता लगाया कि कैश कहां से निकलता है और किस रास्ते से ले जाया जाता है.
लाइटर से ही वारदात को दे दिया अंजाम
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात जांच के दौरान सामने आई. शुरुआती तौर पर पुलिस को लगा था कि बदमाशों ने असली हथियार के बल पर लूट की है. लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उनके पास असली पिस्टल थी ही नहीं. आरोपियों ने पिस्टल के आकार के लाइटर को हथियार की तरह इस्तेमाल किया था और उसकी मदद से कैश कलेक्शन एजेंट को डराकर लूट को अंजाम दिया. पुलिस के मुताबिक, रिंकू ने दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी. अलग-अलग लोगों को रेकी, बाइक चलाने और लूट को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई थी. इस मामले में आरोपी प्रिंस अभी फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है. साथ ही लूटी गई बाकी रकम बरामद करने और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच भी जारी है.