क्या है छत्तीसगढ़ CGPSC घोटाला? भूपेश बघेल के OSD रहे चेतन बघोरिया की मुश्किलें बढ़ीं, ED का शिकंजा

क्या है छत्तीसगढ़ CGPSC घोटाला? भूपेश बघेल के OSD रहे चेतन बघोरिया की मुश्किलें बढ़ीं, ED का शिकंजा


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Chhattisgarh CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के भर्ती में गड़बड़ी मामले में आरोपी चेतन बघोरिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अब रायपुर की विशेष अदालत ने उन्हें 8 दिनों के लिए ईडी की रिमांड में भेज दिया है. इससे पहले भी वह 6 दिनों की ईडी की रिमांड में थे. अब रिमांड में उनसे पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

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छत्तीसगढ़ CGPSC घोटाले में चेतन बघोरिया की मुश्किलें बढ़ीं

(रिपोर्ट-विशु शुक्ला)

Chhattisgarh CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) गड़बड़ी मामले में ED की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में ED ने मामले के प्रमुख आरोपी और एडिशनल कलेक्टर चेतन बघोरिया को अपनी रिमांड का समय खत्म होने के बाद रायपुर में विशेष न्यायालय (ED Court) में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें फिर से 8 दिनों की ED रिमांड पर भेजने का आदेश दे दिया है. चेतन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD रह चुके हैं.

23 सितंबर को दोबारा होगी पेशी
इससे पहले अदालत ने चेतन बघोरिया को 6 दिनों की ED रिमांड पर सौंपा था. शुरुआती पूछताछ की समय सीमा खत्म होने के बाद जांच एजेंसी ने मामले के कई अहम पहलुओं और नए तथ्यों का हवाला देते हुए रिमांड बढ़ाने की मांग की थी. विशेष कोर्ट ने ED की याचिकाओं और तर्कों पर सुनवाई करते हुए चेतन रिमांड 8 दिनों के लिए और बढ़ा दी. बताया जा रहा है कि अब उन्हें 23 सितंबर को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा.

रिमांड के दौरान होगी सघन पूछताछ
बताया जा रहा है कि चेतन बघोरिया की रिमांड के दौरान ईडी CGPSC परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं, पैसों के लेनदेन के बारे में पूछताछ कर सकती है. इसके अलावा यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. ईडी का ध्यान मुख्य रूप से गड़बड़ी से बनाए अवैध पैसे, बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों पर है.

भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान हुआ CGPSC घोटाला
छत्तीसगढ़ का CGPSC (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग) घोटाला सरकारी नौकरी की भर्तियों में हुए भाई-भतीजावाद से जुड़ा हुआ है. बताया जाता है कि तब के CGPSC के अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने पद का इस्तेमाल करते हुए अपने भतीजों को नौकरी दिलवाई थी. जबकि योग्य अभ्यर्थियों को नजरअंदाज कर दिया गया था. उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे. अब आने वाले दिनों में CGPSC घोटाले से जुड़े से कई खुलासे होने की उम्मीद है.



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