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Faridabad Borewell Rescue Operation: फरीदाबाद के सीही गांव में रविवार शाम को 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरी ढाई साल की मासूम को करीब 10 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया. हालांकि बच्ची के शरीर में किसी भी तरह की हलचल नजर नहीं आई. इसके बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टर उसकी जांच कर रहे हैं.
फरीदाबाद में बोरवेल में गिरी बच्ची को बाहर निकाला गया.
फरीदाबादः हरियाणा के फरीदाबाद के सीही गांव में करीब 200 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरी बच्ची को करीब 10 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया. बच्ची को बाहर निकालने के बाद उसके शरीर में कोई हलचल दिखाई नहीं दी. इसके बाद तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी जांच कर रही है. फिलहाल बच्ची की मेडिकल जांच के बाद ही डॉक्टर यह स्पष्ट कर पाएंगे कि उसकी स्थिति क्या है और उसमें सांसें बाकी हैं या नहीं.
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की मांग
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन और नगर निगम के प्रति भारी नाराजगी दिखाई दी. लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते खुले बोरवेल की ओर नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ध्यान दिया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था. स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. अब देखना होगा कि इस हादसे के बाद प्रशासन की ओर से लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है. फिलहाल बच्ची अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
खेलने के दौरान बोरवेल में गिरी बच्ची
बताया जा रहा है कि बच्ची का नाम नेहा है. वह अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी. इसी दौरान वह खुले पड़े बोरवेल में गिर गई. बच्ची के बोरवेल में गिरने की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया. नेहा के पिता रामदीन मजदूरी का काम करते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह बोरवेल नगर निगम का है और करीब 10 साल से बंद पड़ा था. पहले बोरवेल के ऊपर ढक्कन लगा हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले उसका ढक्कन गायब हो गया था. इसके बाद बोरवेल खुला पड़ा रहा.
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा था बचाव दल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गया. बचाव टीम बोरवेल के आसपास खुदाई करने के साथ अन्य जरूरी प्रक्रिया के जरिए बच्ची तक पहुंचने का प्रयास की. टीम लगातार बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई थी.