विराट कोहली (Virat Kohli) वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज 15,000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने यह कीर्तिमान केवल 303 पारियों में हासिल किया. उनकी इस रफ्तार और निरंतरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया का कोई भी अन्य बल्लेबाज इस आंकड़े तक इतनी कम पारियों में नहीं पहुंच सका है. यह रिकॉर्ड दिखाता है कि 50 ओवर के प्रारूप में विराट का दबदबा और क्लास किस स्तर का है. (AFP)
लिस्ट ए क्रिकेट में शतकों का अर्धशतक पूरा करना ही अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता है, लेकिन विराट कोहली ने इस मैच में अपना 60वां लिस्ट ए शतक जड़कर इतिहास रच दिया. इसके साथ ही उन्होंने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान सचिन तेंदुलकर के सर्वाधिक 60 लिस्ट ए शतकों के ऑल-टाइम रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. कोहली की यह उपलब्धि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी निरंतरता का जीवंत प्रमाण है.
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ विराट कोहली का बल्ला हमेशा से ही जमकर बोलता रहा है. इस मुकाबले में उन्होंने कैरेबियाई टीम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना 13वां शतक जड़ा. इस शतक के साथ उन्होंने भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर की बराबरी कर ली, जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा 13 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट की यह पारी उनके वर्चस्व को दर्शाती है.
एकदिवसीय प्रारूप में विराट कोहली के नाम पहले से ही सबसे ज्यादा शतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन उन्होंने अपने इस रिकॉर्ड को और मजबूत करते हुए वनडे में अपना 55वां शतक जड़ दिया. इस शतक ने वनडे फॉर्मेट में उनकी बादशाहत को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां उनके आसपास भी कोई दूसरा मौजूदा या पूर्व खिलाड़ी खड़ा नजर नहीं आता.
इस मुकाबले में शतक लगाते ही विराट कोहली के नाम एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई. वे दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में दो अलग-अलग टीमों (श्रीलंका और वेस्टइंडीज) के खिलाफ 10 या उससे अधिक शतक बनाए हैं. किसी एक विपक्षी टीम के खिलाफ दबदबा बनाना अलग बात है, लेकिन दो अलग टीमों के खिलाफ लगातार 10-10 शतक ठोकना विराट के अद्भुत कौशल को दिखाता है.
भारतीय मैदानों पर खेलते हुए विराट कोहली का बल्ला हमेशा से रन उगलता रहा है. इस मैच में जड़े गए शतक के साथ ही विराट ने भारत में अपना 42वां अंतरराष्ट्रीय शतक (सभी फॉर्मेट मिलाकर) पूरा किया. इस ऐतिहासिक आंकड़े को छूकर उन्होंने सचिन तेंदुलकर के भारत में सबसे ज्यादा 42 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.
मैच के मैदान में उतरते ही विराट कोहली के नाम एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हो गई. वे वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा एकदिवसीय मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं. यह मुकाबला कैरेबियाई टीम के खिलाफ उनका 44वां वनडे मैच था. इतने लंबे समय तक एक ही टीम के खिलाफ शीर्ष स्तर का प्रदर्शन बनाए रखना उनकी फिटनेस और निरंतरता को बयां करता है. कुलदीप यादव को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने मैच के बीच के ओवरों में 4 विकेट लेकर विंडीज को बड़े स्कोर पर पहुंचने से रोका.
भारतीय सरजमीं पर एकदिवसीय क्रिकेट खेलते हुए यह विराट कोहली के बल्ले से निकला 28वां वनडे शतक था. अपने घरेलू मैदानों पर किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाया गया यह वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे ज्यादा शतकों का रिकॉर्ड है. विराट ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने जिस अंदाज में रन बनाए हैं, उसने भारतीय सरजमीं पर उन्हें लगभग अजेय बना दिया है.