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फिरोजाबाद में किसान आलू की खेती बड़े तादात में करते हैं. किसान हर साल आलू की खेती को काफी मेहनत से उगाते हैं और इसे बेचकर अच्छा मुनाफा भी कमाते हैं. लेकिन इस साल आलू की खराब स्थिति को देखते हुए किसान मायूस नजर आ रहे हैं. इस बार आलू की फसल से किसानों को लागत भी नहीं मिल पा रही है. इसलिए किसानों ने आलू को कोल्ड स्टोर में स्टोर कर दिया है. वहीं कुछ किसान आलू की कीमत बढ़ने का उम्मीद कर रहे हैं, जिससे उनको लागत मिल सके. वहीं कोल्ड स्टोर में आलू को रखकर किसान फायदे के गुणा भाग लगा रहा है.
फिरोजाबादः यूपी के फिरोजाबाद में किसान आलू की खेती बड़े तादात में करते हैं. किसान हर साल आलू की खेती को काफी मेहनत से उगाते हैं और इसे बेचकर अच्छा मुनाफा भी कमाते हैं. लेकिन इस साल आलू की खराब स्थिति को देखते हुए किसान मायूस नजर आ रहे हैं. इस बार आलू की फसल से किसानों को लागत भी नहीं मिल पा रही है. इसलिए किसानों ने आलू को कोल्ड स्टोर में स्टोर कर दिया है. वहीं कुछ किसान आलू की कीमत बढ़ने का उम्मीद कर रहे हैं, जिससे उनको लागत मिल सके. वहीं कोल्ड स्टोर में आलू को ऱखकर किसान फायदे के गुणा भाग लगा रहा है. अगर इस साल आलू की सही कीमत नहीं मिलती है तो किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है.
कोल्ड स्टोर का भाड़ा देने में भी आ रही दिक्कत
फिरोजाबाद के खेड़ा गनेशपुर में रहने वाले किसान राकेश कुमार ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए कहा कि वह कई सालों से आलू की खेती कर रहे हैं.पहले उनके पिता आलू की खेती करते थे और अब वह आलू की खेती कर रहे हैं. आलू की खेती में पहले अच्छी बचत होती थी लेकिन अब आलू की खेती में ज्यादा मुनाफा नहीं रहा है.आलू की खेती से लेकर कोल्ड स्टोर तक लाने में काफी खर्चा आता है. आलू की खेती में खेतों की जुताई, खेतों में फसल की बुवाई फिर उसके बाद पानी लगाना और उसकी खुदाई कराना. सबके साथ लेबर का खर्चा होता है. फिर आलू को कोल्ड स्टोर तक लाने में लगभग 400 रु पैकेट का खर्चा आता है. इसके अलावा खेतों में लगने वाली खाद का भी खर्चा आता है. उनके पास चालीस बीघा खेती है और इसमें लगभग 40 से 50 पैकेट प्रति बीघा की पैदावार होती है.
वही दूसरे किसान अमित कुमार ने बताया कि फिरोजाबाद में 3797 वैरायटी अधिक उगाई जाती है.लेकिन इस बार आलू की रेट बेहद कम है इससे किसानों को आलू की खेती में बड़ा नुकसान हो सकता है.अभी किसानों को सौ रु से लेकर 350 रुपए तक पैकेट बेचना पड़ रहा है जबकि आलू की कुल लागत 400 रुपए पैकेट है.वही किसान ने बताया कि कोल्ड स्टोर में किसानों को भाड़ा यानि किराया भी देना पड़ता है.जिसकी कीमत लगभग 150 रु प्रति कुंतल तक है.
आलू को लेकर सरकार की ओर शुरू की गई है योजना
आलू की खेती करने वाले देवेन्द्र कुमार ने बताया कि किसान आलू की कीमत की वजह से परेशान है. इस बार आलू सिर्फ सौ रुपए प्रति पैकेट बिक रहा है जबकि खेत में इससे ज्यादा लागत आती है. इससे किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा है. किसान ने अपना सभी आलू कोल्ड स्टोर में रख कर छोड़ दिया है. अगर इस बार कीमत नहीं बढ़ती है तो किसान को बड़ा झटका लग सकता है. वही कोल्ड स्टोर में आलू का काम करने वाले किसान ने बताया कि इस बार आलू को लेकर सरकार द्वारा कुछ योजना शुरु की गई है. जिसमें आलू के किराए पर सौ रु प्रति कुंतल सब्सिडी दी जा रही है. इससे किसानों कुछ राहत मिलेगी. लेकिन किसान को फसल का उचित रेट मिलना चाहिए जिससे इस खेती में किसानों को नुकसान न हो.