Deepotsav third world record: महाकाल की नगरी उज्जैन मे शिप्रा तट दीपों की रोशनी से नहा उठा. रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट और महाकाल लोक सहित शहर के कई हिस्सों में लाखों दीप एक साथ प्रज्वलित किए गए. 33 लाख 27 हजार 125 दीपों से सजे घाटों का नजारा देखने लायक रहा. रोशनी से जगमगाती महाकाल की नगरी ने इस भव्य आयोजन के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया.
शिप्रा तट पर दीपोत्सव का आगाज शाम 7 बजे रामघाट से हुआ, जहां ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाया गया. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मां शिप्रा की आरती की, दीपों से सजे रामघाट पर आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला.
500 से अधिक कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां
उज्जैन के दीपोत्सव में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे 500 से ज्यादा कलाकारों ने संगीत, नृत्य और भजनों की शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया. कार्तिक मेला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल तस्वीर को दीपों से सजाया गया. जनभागीदारी से सजे इस आयोजन का समापन रंग-बिरंगी आतिशबाजी के साथ हुआ, जिसने पूरे माहौल को यादगार बना दिया.
26 हजार वॉलंटियर्स ने संभाली जिम्मेदारी
दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए करीब 26 हजार वॉलंटियर्स तैनात किए गए थे. सभी वॉलंटियर्स को घाटों और दीपों के ब्लॉक के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं. केदारेश्वर, सुनहरी, दत्त अखाड़ा, भूखी माता, महाकाल लोक और रामघाट के दो सेक्टर सहित शिप्रा तट के विभिन्न हिस्सों में एक साथ दीप प्रज्वलित किए गए.
45 हजार लीटर तेल और 1000 किलो कपूर की व्यवस्था
दीपोत्सव के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई थीं. आयोजन में 45 हजार लीटर तेल, 1000 किलो कपूर, 30 लाख से अधिक रुई की बातियां, 28 हजार लकड़ी की स्टिक और 53 हजार से अधिक मोमबत्तियों की व्यवस्था की गई. दीप प्रज्वलित करने के लिए करीब 11 हजार माचिस का उपयोग किया गया.
तीन हजार पुलिसकर्मियों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
दीपोत्सव के दौरान उमड़ी भारी भीड़ को संभालने के लिए उज्जैन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए. करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों के हिसाब से अलग-अलग रंगों के पास, पार्किंग और ड्रॉप पॉइंट बनाए गए. दोपहर 12 बजे से कई रास्तों पर यातायात प्रतिबंधित रहा. बाहर से आने वाले वाहनों को बायपास मार्गों से डायवर्ट कर निर्धारित पार्किंग स्थलों तक पहुंचाया गया.
पहले भी दो बार विश्व रिकॉर्ड बना चुका है उज्जैन
उज्जैन इससे पहले भी दीप प्रज्वलन के मामले में विश्व रिकॉर्ड बना चुका है. वर्ष 2022 में 11,71,078 दीप जलाकर रिकॉर्ड बनाया गया था. इसके बाद वर्ष 2023 में 18,82,229 दीप जलाकर उज्जैन ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा था. अब 33 लाख 27 हजार 125 दीप एक साथ जलाकर तीसरी बार नया विश्व रिकॉर्ड बनाया गया है.