New York Sewers : जहां ठहरे थे नेतन्याहू, वहीं गटर के रास्ते घुसे 2 संदिग्ध लोग, सच सुनकर पुलिस के भी उड़े होश

New York Sewers : जहां ठहरे थे नेतन्याहू, वहीं गटर के रास्ते घुसे 2 संदिग्ध लोग, सच सुनकर पुलिस के भी उड़े होश


न्यूयॉर्क की सड़कों पर अचानक सीवर के ढक्कन खुलते हैं और उनसे कुछ अनजान लोग बाहर निकलते दिखाई देते हैं. पिछले कुछ महीनों से इंटरनेट पर ऐसे हैरान करने वाले वीडियो की बाढ़ आई थी, जिन्हें देखकर तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगी थीं. ये मामला तब और ज्यादा गंभीर हो गया जब UNGA के दौरान सुरक्षा एजेंसियों की नजर एक वीआईपी होटल के ठीक बाहर गटर के अंदर उतरते कुछ संदिग्ध लोगों पर पड़ी. इसी होटल में इजराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू समेत दुनिया के कई दिग्गज नेता ठहरे हुए थे. जहां एक तरफ खुफिया एजेंसियां इसे किसी बड़े हमले या सुरक्षा में चूक की साजिश मानकर जांच में जुट गईं, वहीं जब सच सच आया तो वो भी हैरान रह गए.

VIP होटल के पास गटर का ढक्कन खोलकर नीचे उतरे लोग

ये पूरा मामला न्यू यॉर्क शहर का है, जहां संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का बड़ा सम्मेलन चल रहा था. मैनहट्टन इलाके में स्थित ‘लोव्स रीजेंसी’ होटल में इजराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू समेत दुनिया भर के कई बड़े नेता और कूटनीतिज्ञ ठहरे हुए थे. ठीक इसी होटल के पास यानी ईस्ट 61स्ट स्ट्रीट और पार्क एवोन्यू के कोने पर बुधवार तड़के एक अजीब और हैरान कर देने वाली घटना घटी.

सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा गया कि दो टोयोटा कोरोला गाड़ियां आकर सड़क किनारे रुकीं. गाड़ियों में से 6 लोग बाहर निकले, उन्होंने बिना किसी डर के सड़क पर लगे मैनहोल का भारी-भरकम ढक्कन हटाया और सीधे जमीन के नीचे बने सीवर नेटवर्क में उतर गए. ये इलाका सुरक्षा के लिहाज से बेहद सेंसेटिव माना जाता है. ऐसे में वीआईपी होटल के इतने करीब गटर के अंदर अनजान लोगों का जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरे की घंटी बजने जैसा था. घटना के कुछ देर बाद ये समूह गटर से बाहर निकला और गाड़ियों में बैठकर ब्रिज की तरफ चला गया.

CCTV और नंबर प्लेट से पुलिस ने पकड़ा रास्ता

पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सड़कों पर लगे ऑटोमैटिक लाइसेंस-प्लेट रीडर्स की मदद से दोनों गाड़ियों का पीछा किया. गाड़ियों के नंबर ट्रैक करते हुए पुलिस संदिग्धों के ठिकाने तक पहुंच गई. इसके साथ ही, पुलिस के पास पहले से मौजूद ट्रैफिक चेकिंग के फुटेज से संदिग्धों की पहचान की गई.

गहन जांच के बाद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों, 26 साल के केविन रोड्रिगेज और 25 साल के सैमुअल रेवोरॉन को गिरफ्तार कर लिया. दोनों पर बिना इजाजत सरकारी संपत्ति में घुसने और साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. कोर्ट में पेशी के बाद फिलहाल दोनों को सख्त निगरानी में रिहा कर दिया गया है.

पूछताछ के दौरान सैमुअल रेवोरॉन ने पुलिस अधिकारी के सामने जो खुलासा किया, उसने जांच अधिकारियों का भी सिर चकरा दिया. आरोपी ने माना कि वो लोग कोई हमला करने या किसी को नुकसान पहुंचाने नहीं गए थे, बल्कि वो सीवर के गंदे नालों में सोना और कीमती सामान ढूंढ रहे थे.

क्या सीवर के अंदर वाकई सोना छिपा है?

आरोपियों के इस बयान के बाद अब हर तरफ ये सवाल उठने लगा है कि क्या शहर के गटरों में सचमुच कोई खजाना या सोना दबा पड़ा है? एक्सपर्ट्स और शहर के जानकारों की मानें तो गटर में सोना मिलने की बात किसी पुरानी मनगढ़ंत कहानी या अफवाह से ज्यादा कुछ नहीं है.

शहर के अंडरग्राउंड सीवर नेटवर्क को सालों से खंगालने वाले मशहूर अर्बन एक्सप्लोरर स्टीव डंकन ने इस बात का सच बताया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में सैकड़ों बार गटरों और गंदे नालों की यात्रा की है, लेकिन उन्हें कभी भी कोई कीमती सामान या सोना नहीं मिला.

स्टीव डंकन ने चेतावनी भी दी कि गटर के अंदर खजाना तो दूर की बात है, वहां जाने वाले इंसान की जान को हर पल बड़ा खतरा रहता है. सीवर के अंदर जहरीली मीथेन गैस, ऑक्सीजन की भारी कमी और गैस पाइपलाइन लीक होने के कारण अचानक धमाके का डर हमेशा बना रहता है. ऐसे में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के गटर में उतरना सीधे अपनी मौत को दावत देना है.

महीनों से शहर भर में दिख रहे थे ‘मैनहोल मैन’

न्यू यॉर्क में गटर से बाहर निकलते लोगों का ये कोई पहला मामला नहीं था. मई के महीने से ही शहर के अलग-अलग कोनों से ऐसी हैरान करने वाली तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे थे. मई में ब्रुकलिन इलाके में कुछ लोगों को खुले मैनहोल में उतरते देखा गया था. इसके बाद अगस्त में एक प्रमुख रेलवे स्टेशन के पास तीन लोग सिर पर टॉर्च वाली लाइट और खास कपड़े पहने गटर से बाहर निकलते कैमरे में कैद हुए थे.

सितंबर के महीने में भी अलग-अलग इलाकों में इसी तरह की घटनाएं दर्ज की गईं. हर बार सड़क के गटर से अचानक किसी इंसान का बाहर आना वहां से गुजरने वाले आम लोगों और गाड़ियों के ड्राइवरों को डरा देता था.

पुलिस ने पहले भी इस बारे में बयान दिया था कि बारिश और तूफानों के बाद कुछ लोग सीवर में बहकर आए कबाड़ और खोए हुए सामान की तलाश में नीचे उतरते हैं, लेकिन इस तरह की सनक पूरे शहर में फैल जाएगी, इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी.

सुरक्षा का कोई खतरा नहीं, लेकिन सनक बेहद पुरानी है

इस पूरी घटना में सबसे राहत की बात ये रही कि इसमें किसी आतंकवादी या आपराधिक हमले की साजिश नहीं थी. एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने साफ किया कि पकड़े गए आरोपियों का मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना बिल्कुल नहीं था. पास के होटल में ठहरे विदेशी नेताओं और इजराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू की सुरक्षा को इन लोगों से कोई खतरा नहीं था.

हालांकि, सीवर के गंदे नालों में कीमती सामान ढूंढने की ये सनक नई नहीं है. अगर इतिहास उठाकर देखें तो करीब 100 साल पहले भी शहर के गटरों में खोई हुई ज्वैलरी और सिक्के ढूंढने के लिए लोग नीचे उतरते थे. समय-समय पर पुलिस ऐसे खजाना ढूंढने वालों को पकड़ती भी रही है. लोग सोचते हैं कि इतने बड़े और अमीर शहर की नालियों में गलती से बहकर आई सोने की अंगूठियां, घड़ियां या सिक्के गटर की तलहटी में जमा हो जाते होंगे. इसी झूठी उम्मीद में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर गटर में उतर जाते हैं.



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