Premanand Ji Maharaj Motivational Quotes: प्रेमानंद महाराज को यदि आप सिर्फ एक धर्म गुरु समझ रहे हैं, तो ये आपकी बहुत बड़ी गलती है. उनकी जिंदगी अपने आप में दूसरों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है. दोनों किड़नियां फेल है, उन्हें रेगुलर डायलिसिस करवाना पड़ता है जो कि बहुत ही पेनफुल प्रोसेस है. इसके बावजूद उनके चेहरे पर ईश्वर से शिकायत की एक लाइन दिखायी नहीं पड़ती है.
जहां लोग अपने आप को हारा हुआ मानकर जिंदगी से शिकायत करने लगते हैं, वहीं प्रेमानंद महाराज इसे ईश्वर की इच्छा समझकर सह-आदर स्वीकार्य करते हैं. जो इसे समझ गया वो अपनी जिंदगी में कभी टूट नहीं पाएगा. क्योंकि यही वो एक तरीका है जीवन में नए रास्तों को खोलता है. यहां आप अंदर से कमजोर महसूस करने लगे हैं, तो दोबारा खुद को ऊर्जा से भरने के लिए प्रेमानंद महाराज की ये 7 बातों को जरूर पढ़ें और इसे धारण करके आगे बढ़ें-
“आप सब कुछ कर सकते हो”
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि आप आप सब कुछ कर सकते हैं. अगर कोई ये सोचता है कि ये तो किसी-किसी के भाग्य में लिखा होता है, तो ये गलत है. तुम जो चाहो वो कर सकते हो अपना भाग्य बदल सकते हो.ये मनुष्य शरीर है, जो चाहो वो कर सकते हो. जब इस शरीर में होते हुए ईश्वर को पाया जा सकता है, तो फिर दुनिया में ऐसी कोई चीज नहीं बच जाती है जो आप नहीं कर पाते हैं. इसलिए सबसे पहले अपने दिमाग से ये विचार निकालकर फेंक दें कि ये मैं नहीं कर पाऊंगा.
“सुख-दुख हमारी दिमाग की उपज है”
महाराज जी कहते हैं कि एक निगेटिव विचार का आदमी हर स्थिति में जलता है, लेकिन पॉजिटिव माइंडसेट के व्यक्ति में खराब परिस्थिति में भी अपने आपको सुखी रखने की क्षमता होती है. निगेटिव और पॉजिटिव सिर्फ हमारे दिमाग का विषय है और सुख-दुख हमारे दिमाग से उपजता है. ये बाहर किसी व्यक्ति या परस्थिति से जुड़ा नहीं होता है. इसलिए सबसे पहले अपने मन के आईने को साफ करें, बाहर सब कुछ सुखमय नजर आने लगेगा.
“किसी को मत बताओ कि मैं दुखी हूं”
ऐसा कहा जाता है कि दुख बांटने से घटता है, लेकिन महाराज जी कहते हैं कि अगर कोई पूछे तो कभी मत कहना कि मैं दुखी हूं, किसी के पूछने पर मत अपनी समस्याओं को बताओ और न ही किसी के पूछने पर कहो कि मैं ऐसा हूं… क्योंकि आप जो अपने बारे में बोलेंगे आपका भाव वैसा ही होता चला जाएगा. दुख है फिर भी कहो कि मैं दुखी नहीं हूं. ये सिर्फ इंद्रियों का खेल है, यकिन मानो हर चीज से पार निकल जाओगे.
“भगवान का भरोसा होना चाहिए”
महाराज जी कहते हैं, कि हार के भय से मुक्त होने के लिए भगवान का भरोसा होना चाहिए. यदि आप किसी परीक्षा में असफल हो जाए तो आपको पता होना चाहिए कि आपका ईश्वर आपके लिए कोई ऐसा उपाय करेगा जिससे आपका मंगल हो जाएगा.
“समझ जाओ तो फिर रोना क्या”
यदि आपको जिंदगी में हर चीज पर वियज प्राप्त करनी है,तो महाराज जी की इस बात को जितना जल्दी हो सके दिमाग में बैठा लीजिए. महाराज जी कहते हैं कि अगर समझ जाओ तो फिर रोना क्या, और जग गए तो फिर क्या सोना. अगर ज्ञान में जग गए हो तो मोह में क्या सोना. मोह से छुटना ही सबसे बड़ी विजय है. हर चीज को हासिल करो लेकिन उससे मोह मत पालो. अपनी जीत और हार को जिस दिन समान रूप से स्वाकारने लग जाओगे जिंदगी से निराशा खत्म हो जाएगी.