Jaishankar UNGA Speech Live : जयशंकर ने पाकिस्तान के इतिहास-भूगोल सबको धो डाला, आतंकवाद पर दहाड़े विदेश मंत्री

Jaishankar UNGA Speech Live : जयशंकर ने पाकिस्तान के इतिहास-भूगोल सबको धो डाला, आतंकवाद पर दहाड़े विदेश मंत्री


न्यू यॉर्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच पर भारत के विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने एक बार फिर ऐसा धमाकेदार भाषण दिया है, जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है. संयुक्त राष्ट्र के इस ऐतिहासिक मंच पर 140 करोड़ भारतीयों की तरफ से नमस्कार करते हुए विदेश मंत्री ने सीमा पार आतंकवाद, वैश्विक संघर्ष और पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर खुलकर हमला बोला. ठीक एक दिन पहले जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुनिया के सामने अपनी पुरानी आदत के मुताबिक मदद के नाम पर ‘हाई-टेक भीख’ मांगी थी, वहीं अगले ही दिन जयशंकर ने मंच संभालते ही आतंकवाद की फंडिंग रोकने और आतंकियों को पनाह देने वाले देशों को सबक सिखाने की सख्त चेतावनी दे दी.

शहबाज शरीफ का नया पैंतरा और क्लाइमेट चेंज का ड्रामा

संयुक्त राष्ट्र में भाषण देने आए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बार दुनिया से पैसे ऐंठने का एक एकदम नया और हाई-टेक तरीका निकाला. उन्होंने अपनी नाकाम आर्थिक नीतियों और कर्ज के बोझ को छिपाने के लिए जलवायु परिवर्तन का सहारा लिया. शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया का केवल 1 प्रतिशत प्रदूषण भी पैदा नहीं करता, लेकिन फिर भी उसे पर्यावरण में आ रहे बदलावों का सबसे बड़ा नुकसान भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने विकसित देशों से कोई दया या मदद मांगने के बजाय पूरे अधिकार और हक के साथ पैसों की मांग की.

‘कल आतंकवाद के मास्टरमाइंड ने झूठ बोला’ : जयशंकर का करारा जवाब

पाकिस्तान के इस फर्जी ड्रामे और झूठे बयानों का जवाब देने में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिल्कुल भी देर नहीं लगाई. यूएन के पोडियम पर आते ही जयशंकर ने शहबाज शरीफ का नाम लिए बिना ही उनकी पूरी पोल खोल दी. जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा, ‘कल आतंकवाद के एक धारावाहिक अभ्यासी ने इस महासभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया. आतंकवाद को सामान्य बताने और उसके गंभीर नतीजों से बचने के लिए तरह-तरह के कुतर्क दिए गए’.

जयशंकर ने बेहद कड़े लहजे में दुनिया को सचेत करते हुए कहा कि पाकिस्तान का ये रवैया अब और नहीं चलेगा. आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले और उसका शिकार होने वाले देशों को कभी एक नजर से नहीं देखा जा सकता. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भारत के खिलाफ रची जाने वाली हर आतंकवादी साजिश का करारा जवाब दिया जाएगा.

‘आतंकवाद फैलाने वालों की फंडिंग रोको’

अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने वैश्विक आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए बहुत ही ठोस उपाय बताए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद का सबसे बड़ा सहारा पैसा यानी फंडिंग है. अगर दुनिया को वास्तव में आतंकवाद से मुक्ति पानी है, तो आतंकियों और उन्हें पालने वाले देशों की वित्तीय मदद को हर हाल में रोकना होगा.

जयशंकर ने कहा कि स्टेट स्पॉन्सर टेररिज्म और सीमा पार से होने वाला आतंकवाद पूरी दुनिया की व्यवस्था के लिए एक सीधा खतरा है. ऐसे देशों को उनके किए की सजा मिलनी ही चाहिए और आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए. जो देश आतंकवाद की फंडिंग करते हैं, उनका पर्दाफाश करना और उनके पैसों के रास्ते बंद करना आज सबसे बड़ी जरूरत है.

आत्मरक्षा का पूरा अधिकार: भारत का कड़ा रुख

विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से पूरी दुनिया को भारत की नई नीति से रूबरू कराया. उन्होंने कहा कि भारत के पास आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और भारत इस अधिकार का इस्तेमाल करने से कभी पीछे नहीं हटेगा.

जयशंकर ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि दोस्ती और सद्भावना कभी भी आतंकवाद के साथ नहीं चल सकतीं. अगर कोई देश ये सोचता है कि वह एक तरफ आतंकवाद को बढ़ावा देगा और दूसरी तरफ बातचीत या दोस्ती का नाटक करेगा, तो ये मुमकिन नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद फैलाने वाले देश को खुद अपने तौर-तरीके सुधारने होंगे, तभी कोई बात आगे बढ़ सकती है.

दुनिया में जंग और 4F का संकट: ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज

एस. जयशंकर ने सिर्फ आतंकवाद पर ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में चल रहे युद्धों और संकटों पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने गल्फ में जहाजों पर हो रहे हमलों, पिछले पांच सालों से जारी यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के तनाव पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि लगातार चल रही जंग से वे देश सबसे ज्यादा पिस रहे हैं जिनका इसमें कोई कुसूर ही नहीं है.

जयशंकर ने कहा कि आज विकासशील देश यानी ‘ग्लोबल साउथ’ 4F के गंभीर संकट से जूझ रहा है— भोजन (Food), ईंधन (Fuel), उर्वरक (Fertilizer) और वित्त (Finance). उन्होंने चेताया कि आज हर चीज को हथियार बनाया जा रहा है, चाहे वो बाजार तक पहुंच रोकना हो, सप्लाई चेन को बाधित करना हो या तकनीक को रोकना हो. यहां तक कि AI का गलत इस्तेमाल भी लोगों के बीच पक्षपात और दूरी बढ़ा रहा है.

मदद लेने वाला नहीं, दुनिया को राह दिखाने वाला भारत

विदेश मंत्री ने यूएन के मंच से भारत की विकास यात्रा और दुनिया के प्रति उसकी जिम्मेदारी को भी गर्व के साथ सामने रखा. उन्होंने बताया कि कैसे भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल देश के 140 करोड़ लोगों का जीवन आसान बना रहा है, बल्कि दुनिया के लिए भी एक मॉडल बन चुका है.

आज भारत मदद मांगने वाला देश नहीं, बल्कि मदद देने वाला देश बन चुका है. भारत ने 78 देशों में 600 से अधिक विकास परियोजनाएं चलाई हैं. प्राकृतिक आपदा हो या कोई मानवीय संकट, भारत हमेशा ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनकर खड़ा रहा है. नेपाल में बाढ़ हो या वेनेजुएला में भूकंप, भारत ने तुरंत दवाइयां और राहत सामग्री पहुंचाई है.

नए भारत का बुलंद और बेबाक संदेश

विदेश मंत्री एस जयशंकर का ये भाषण केवल एक कूटनीतिक वक्तव्य नहीं था, बल्कि ये बदलते हुए नए भारत की हुंकार थी. उन्होंने एक तरफ जहां भीख मांगने और झूठा रोना रोने वाले पड़ोसी देश पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया के सामने बेनकाब किया, वहीं दूसरी तरफ शांति, तरक्की और वैश्विक कल्याण के लिए भारत का विजन भी पेश किया.

महात्मा गांधी के महान विचारों का जिक्र करते हुए जयशंकर ने अपने भाषण का अंत इन शब्दों के साथ किया, ‘शांति का कोई रास्ता नहीं होता, शांति ही अपने आप में रास्ता है’ जयशंकर के इस कड़े और बेबाक भाषण ने पूरी दुनिया को ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आतंकवाद को शरण देने वाले देशों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.



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