भाई को बांधकर बहन के साथ गैंगरेप, दोषियों को आखिरी सांस तक याद रहेगी कोरडरमा कोर्ट की सजा

भाई को बांधकर बहन के साथ गैंगरेप, दोषियों को आखिरी सांस तक याद रहेगी कोरडरमा कोर्ट की सजा


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नाबालिगों को बहला-फुसलाकर तो बालिग लड़कियों के साथ जबरन छेड़खानी और रेप के कई मामले सामने आ रहे हैं. ऐसी ही एक घटना झारखंड के कोडरमा में घटी जहां एक नाबालिग अपने भाई के साथ पहाड़ी पर ढिबरा चुनने गई थी. वहां अपराधी और रेपिस्ट मानसिकता के कुछ युवा पहले से घात लगाए बैठे थे. जैसे ही वहां वह लड़की अपने भाई के साथ ढिबरी चुनने पहुंची वहीं पर दोषियों ने पहले तो उसके भाई को पेड़ में बांध दिया. अब 2 साल पुराने इस मामले में….

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कोडरमा: झारखंड के कोडरमा में नाबालिग से गैंगरेप के एक मामले में अदालत का ऐसा फैसला आया है जिसने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है. घटना के करीब दो साल बाद विशेष पॉक्सो अदालत ने दो दोषियों को अंतिम सांस तक आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोनों पर कुल 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह स्पेशल पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश सचिंद्रनाथ सिन्हा की अदालत ने 26 सितंबर को पॉक्सो केस नंबर 01/2025 में यह फैसला सुनाया.

अदालत ने मामले के आरोपी रोहित कुमार उर्फ रोहित राजवार, पिता स्व. पप्पू राजवार, उम्र 19 वर्ष निवासी दीवौर, थाना कोडरमा और चंदन कुमार, पिता विजय राजवार, उम्र 20 वर्ष निवासी दीवौर को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाते हुए अंतिम सांस तक आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई. दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. इसके अलावा अदालत ने बीएनएस की धारा 76 के तहत दोनों दोषियों को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना नहीं देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. वहीं धारा 115(2) के तहत एक-एक वर्ष तथा धारा 126(2) के तहत एक माह की सजा भी सुनाई गई है. अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

पीड़िता को मुआवजा देने का निर्देश
न्यायालय ने पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को मुआवजा उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है. मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की. सुनवाई के दौरान अभियोजन ने कुल 10 गवाहों का परीक्षण कराया. अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने अदालत से दोषियों को अधिकतम सजा देने का आग्रह किया. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार ने आरोपियों का पक्ष रखा.

पहाड़ी पर ले जाकर वारदात का आरोप
मामला वर्ष 2024 का है. इसे लेकर कोडरमा थाना में थाना कांड संख्या 240/2024 दर्ज कराया गया था. प्राथमिकी के अनुसार नाबालिग अपने भाई के साथ पास की पहाड़ी पर ढिबरा चुनने गई थी. आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए रोहित राजवार, चंदन राजवार और एक अन्य युवक ने दोनों के साथ मारपीट की और उन्हें जंगल की ओर ले गए. आरोप के मुताबिक आरोपियों ने नाबालिग के भाई के हाथ-पैर बांधकर उसे पेड़ से बांध दिया और नाबालिग के साथ दोपहर करीब 12 बजे से रात 9 बजे तक बारी-बारी से दुष्कर्म किया. प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने पीड़िता के नाक, कान और गले के सोने चांदी के आभूषण, उसके भाई का मोबाइल और 1200 रुपये नकद छीन लिए.

घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान का अवलोकन करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाया और विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई. इस मामले में एक अन्य आरोपी घटना के समय नाबालिग था. इसलिए उसका ट्रायल अलग से चल रहा है.



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