संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत कैसे हुई? 3 शिष्यों ने खोल दिया मुंह

संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत कैसे हुई? 3 शिष्यों ने खोल दिया मुंह


मथुरा: यूपी के मथुरा-वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम में जाकर न्यूज18 इंडिया ने ग्राउंड रिपोर्ट की. ग्राउंड रिपोर्ट में वह 4 मंजिल बिल्डिंग भी दिखाई गई है जहां से महाराज के शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक की गिरकर मौत हुई थी. इस बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरा भी लगे हैं जिसका फुटेज वृंदावन पुलिस ने हासिल किया है. पुलिस को फुटेज में शिष्य रसिक दुलारी गिरता हुआ नजर आ रहा है लेकिन ऊपर कौन-कौन था इसके बारे में पुलिस जांच कर रही है.

वहीं कृपालु महाराज के कई शिष्य अंदर जा रहे थे उनसे बातचीत करने की कोशिश की गई लेकिन कोई भी बात करने के लिए तैयार नहीं था. हर किसी ने सवाल को घुमा दिया कि हम नहीं जानते हम यहां पर नहीं रहते हम बाहर रहते हैं. सभी इस तरह का जवाब दे रहे थे.

बिल्डिंग के सामने वाली दूसरी बिल्डिंग में रहने वाले एक शख्स से बातचीत की. जिन्होंने बताया कि सुबह 10:30 बजे के आसपास से हादसा हुआ था, हम तो लेकर नहीं गए थे इन्हीं के जो लोग थे वही उसको लेकर अस्पताल गए थे, लेकिन उसकी मौत हो गई थी, हमने यहां पर कुछ नहीं सुना कई सारे लोग यहां पर रहते हैं हमें बाकी नहीं पता.

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के गुरु कृपा कुंज में शुक्रवार की सुबह एक शिष्य के संदिग्ध हालत में बिल्डिंग से नीचे गिरने से मौत हो गई. उस बिल्डिंग में कई शिष्य शिक्षा, दीक्षा के लिए यहां पर रहने आए हैं. जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त भी कई सारे लोग उस बिल्डिंग में मौजूद थे जो शिष्य थे. वहीं लोग जानकारी मिलने पर तुरंत नीचे आए और घायल रसिक दुलारी को अस्पताल लेकर भी गए जिसकी मौत हो गई.

शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है लेकिन कई ऐसे सवाल भी हैं जो हत्या की तरफ भी खड़े होते हैं. रसिक दुलारी जिस कमरे में रहता था उस कमरे की पूरी गहनता से जांच की गई. फोरेंसिक एक्सपर्ट के जरिए सबूत इकट्ठा किए गए हैं. कमरे में पुलिस को एक ग्राइंडर मिला है जिसमें खून के निशान है तो वही रसिक दुलारी के प्राइवेट पार्ट में भी कटे होने और खून के निशान है. इससे पुलिस भी दूसरी दिशा की तरफ जांच कर रही है कि क्या यह आत्महत्या है या फिर से आत्महत्या का एंगल दिया गया है.

पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में सिर्फ गिरते हुए का फुटेज मिला हुआ है. आश्रम से जुड़ी इस बिल्डिंग के अंदर कितने शिष्य थे और मृतक रसिक दुलारी के साथ कौन रहता था इसको लेकर भी पड़ताल की जा रही है. ग्राइंडर कितने समय से उनके पास था या फिर अचानक उन्होंने अपने पास मंगवाया था इसको लेकर भी पूछताछ की गई है.

पुलिस इस उलझन में है कि जब शिष्य रसिक दुलारी खुदकुशी जैसा बड़ा कदम उठाने जा रहा था तो उससे पहले प्राइवेट पार्ट को चोटिल क्यों किया गया? ग्राइंडर में चोटिल होने के बाद घायल के कराहने की आवाज भी किसी ने सुनी थी या नहीं इसको लेकर भी पूछताछ की गई है. वृंदावन पुलिस कई सवालों का जवाब तलाशना चाहती है जिनमें खुदकुशी की वजह का पता लगाया जाना बहुत जरूरी है, कोई सुसाइड नोट पुलिस को नजर नहीं आया है.

जांच कर रहे CO संदीप कुमार सिंह ने न्यूज 18 इंडिया को बताया कि यह सूचना हमें प्राप्त हुई थी कि मथुरा के सर्वोदय अस्पताल में एक व्यक्ति घायल हालत में लाया गया है. इस सूचना पर तत्काल पुलिस टीम पहुंची तो पता चला कि रसिक दुलारी शरण जो जबलपुर के रहने वाले हैं और यहां पर आश्रम में रह रहे थे जहां पर रहते थे उसकी चौथी मंजिल से गिरने से मौत हुई है.

शुरुआती जांच में यह आत्महत्या लग रही थी फॉरेंसिक टीम भेजी गई जांच की जा रही है. जितने भी चीज मिली हैं वह सब हमने अपने कब्जे में लिया है अब पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है. ये ग्राइंडर टाइल्स काटने वाला है उनके कमरे में कैसे गया जांच का विषय है. वहां पर बिजली और टाइल्स का काम का सामान रखा हुआ था. यह दो लोग रहते थे हमने पूछताछ की है. हम लोगों को जांच में सीसीटीवी कैमरे मिले हैं, उसका फुटेज छत से कूदते हुए नजर आए हैं.

उसकी जांच की जा रही है कि स्थिति में यह सब हुआ. मौके से कोई सुसाइड नोट जैसी कोई चीज नहीं मिली है लेकिन उनके साथ आश्रम में यह दो लोग रहते थे उनसे पूछताछ हो रही है, जो इनका मोबाइल है उसकी जानकारी की जा रही है हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, परिजन भी आए हैं उनसे बातचीत करेंगे.



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