नई दिल्ली. भारत के पूर्व ओपनर विनोद कांबली एक बार फिर खबरों के केंद्र में हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए उनके एक हालिया वीडियो मैसेज ने उनके फैंस और क्रिकेट प्रेमियों को राहत के साथ-साथ थोड़ा चिंतित भी कर दिया है. ठाणे स्थित ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ से जारी इस वीडियो में कांबली ने अपने स्वास्थ्य और देखभाल के संबंध में दिल छू लेने वाली बातें कही हैं.
अपने छोटे से वीडियो संदेश में विनोद कांबली (Vinod Kambli) ने ठाणे के इस केयर सेंटर के माहौल, साफ-सफाई और आतिथ्य की खुलकर तारीफ की. उन्होंने अपने शुभचिंतकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी अच्छी देखभाल की जा रही है और उन्हें वहां भरपूर प्यार मिल रहा है. वीडियो में उन्होंने कहा, ‘मैं विनोद कांबली हूं. मैं अभी निदान में हूं. यहां मुझे बहुत अच्छी सुविधाएं मिली हैं. यहां की स्वच्छता और व्यवस्था सब कुछ एकदम फर्स्ट क्लास है. मुझे यहां बिल्कुल भी ऐसा नहीं लगता कि मैं अपने घर से दूर हूं. यहां के लोगों से मुझे बहुत प्यार मिला है.’
‘ठीक होकर आईपीएल में करें कमेंट्री’
कांबली के इस नए वीडियो पर फैंस और आम जनता की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. ट्विटर यूजर रवि भारद्वाज ने अपनी उत्सुकता और उम्मीद जाहिर करते हुए लिखा, ‘कांबली जी को ठीक होकर अब कमेंट्री करनी चाहिए. आजकल तो कमेंटेटर्स को भी करोड़ों रुपये मिलते हैं. उन्हें बढ़िया से आईपीएल में कमेंट्री संभालनी चाहिए.’
जल्द वापसी की उम्मीद
मैदान पर गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले विनोद कांबली आज जिंदगी की पिच पर अपनी बीमारियों से मजबूती से लड़ रहे हैं. निदान सेंटर से आई यह अपडेट उनके प्रशंसकों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है कि क्रिकेट का यह सितारा जल्द ही पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपनी पुरानी लय में नजर आएगा.
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं कांबली
यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब 52 वर्षीय कांबली के लगातार गिरते स्वास्थ्य को लेकर खेल जगत में चिंता का माहौल था. बीते कुछ वर्षों में उन्हें कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ा है. साल 2013 में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी. इसके बाद यूरिनरी इन्फेक्शन, चलने-फिरने में असमर्थता और मस्तिष्क में थक्के जमने जैसी जटिलताओं के कारण उन्हें ठाणे के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. इन समस्याओं से स्ट्रोक और याददाश्त कमजोर होने का खतरा बढ़ गया था.
जब सचिन के साथ दिखे थे कांबली
कांबली की शारीरिक हालत की झलक तब देखने को मिली जब 2024 में मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में आयोजित एक समारोह के दौरान वे अपने बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर के साथ नजर आए. उस समय कांबली काफी कमजोर दिख रहे थे और उन्हें चलने के लिए सहारे की जरूरत पड़ रही थी. उनकी यह स्थिति देखकर क्रिकेट जगत हिल गया था. इसके बाद कपिल देव और सुनील गावस्कर जैसी महान क्रिकेट हस्तियों ने उनके पुनर्वास और इलाज के लिए सहायता की पेशकश भी की थी.
रिकॉर्ड्स से भरा रहा क्रिकेट करियर
मैदान से बाहर चल रही बीमारियों और कठिनाइयों के बावजूद, विनोद कांबली का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्राकृतिक और प्रतिभावान बल्लेबाजों में हमेशा याद रखा जाएगा. कांबली के क्रिकेट करियर की शुरुआत किसी परीकथा जैसी रही थी. उन्होंने स्कूली क्रिकेट में अपने परम मित्र सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर ऐतिहासिक 664 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान उनकी ओर खींचा था.
टेस्ट क्रिकेट में बनाया अद्भुत कीर्तिमान
इसके बाद जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा, तो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया. भारत के लिए 17 टेस्ट मैच खेलते हुए कांबली ने 54.20 की असाधारण औसत से 1,084 रन बनाए, जिसमें चार शानदार शतक शामिल थे. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम सबसे तेजी से 1,000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड दर्ज है. उन्होंने यह ऐतिहासिक मुकाम महज 14 पारियों में हासिल कर लिया था. कई दशकों बाद भी यह रिकॉर्ड कायम है, हालांकि हाल के दिनों में युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल इस रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुँचे थे, लेकिन वे 16 पारियों में 1,000 रन पूरे करके दूसरे स्थान पर रह गए.
वनडे में भी दिखाया अपना दम
वनडे क्रिकेट में भी कांबली का प्रदर्शन सराहनीय रहा. उन्होंने भारत के लिए 104 वनडे मुकाबले खेले और 32.59 की औसत से कुल 2,477 रन बनाए. सीमित ओवरों के इस प्रारूप में उनके बल्ले से 2 शतकीय और 14 अर्धशतकीय पारियां निकलीं.