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Lucknow Kanpur Expressway News : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह गड्ढे होने की खबरें सामने आई थीं. इसी पर सख्त होते हुए इस एक्सप्रेसवे को बनाने वाली कंपनी पर हाल ही में बड़ी कार्रवाई की गई. वहीं, अब सवाल उठा की कार्रवाई के बाद ये कंपनी कहीं मरम्मत से पीछे नहीं हट जाए. इस पर एनएचएआई ने साफ कर दिया है कि अगर पीछे हटी कंपनी तो उसके 30 करोड़ रुपये डूब जाएंगे. मगर कैसे आइए जानते हैं सबकुछ.
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे की मरम्मत पर सवाल.
लखनऊ : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow Kanpur Expressway) बनाने वाली पीएनसी कंपनी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. पहले नए ठेकों के लेने पर 3 साल तक के लिए रोक लगा दी गई. वहीं अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कह दिया कि अगर निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक सुधारात्मक कार्यों को पूरा नहीं करेगी तो उसके परफार्मेंस सिक्यॉरिटी के तौर पर जमा कराए गए 30 करोड़ रुपये जब्त कर लिए जाएंगे.
दरअसल, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू होने के महज 26 दिनों के अंदर ही 74 स्थानों पर गड्ढे और सड़क क्षतिग्रस्त होने के मामले सामने आने लगे थे. यहां तक कि कई जगह तो सड़क को सुखाने के लिए पंखे भी लगा दिए गए थे, जिनका वीडियो वायरल हो गया था. मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच तक पहुंच गया और अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया. उसके बाद एनएचएआई ने बड़ा एक्शन लिया. प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे में निर्माण दोष और सड़क धंसने की घटनाओं के कारण पीएनसी इन्फ्राटेक और उसकी सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड को 3 साल के लिए बैन कर दिया है. यानी कि नए प्रोजेक्ट्स की बोली लगाने से रोक दिया गया.
अब सवाल उठने लगे कि बैन लगाने पर कंपनी एक्सप्रेस-वे पर मरम्मत और सुधारात्मक कार्यों को पूरा करने से पीछे हट सकती है. इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए परफार्मेस सिक्यॉरिटी के रूप में पीएनसी के 30 करोड़ रुपये प्राधिकरण के पास जमा हैं. परियोजना से जुड़ी कमियों को दूर करने और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की जिम्मेदारी कंपनी की है. अगर कंपनी निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं करती है, तो नियमों के तहत सिक्यॉरिटी राशि जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है.
अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि कंपनी पर लगाए गए प्रतिबंध का असर पहले से जारी परियोजनाओं पर नहीं पड़ेगा. विशेष रूप से बाराबंकी और बहराइच को जोड़ने वाली छह लेन सड़क परियोजना का कार्य पहले की तरह जारी रहेगा. यह परियोजना भी पीएनसी को ही आवंटित की गई है और इसके निर्माण कार्य पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है.