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Indore: इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए कांग्रेस 10.08 लाख रुपये जमा करा चुकी थी, लेकिन आईडीए (IDA) ने 4 लाख रुपये और मांग लिए. तय तारीख से पहले मैदान के इस्तेमाल पर उठा विवाद, जिसे कांग्रेस ने राजनीतिक दबाव बताया है.
Ground lease controversy: मध्य प्रदेश के इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले मैदान के किराये को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस पहले ही 10.08 लाख रुपये जमा करा चुकी थी, लेकिन इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने पार्टी से करीब 4.03 लाख रुपये और जमा कराने को कहा. कांग्रेस ने गुरुवार को यह रकम भी जमा करा दी.
क्या है पूरा मामला
कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने स्थित करीब 12,000 वर्ग मीटर के मैदान की 17 से 19 सितंबर तक तीन दिन की अस्थायी लीज ली थी. इसके एवज में पार्टी ने IDA के खाते में 10.08 लाख रुपये जमा कराए थे. इसके बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने IDA से शिकायत की कि अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करते हुए मैदान का इस्तेमाल तय अवधि से पहले ही शुरू कर दिया गया है. जांच में सामने आया कि साइट के करीब 4,800 वर्ग मीटर हिस्से का उपयोग 14 सितंबर से ही किया जा रहा था, यानी आवंटन की तारीख से तीन दिन पहले से ली गई.
16 सितंबर को भेजा पत्र
IDA ने 16 सितंबर को इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को पत्र भेजकर कहा कि जमीन सिर्फ 17 से 19 सितंबर तक के लिए आवंटित की गई थी. प्राधिकरण ने पहले भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए दोहराया कि तय तारीख से पहले या बाद में जमीन का इस्तेमाल करने पर उन दिनों का लीज रेंट भी देना होगा. इसी आधार पर तीन एक्सट्रा दिनों का चार्ज मांगा गया.
आमने-सामने कांग्रेस और सरकार
कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दबाव बताते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन भाजपा के इशारे पर मनमाने तरीके से वसूली कर रहा है और कार्यक्रम में अड़चन डालने की कोशिश हो रही है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि नियमों के तहत ही चार्ज लिया गया है. गौरतलब है कि ‘छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम का पांचवां संस्करण है, जिसे वे इंदौर में संबोधित करेंगे.