शिमला. चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में हिमाचल कांग्रेस ने शुक्रवार को शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया. कसुम्पटी स्थित चुनाव विभाग के कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान चुनाव विभाग के बोर्ड पर कालिख पोतकर ‘चोर आयोग’ लिख दिया. इसके बाद ज्ञानेश कुमार और पीएम मोदी का पुतला फूंका गया. पुतला जलाने से पहले पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई.
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही. कांग्रेस का यह प्रदर्शन देशभर में पार्टी के घोषित विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा है. कांग्रेस ने 25 सितंबर को राज्य स्तर पर चुनाव कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया था और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
संविधान की प्रति लेकर पहुंचीं रजनी पाटिल
प्रदर्शन में हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह और कई विधायकों समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. रजनी पाटिल हाथ में संविधान की प्रति लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं.
रजनी पाटिल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बेहद तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं. पाटिल ने आरोप लगाया कि बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और हरियाणा समेत कई राज्यों में वोटों को लेकर सवाल उठे हैं और कानून में बदलाव के जरिए
ज्ञानेश कुमार ने मनमानी का आरोप
पाटिल ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर “निर्णायक लड़ाई” लड़ेगी और विपक्ष के साथ मिलकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा. उनके अनुसार, जन आंदोलन के दबाव में सरकार को कार्रवाई करनी पड़ेगी. उनके इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का विरोध जारी रहने की बात भी कही गई.
मुकेश अग्निहोत्री का बड़ा हमला
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी चुनाव आयोग और केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आरोप मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगे हैं, लेकिन भाजपा सामने आकर सफाई दे रही है.अग्निहोत्री ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के साथ-साथ हिरासत में लेने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की. उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इसे “हैंडिड क्लब” बताया. अग्निहोत्री ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार को नहीं हटाया गया तो कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी. उन्होंने कहा कि जिस तरह से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाया गया है, उसी तरह ज्ञानेश कुमार को भी हटाया जाएगा.