नई दिल्लीः लोग अक्सर कहते हैं कि हाउसवाइफ का बिजनेस सफल नहीं होता. कई लोगों का मानना है कि गृहिणी बनने के बाद महिला की नई पहचान नहीं बन सकती. लेकिन दिल्ली की रुचि अग्निहोत्री ने इस बात को गलत साबित कर दिखाया है.
रुचि ने करीब 5 साल पहले हाथों से कपड़े बनाने शुरू किए थे. सिलाई, कढ़ाई और बुनाई का उनका यह हुनर धीरे-धीरे बड़े कारोबार में बदल गया. आज उनका टर्नओवर 10 लाख रुपये तक पहुंच चुका है. उनके बनाए कपड़ों का नेटवर्क अब दिल्ली, लखनऊ और यूपी के कई जिलों तक फैल गया है.
हाथों की कढ़ाई से मिली अलग पहचान
रुचि अग्निहोत्री इन दिनों दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में चल रहे साड़ी एक्सपो में आई हुई हैं. एक्सपो में उनका कलेक्शन लोगों को काफी पसंद आ रहा है. उनके कई सूट हाथों-हाथ बिक चुके हैं.
उनके कलेक्शन की खास बात हाथों से बना डोरी वाला सूट है. यह देखने में बेहद खूबसूरत है. इसकी कीमत 12,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक है. इसके अलावा पिस्ता ग्रीन और पिस्ता-ब्राउन रंग के कॉटन सूट भी काफी पसंद किए जा रहे हैं. इन सूटों को शादी-पार्टी से लेकर ऑफिस तक आसानी से पहना जा सकता है.
रुचि अपने कपड़ों में मशीन का बहुत कम इस्तेमाल करती हैं. वे ज्यादातर काम हाथों की कढ़ाई और सिलाई से ही करती हैं. यही वजह है कि उनके सूटों की डिमांड पूरे देश में है. इसी खासियत के बल पर उन्होंने खुद को फैशन बिजनेस में मजबूती से स्थापित किया है.
लखनऊ से दिल्ली तक का सफर
रुचि अग्निहोत्री मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली हैं. अब उन्होंने दिल्ली के महरौली में अपना खुद का शोरूम खोल लिया है. शोरूम होने की वजह से वे दिल्ली में आयोजित होने वाले बड़े एक्सपो में आसानी से हिस्सा ले पाती हैं.
परिवार का मिला पूरा सपोर्ट
रुचि को शुरुआत से ही सिलाई और कढ़ाई में दिलचस्पी थी. वे पहले सिर्फ एक हाउसवाइफ थीं और उन्होंने कभी कोई नौकरी नहीं की थी. उनके बच्चे अभी छोटे हैं. वे 10 से 5 की रेगुलर नौकरी नहीं कर सकती थीं, क्योंकि इससे बच्चों को समय देना मुश्किल हो जाता.
इसलिए उन्होंने घर से ही खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. उन्होंने अपनी कला का सही इस्तेमाल किया और हाथों से सूट बनाना शुरू कर दिया.
नए उद्यमियों के लिए सलाह
रुचि का मानना है कि जिसके अंदर कला है, वह आसानी से अपना बिजनेस शुरू कर सकता है. उनका कहना है कि पहले कुछ सैंपल पीस बनाएं. फिर उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचने की कोशिश करें. जब लोगों को काम पसंद आएगा और डिमांड बढ़ेगी, तो आपका बिजनेस अपने आप चल निकलेगा.