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Dholpur Ground Report: धौलपुर शहर के हुंडावाल रोड और आसपास की कॉलोनियों (वार्ड 7, 8, 9) में सीवर लाइन और नाले ब्लॉक होने से जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है. सड़कों पर गंदा पानी जमा होने से राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी हो रही है. अधूरे और टूटे नालों के कारण हादसे हो रहे हैं. घरों के आसपास पानी भरने से नींव कमजोर होने और बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है. 4 साल से परेशान लोग नगर परिषद और प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ. अब लोगों ने जल्द से जल्द जल निकासी की मांग की है.
Dholpur: राजस्थान के धौलपुर शहर स्थित हुंडावाल रोड पर जलभराव की समस्या अब स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है. यहां की कई कॉलोनियों, विशेषकर वार्ड 7, 8 और 9 में रहने वाले हजारों लोग पिछले कई सालों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं. सीवर लाइन जाम होने और नालों के ब्लॉक हो जाने के कारण पूरी सड़क पर गंदा और बदबूदार पानी जमा रहता है. इस जलभराव के कारण न केवल राहगीरों बल्कि बच्चों और बुजुर्गों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्कूली बच्चों को कई बार इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, और जब पानी ज्यादा भर जाता है तो बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते.
सड़क पर भरा यह गंदा पानी सिर्फ परेशानी ही नहीं, बल्कि बड़े हादसों को भी न्योता दे रहा है. स्थानीय निवासी कल्याण सिंह ने बताया कि हुंडावाल रोड पर नाले के कई फेरो कवर टूटकर नीचे धंस चुके हैं. इसी वजह से उन्हें खुद अपनी स्कूटी के साथ वहां गिरकर चोटिल होना पड़ा. पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क किसी खतरे से कम नहीं है. एक अन्य निवासी बंटी बघेल ने जानकारी दी कि कई जगह नाले का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है. सीवर और नाले पूरी तरह ब्लॉक होने की वजह से गंदा पानी सड़क पर बहता है. अधूरे और धंसे हुए नालों के कारण अक्सर बाइक सवार गिर जाते हैं, और स्कूली वाहनों को भी निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है.
मकान की नींव कमजोर होने और बीमारियों का डर
जलभराव का यह संकट लोगों के घरों तक पहुंच गया है. स्थानीय निवासी रामेश्वर ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके घर के चारों तरफ गंदा पानी जमा रहता है. बरसात के मौसम में तो घर के सामने लगभग 4 फीट तक पानी भर जाता है. सालों से लगातार पानी भरे रहने के कारण अब मकान की नींव कमजोर होने लगी है और कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का डर सता रहा है. इसके अलावा, गंदे पानी के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियां फैलने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है. रामेश्वर का कहना है कि यह समस्या करीब 4 साल पुरानी है और उनके परिवार के सदस्य नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं.
प्रशासनिक लापरवाही से आक्रोश, समाधान की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद और जिला प्रशासन से इस गंभीर समस्या की शिकायत की, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. अधूरे नालों के कारण हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है. हाल ही में एक बच्ची खेलते समय नाले में गिर गई थी, गनीमत रही कि परिवार के लोग पास थे और उसे तुरंत बाहर निकाल लिया गया. स्थानीय निवासियों ने अब प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जल्द से जल्द सीवर और नालों की सफाई कराई जाए, अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को पूरा किया जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए ताकि लोगों को इस नारकीय जीवन से हमेशा के लिए राहत मिल सके.