Metro Platform Rule : मेट्रो स्टेशन पर टॉयलेट के लिए वसूलते हैं पैसा, आपको देना चाहिए या नहीं

Metro Platform Rule : मेट्रो स्टेशन पर टॉयलेट के लिए वसूलते हैं पैसा, आपको देना चाहिए या नहीं


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Metro Platform Rule : दिल्ली-एनसीआर के मेट्रो में तो आपने भी सफर किया होगा. स्टेशन पर टॉयलेट यूज करने के लिए आपको पैसों का भी भुगतान करना पड़ता है, लेकिन क्या आपको यह पता है कि मेट्रो के नियमों में इस वसूली का प्रावधान किया गया है अथवा नहीं. अगली बार टॉयलेट यूज करने से पहले इस नियम को अच्छी तरह जान लेना बेहतर होगा.

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मेट्रो स्टेशन पर टॉयलेट यूज करने पर 5 या 10 रुपये देने पड़ते हैं.

नई दिल्ली. मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरु, लखनऊ, आगरा, नोएडा, गाजियाबाद सहित देश के तमाम शहरों में अब मेट्रो की सुविधा शुरू हो गई है. इससे शहर के बीच कनेक्टिवटी काफी आसान और सुविधाजनक बन गई है. लेकिन, एक चीज पर आपका ध्यान शायद अभी नहीं गया होगा कि मेट्रो स्टेशन पर टॉयलेट यूज करने के लिए पैसे वसूलने का नियम है भी या नहीं. आपने भी देखा होगा कि मेट्रो पर टॉयलेट यूज करने पर यात्रियों को 5 रुपये या 10 रुपये का भुगतान करना पड़ता है. लेकिन, यह जानते कि क्या मेट्रो के नियमों में यह पैसा वसूलने का प्रावधान है भी या नहीं.

साल 2023 में देश की संसद में भी यह सवाल उठाया जा चुका है. इसमें सवाल पूछा गया था कि जब यात्री मेट्रो टिकट के लिए पूरा पैसा पहले ही दे चुका है तो फिर स्टेशन पर टॉयलेट यूज करने के बदले उससे पैसे क्यों वसूले जाते हैं. इस सवाल के जवाब में सरकार ने जो दलील दी, उससे यात्रियों का सारा कंफ्यूजन दूर हो गया. लिहाजा आप भी मेट्रो स्टेशन पर टॉयलेट यूज करने से पहले यह नियम जरूर जान लें कि वहां पैसे मांगने का कानूनी प्रावधान है भी या नहीं.

क्या कहता है मेट्रो से जुड़ा कानून
दिल्ली हो या अन्य किसी शहर का मेट्रो स्टेशन, उससे जुड़े प्रावधानों में पहले से ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध कराई जाने वाली टॉयलेट सुविधा प्राइवेट एजेंसियों के जरिये आती है. लिहाजा यात्रियों को इस सुविधा के इस्तेमाल के लिए जरूरी भुगतान करना होगा. मेट्रो का यह नियम स्पष्ट कहता है कि यात्रियों से टॉयलेट जैसी सुविधा के लिए वसूला जाने वाला पैसा पूरी तरह वैध है और इसके लिए भुगतान करना ही पड़ेगा.

हाईकोर्ट में दिया था हलफनामा
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी डीएमआरसी ने भी हाईकोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि मेट्रो स्टेशनों पर टॉयलेट जैसी सुविधा सुलभ इंटरनेशनल सहित अन्य प्राइवेट एजेंसियों के जरिये उपलब्ध कराई जाती है. लिहाजा यात्रियों को इस सुविधा के लिए मामूली रकम का भुगतान करना पड़ेगा. इन पैसों से स्टेशन पर टॉयलेट की साफ-सफाई की जाती है. डीएमआरसी ने भी क्लीयर किया है कि यात्रियों को मुफ्त टॉयलेट उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान नहीं है, उन्हें मामूली शुल्क के साथ यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है.



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