Agency:एजेंसियां
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका और इजरायल को जमकर सुनाया. ट्रंप के घर में पहुंच कर उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि ईरान आतंकवादी नहीं, बल्कि आतंकवाद और हमलों का शिकार है. उन्होंने ईरान की रक्षा क्षमता मजबूत करने को जरूरी बताया. पेजेश्कियन ने कहा कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन धमकी की भाषा स्वीकार नहीं करेगा.
मसूद पेजेश्कियन.
Iran In UNGA: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि ईरान आतंकवादी नहीं है, बल्कि खुद आतंकवाद और हमलों का शिकार रहा है. पेजेश्कियन ने साफ कहा कि अपने देश की रक्षा क्षमता मजबूत करना ईरान की आजादी और सुरक्षा के लिए जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन धमकी की भाषा स्वीकार नहीं करेगा. पेजेश्कियन ने अपने संबोधन में ईरान पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें स्कूलों, खेल मैदानों, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों, पुलों और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को निशाना बनाया गया. उन्होंने लामर्द के एक स्पोर्ट्स हॉल का भी जिक्र किया, जहां बच्चे और युवा अलग-अलग गतिविधियों के लिए जुटते थे. उनके मुताबिक, इस जगह पर हुए हमले में आम लोगों को निशाना बनाया गया. ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ये हमले अमेरिकी और इजरायली हथियारों से किए गए. उन्होंने कहा कि जो लोग खुद आतंकवाद करते हैं और आतंकवादियों को प्रशिक्षण देते हैं, वही ईरान को आतंकवादी बताते हैं, जबकि उनका देश सिर्फ अपनी रक्षा कर रहा है.
UN में बच्चों की तस्वीरें दिखाईं
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के मुताबिक, पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और दक्षिणी ईरान के मीनाब के उन स्कूली बच्चों की तस्वीरें भी दिखाईं, जिनके बारे में ईरान का कहना है कि वे अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने लामर्द में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर ईरानी बच्चों को निशाना बनाया.
‘ईरान ने किसी देश पर हमला नहीं किया’
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पेजेश्कियन ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य पर युद्ध थोपा गया है और ईरान अपनी रक्षा करना कभी बंद नहीं करेगा. हालांकि उन्होंने साथ ही बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात भी कही. ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान ने पिछले 200 वर्षों में किसी दूसरे देश पर हमला या आक्रमण नहीं किया है. उन्होंने कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा. पेजेश्कियन ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम का भी बचाव किया. उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा.
ट्रंप की धमकी वाली भाषा पर भी निशाना
पेजेश्कियन ने अमेरिका पर ईरान के जलमार्गों को बंद करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इन रास्तों का इस्तेमाल आपूर्ति के लिए किया जाता है और अमेरिका उन्हें अपने उद्देश्यों के लिए नियंत्रित करना चाहता है. उन्होंने कहा कि बम और आक्रामकता के जरिए प्रतिरोध को खत्म नहीं किया जा सकता. पेजेश्कियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए भाषण का भी जिक्र किया और कहा कि उसमें बल प्रयोग की भाषा से साफ है कि अमेरिका अभी भी धमकियों के रास्ते पर है.