दुनिया के 5 क्रिकेटर… जिन्होंने सबसे लंबे समय तक खेला वनडे क्रिकेट
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5 cricketers Longest ODI Career: वनडे क्रिकेट के इतिहास में दो दशकों से भी अधिक समय तक देश का प्रतिनिधित्व करना केवल आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि अनुशासन, फिटनेस और क्रिकेट के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है. ब्रेंडन टेलर, सचिन तेंदुलकर, सनथ जयसूर्या, जावेद मियांदाद और सीन विलियम्स जैसे दिग्गजों ने बदलते दौर के साथ खुद को ढालकर मैदान पर अपनी अमिट छाप छोड़ी. इन खिलाड़ियों का सफर यह साबित करता है कि लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर टिके रहना एक महान कला है.
वनडे में सबसे ज्यादा समय बिताने वाले दुनिया के 5 क्रिकेटर्स की लिस्ट.
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर किसी खिलाड़ी की जर्नी कितनी लंबी हो सकती है? एक दशक या शायद डेढ़ दशक? लेकिन क्रिकेट के वनडे फॉर्मेट में कुछ ऐसे योद्धा भी रहे हैं, जिन्होंने दो दशकों से भी अधिक समय तक अपनी नेशनल टीम की जर्सी पहनकर मैदान पर पसीना बहाया है. इन खिलाड़ियों का करियर महज आंकड़ों की गिनती नहीं, बल्कि बदलते दौर, बदलती तकनीकों और पीढ़ी-दर-पीढ़ी क्रिकेट के विकास की एक ऐतिहासिक कहानी है.
वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे लंबे करियर की जब बात आती है, तो जिम्बाब्वे के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर (Brendan Taylor) का नाम सबसे ऊपर चमकता है. ब्रेंडन टेलर ने 20 अप्रैल 2004 को बेहद कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था. इसके बाद उन्होंने 20 सितंबर 2026 तक यानी 22 साल और 153 दिनों के अपने अविश्वसनीय लंबे सफर में ज़िम्बाब्वे क्रिकेट की हर हार और जीत को करीब से देखा. अपने 210 वनडे मैचों के करियर के दौरान वे कई बार अपनी टीम के संकटमोचक बने और ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरे.
दो दशकों तक उम्मीदों का बोझ ढोते रहे सचिन तेंदुलकर
वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट सबसे ज्यादा समय तक खेलने वालों में दूसरे नंबर पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले भारत के सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का नाम दर्ज है. सचिन ने 18 दिसंबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था और 18 मार्च 2012 को अपना आखिरी मुकाबला खेला. सचिन का करियर 22 साल और 91 दिनों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 463 वनडे मुकाबले खेले. जब सचिन ने शुरुआत की थी, तब रंगीन कपड़ों का दौर नया था और जब उन्होंने संन्यास लिया, तब तक टी20 का वर्चस्व बन चुका था. दो दशकों से अधिक समय तक एक देश की उम्मीदों का बोझ अपने कंधों पर उठाकर खेलना सचिन के जुझारूपन की अनूठी मिसाल है.
बल्लेबाजी का अंदाज बदलने वाले मास्टर सनथ जयसूर्या
इस लिस्ट में अगला बड़ा नाम श्रीलंका के आक्रामक सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuria) का है. 26 दिसंबर 1989 को वनडे में अपनी शुरुआत करने वाले जयसूर्या ने 28 जून 2011 को अपना अंतिम वनडे खेला. उनका यह सफर 21 साल और 184 दिनों का रहा, जिसमें उन्होंने 445 मैच खेले. जयसूर्या ने 1996 के विश्व कप में शुरुआती ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी का नया तरीका पेश किया था, जिसने हमेशा के लिए वनडे क्रिकेट के खेलने के तरीके को बदल दिया.
छह विश्व कप खेलने वाले जावेद मियांदाद के नाम
इस फेहरिस्त में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जावेद मियांदाद (Javed Miandad) का नाम भी बहुत सम्मान के साथ लिया जाता है. मियांदाद ने 11 जून 1975 को क्रिकेट के शुरुआती दौर में अपना पहला वनडे खेला था और 9 मार्च 1996 को इस फॉर्मेट को अलविदा कहा. 20 साल और 272 दिनों के इस करियर में उन्होंने कुल 233 वनडे मैच खेले. वे 1975 से लेकर 1996 तक छह विश्व कप खेलने वाले दुनिया के गिने-चुने खिलाड़ियों में शामिल हैं.
जिम्बाब्वे के भरोसेमंद बल्लेबाज सीन विलियम्स
इसी तरह जिम्बाब्वे के ही ऑलराउंडर सीन विलियम्स (Sean Williams) भी उन चुनिंदा दिग्गजों की सूची में जगह बनाते हैं, जिनका वनडे सफर दो दशकों की सीमा को लांघ गया. सीन विलियम्स ने 25 फरवरी 2005 को अपना पदार्पण किया था और 31 अगस्त 2025 तक देश का प्रतिनिधित्व करते हुए 20 साल और 187 दिनों का वक्त मैदान पर बिताया. अपने इस करियर में उन्होंने 164 मैच खेले और ज़िम्बाब्वे के लिए बल्ले व गेंद दोनों से लगातार योगदान दिया.