Gurugram Hit and Run Case

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गुरुग्राम के हिट एंड रन मामले में आरोपी कल्याण बैसला के समर्थन में हरियाणा के पलवल में एक बड़ी महापंचायत का ऐलान किया गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टर के मुताबिक, कल यानी 18 सितंबर को पलवल के कुसलीपुर स्थित गुर्जर धर्मशाला में इस महापंचायत का आयोजन किया जाएगा. पोस्टर के जरिए क्षेत्रवासियों और 36 बिरादरी के लोगों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की गई है. इस आयोजन के बाद मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं.

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कल्याण बैसला के समर्थन में पलवल में बुलाई गई महापंचायत.

पलवल/गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम का हिट एंड रन (Hit & Run) केस लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. एक तरफ जहां पुलिस इस मामले में लगातार नए खुलासे कर रही है और आरोपी की हर मूवमेंट की टाइमलाइन खंगाल रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य आरोपी कल्याण बैसला के समर्थन में लामबंदी भी शुरू हो गई है. आरोपी के समर्थन में हरियाणा के पलवल जिले में एक बड़ी महापंचायत बुलाए जाने का आधिकारिक ऐलान किया गया है, जिसके बाद से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है.

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक पोस्टर के माध्यम से इस महापंचायत की जानकारी सामने आई है. तय कार्यक्रम के अनुसार, कल यानी 18 सितंबर को पलवल के कुसलीपुर स्थित गुर्जर धर्मशाला में इस महापंचायत का आयोजन किया जाएगा. इस आयोजन को लेकर इलाके में सुगबुगाहट तेज हो गई है और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. वायरल पोस्टर में इसे पूरी तरह से कल्याण बैसला के समर्थन में बुलाई गई महापंचायत बताया गया है.

36 बिरादरी और क्षेत्रवासियों से जुटने की अपील
महापंचायत के लिए जारी किए गए इस प्रचार पोस्टर में आयोजकों की ओर से तमाम क्षेत्रवासियों के साथ-साथ ’36 बिरादरी’ के लोगों से भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की गई है. पोस्टर में लिखा गया है कि सभी लोग अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं. सोशल मीडिया पर यह पोस्टर वायरल होने के बाद पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है.

प्रशासन हुआ सतर्क, कानून-व्यवस्था पर है नजर
एक तरफ पुलिस क्लब पार्टी और हादसे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह महापंचायत के ऐलान ने स्थिति को संवेदनशील बना दिया है. संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. अधिकारी इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि महापंचायत में क्या रुख अपनाया जाता है और आगे क्या रणनीति तय होती है.



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